Delhi NCR Weather Update : 100 KM की रफ्तार से आई खौफनाक आंधी, आसमान में छाया अंधेरा, मौसम विभाग ने जारी किया रेड अलर्ट!
खबर सार :-
Delhi NCR Weather Update : दिल्ली-एनसीआर में अचानक बदले मौसम से मचा हड़कंप! 100 किमी/घंटे की रफ्तार से आई आंधी और बारिश को लेकर आईएमडी ने जारी किया 3 घंटे का रेड अलर्ट। जानिए अपने शहर का हाल।
खबर विस्तार : -
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली और उससे सटे पूरे राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में मंगलवार की दोपहर कुदरत का एक ऐसा रूप देखने को मिला, जिसने हर किसी को हैरान और परेशान कर दिया। पिछले कई हफ़्तों से भीषण और रिकॉर्डतोड़ गर्मी की मार झेल रहे लोगों को यह अंदाजा भी नहीं था कि दोपहर होते-होते मौसम इस कदर रौद्र रूप अख्तियार कर लेगा। दोपहर के करीब दो से ढाई बजे के बीच अचानक आसमान का रंग बदलने लगा और देखते ही देखते चारों तरफ धूल का एक ऐसा खौफनाक गुबार उठा कि दिन में ही रात जैसा नजारा हो गया। मौसम के इस अचानक बदले मिजाज के तुरंत बाद भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बेहद गंभीर स्थिति को देखते हुए अगले तीन घंटों के लिए आपातकालीन रेड अलर्ट (Red Alert) घोषित कर दिया।
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस बार जो मौसमी बदलाव देखा गया है, वह बेहद अप्रत्याशित और तीव्र है। दोपहर करीब 2:30 बजे मौसम विभाग ने दिल्ली के साथ-साथ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों के लिए एक के बाद एक तात्कालिक चेतावनियां जारी कीं। इस चेतावनी के कुछ ही मिनटों के भीतर पूरे दिल्ली-एनसीआर में हवा की रफ्तार इतनी तेज हो गई कि सड़कों पर चल रहे वाहनों के पहिए थम गए। धूल भरी आंधी (Dust Storm) इतनी भयानक थी कि खुले मैदानों, बड़ी सड़कों और रिहायशी सोसायटियों में विजिबिलिटी यानी दृश्यता घटकर शून्य के करीब पहुंच गई। गाड़ियों को दिन के उजाले में भी अपनी हेडलाइट्स जलानी पड़ीं।
आसमान में धूल का समंदर और थमी रफ्तार
मौसम विभाग की मानें तो इस पूरे मौसमी उथल-पुथल की मुख्य वजह वातावरण में अचानक पैदा हुई भारी अस्थिरता है। पिछले कई दिनों से चल रही लू और अत्यधिक तापमान के कारण जमीन पूरी तरह तप चुकी थी। इसी बीच बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से आने वाली नमी से भरी हवाओं का मेल इस गर्म वातावरण से हो गया। इस टकराव के कारण वायुमंडल में बहुत कम समय में भारी उथल-पुथल मची और एक भयंकर आंधी का रूप ले लिया। विशेषज्ञों का अनुमान है कि एनसीआर के कुछ सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हवाओं की रफ्तार 100 किलोमीटर प्रति घंटे के डरावने आंकड़े को भी छू सकती है। इतनी तेज रफ्तार हवाओं में कमजोर निर्माण कार्य, होर्डिंग्स और पेड़ों के उखड़ने का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
पड़ोसी राज्यों में हाहाकार, प्रशासन हुआ मुस्तैद
यह संकट केवल दिल्ली की सीमाओं तक ही सीमित नहीं है। मौसम विभाग ने दिल्ली के पड़ोसी राज्यों में भी भारी तबाही की आशंका जताई है। हरियाणा के कई प्रमुख जिले जैसे सोनीपत (Sonipat), रोहतक (Rohtak), खरखौदा (Kharkhoda), भिवानी (Bhiwani) और चरखी दादरी (Charkhi Dadri) इस समय मौसम के सीधे निशाने पर हैं। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों में भी हाहाकार जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां बागपत (Baghpat), खेकड़ा (Khekra), पिलखुआ (Pilkhuwa) और सिकंदराबाद (Sikandrabad) को हाई अलर्ट पर रखा गया है। राजस्थान के भी कई हिस्सा इस मौसमी मार से अछूते नहीं हैं; अलवर (Alwar), भिवाड़ी (Bhiwadi), tiजारा (Tijara) और डीग (Deeg) में प्रशासन को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
आफत के बीच राहत: तापमान में भारी गिरावट
इस जानलेवा आंधी के तुरंत बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश (Rainfall) का सिलसिला भी शुरू हो गया। हालांकि, तेज हवाओं और बिजली गिरने (Lightning) की घटनाओं ने लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इस बारिश ने पिछले कई दिनों से पड़ रही असहनीय गर्मी से लोगों को एक बड़ी और तात्कालिक राहत भी दी है। बारिश की वजह से हवा में तैरते धूल के महीन कण नीचे बैठ रहे हैं, जिससे वायु प्रदूषण के स्तर में भी अचानक भारी सुधार दर्ज किया गया है। तापमान में भी अचानक कई डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे झुलसाने वाली गर्मी से तड़प रहे लोगों ने राहत की सांस ली है।
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, दिल्ली और एनसीआर के अधिकांश हिस्सों में शाम तक 50 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से हवाएं चलती रहेंगी। इसके साथ ही कई जगहों पर हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश दर्ज की जाएगी। कुछ संवेदनशील इलाकों में गरज के साथ भारी बौछारें पड़ने की भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। हालांकि, राहत की बात यह है कि कुदरत का यह गुस्सा बहुत लंबे समय तक टिकने वाला नहीं है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि देर शाम या रात होते-होते मौसम का मिजाज धीरे-धीरे शांत होने लगेगा, आसमान साफ होगा और एक बार फिर से शुष्क परिस्थितियां वापस लौट आएंगी। लेकिन तब तक के लिए प्रशासन ने सभी नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और बेवजह घरों से बाहर न निकलने की सख्त हिदायत दी है।
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