नाले की जमीन पर कब्जे के आरोप में कॉलोनी की एनओसी निरस्त, जेडीए को भेजी गई सूचना

खबर सार :-
झांसी मेट्रोपॉलिटन इलाके में ज़मीन माफ़िया द्वारा सरकारी ज़मीन पर किए गए अवैध कब्ज़े को लेकर प्रशासन और नगर निगम ने अब सख़्त रुख़ अपनाया है, और ऐसे माफ़िया तथा कब्ज़े वाली ज़मीनों की जाँच-पड़ताल की जा रही है।
नाले की जमीन पर कब्जे के आरोप में कॉलोनी की एनओसी निरस्त, जेडीए को भेजी गई सूचना
खबर विस्तार : -

झांसी: महानगर में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन और नगर निगम ने सख्त रुख अपनाना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में झांसी-ललितपुर रोड पर हंसारी क्षेत्र के आगे स्थित एक कॉलोनी पर नाले की सरकारी भूमि पर कब्जा करने के आरोपों के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। नगर निगम ने कॉलोनी को जारी अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) निरस्त कर दिया है और इसकी सूचना झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) को भी भेज दी है। इस कार्रवाई के बाद कॉलोनी के स्वीकृत मानचित्र पर भी संकट के बादल मंडराने लगे हैं।

स्थानीय लोगों को परेशानी

जानकारी के अनुसार स्थानीय पार्षद राखी सिंह परिहार ने नगर निगम को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि संबंधित कॉलोनी द्वारा सरकारी नाले की भूमि पर अतिक्रमण किया गया है। उनका कहना था कि नाले की प्राकृतिक जल निकासी बाधित होने से क्षेत्र में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो रही है। विशेष रूप से हंसारी पावर हाउस क्षेत्र में बरसात के दौरान पानी भरने की स्थिति बनने लगी है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

शिकायत मिलने के बाद नगर निगम ने मामले की जांच कराते हुए संबंधित भूमि की पैमाइश कराई। जांच के दौरान नाले की भूमि पर अवैध कब्जे की पुष्टि होने की बात सामने आई। इसके बाद नगर निगम ने सितंबर 2024 में कॉलोनी संचालक को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने को कहा था। साथ ही चेतावनी भी दी गई थी कि संतोषजनक जवाब न मिलने की स्थिति में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी और उस पर होने वाले खर्च की वसूली भी संबंधित पक्ष से की जाएगी।

निरस्त की गई एनओसी

नगर निगम के अनुसार निर्धारित समयावधि में कोई जवाब प्राप्त न होने पर दूसरा और अंतिम नोटिस भी जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद कॉलोनाइजर की ओर से कोई उत्तर प्रस्तुत नहीं किया गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर निगम ने कॉलोनी को प्रदान की गई एनओसी निरस्त कर दी।

नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने बताया कि नाले की भूमि पर कब्जे की पुष्टि पैमाइश में हुई थी। संबंधित पक्ष को दो बार नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया, लेकिन कोई जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इसलिए नियमानुसार एनओसी निरस्त करने की कार्रवाई की गई है तथा झांसी विकास प्राधिकरण को भी इसकी जानकारी भेज दी गई है।

नगर निगम की इस कार्रवाई को अवैध अतिक्रमण और भू-माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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