सिद्ध श्री शिंगणापुर शनि धाम के 18वें स्थापना दिवस का शुभारंभ, शनि जयंती पर 5100 दीपों से जगमगाएगा मंदिर

खबर सार :-
मंदिर में शनि जयंती और स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में विशेष धार्मिक आयोजनों की श्रृंखला शुरू हो चुकी है, जो 16 मई तक जारी रहेगी। महाआरती के बाद भक्तों को श्री शनिदेव के अभिमंत्रित सिद्ध शनि छल्ले आशीर्वाद स्वरूप प्रदान किए जाएंगे। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है।

सिद्ध श्री शिंगणापुर शनि धाम के 18वें स्थापना दिवस का शुभारंभ, शनि जयंती पर 5100 दीपों से जगमगाएगा मंदिर
खबर विस्तार : -

श्री गंगानगरः हनुमानगढ़ रोड स्थित जैन कॉलेज के नजदीक सिद्ध श्री शिंगणापुर शनि धाम, दक्षिण मुखी श्री बालाजी एवं नवग्रह मंदिर के 18वें स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ गुरुवार सुबह श्रद्धा, भक्ति और वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। मंदिर परिसर में आयोजित हवन-यज्ञ और धार्मिक अनुष्ठानों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। 

विशेष रूप से सजाया गया मंदिर

इससे पूर्व भगवान शनिदेव महाराज का सवामन पंचामृत से महास्नान कराया गया। पूरे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुए इस महाअभिषेक ने मंदिर परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर दिया। श्रद्धालुओं ने जयकारों और भक्ति गीतों के बीच शनिदेव महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

मंदिर संचालक पवन भार्गव ने बताया कि पंचामृत अभिषेक के लिए विशेष सामग्री का उपयोग किया गया, जिसमें 31 लीटर दूध, 10 किलो दही, 5 किलो शक्कर, 5 किलो घी सहित अन्य पूजन सामग्रियां शामिल थीं। विद्वान पंडितों द्वारा सस्वर मंत्रोच्चारण के बीच जब कर्मफल दाता शनिदेव का अभिषेक हुआ तो मंदिर परिसर पूरी तरह भक्तिमय माहौल में डूब गया। स्थापना दिवस और शनि जयंती के अवसर पर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया है। मंदिर में स्थापित गजवाहन पर विराजमान शनिदेव महाराज, दक्षिण मुखी बालाजी और नवग्रहों की प्रतिमाओं का आकर्षक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

गुरुवार सुबह 8:15 बजे आयोजित हवन-यज्ञ में यजमानों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुतियां देकर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। धार्मिक आयोजनों की अगली कड़ी में गुरुवार शाम 6:30 बजे ध्वजा पूजन तथा श्री शनिदेव महाराज, दक्षिण मुखी बालाजी और नवग्रहों की प्रतिमाओं की विधिवत पूजा-अर्चना की जाएगी। इसके साथ ही श्री शनि शिला पर अखंड तेल धारा और संगीतमय “ॐ श्री शनि देवाय नमः” जाप का शुभारंभ होगा, जो 16 मई की देर रात तक निरंतर जारी रहेगा।

मंदिर प्रशासन के अनुसार प्रतिदिन सुबह-शाम बाबा को फलों की सवामनी और इमरती का भोग लगाया जाएगा। इसके बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा तथा अटूट भंडारे का आयोजन भी होगा। आयोजन को सफल बनाने के लिए करीब 50 से अधिक सेवादारों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इनमें भगवानाराम, सोहन लाल भार्गव, अनुज भार्गव, सोनू सिंह, विकास शर्मा, आकाश बतरा, मनोज गोयल, रघुनाथ, राजेश कुमार, योगीराज, दिनेश गर्ग और श्यामसुंदर सहित कई कार्यकर्ता शामिल हैं।

शनि जयंती पर बन रहा विशेष महासंयोग

मंदिर के पुजारी प्रदीप भार्गव ने बताया कि इस वर्ष 16 मई को शनि जयंती शनिवार के दिन विशेष महासंयोग में मनाई जाएगी। पिछले 20 वर्षों में यह चौथा अवसर है जब शनि जयंती शनिवार को पड़ रही है। उन्होंने बताया कि करीब 13 वर्षों बाद बन रहे इस विशेष संयोग का ज्योतिषीय दृष्टि से अत्यंत शुभ प्रभाव माना जा रहा है। विशेष रूप से शनि साढ़ेसाती से प्रभावित कुंभ, मीन और मेष राशि के जातकों के लिए यह दिन पूजा-अर्चना और उपायों के लिए अत्यंत फलदायी रहेगा। मान्यता है कि इस दिन शनिदेव की विशेष आराधना करने से जीवन में सुख-समृद्धि, धन और करियर में लाभ प्राप्त होता है।

5100 दीपों से रोशन होगा शिंगणापुर शनि धाम

पुजारी प्रदीप भार्गव ने बताया कि 16 मई को शनि जयंती के मुख्य आयोजन के तहत शाम 7:15 बजे 5100 दीपों से भव्य महाआरती आयोजित की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का मुख्य केंद्र रहेगी। इस दौरान बाबा को सवामन पंचमेवा का भोग लगाया जाएगा और श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया जाएगा। 

अन्य प्रमुख खबरें