Mahua Moitra Hate Speech Case: महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 5 अक्तूबर तक पुलिस कार्रवाई पर लगाई रोक

खबर सार :-

Mahua Moitra Hate Speech Case: कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल सांसद महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत देते हुए पुलिस को निर्देश दिया है कि वे 5 अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न करें।
Mahua Moitra Hate Speech Case: महुआ मोइत्रा को बड़ी राहत, हाईकोर्ट ने 5 अक्तूबर तक पुलिस कार्रवाई पर लगाई रोक

खबर विस्तार : -

Mahua Moitra Hate Speech Case: कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) ने कथित 'हेट स्पीच' मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा को अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने 5 अक्टूबर तक उनके खिलाफ पुलिस की किसी भी सख्त कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मंगलवार को कलकत्ता हाई कोर्ट की सिंगल-जज बेंच ने पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की कृष्णानगर सीट से तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद महुआ मोइत्रा को पुलिस की सख्त कार्रवाई (गिरफ्तारी सहित) से अंतरिम सुरक्षा दी। उन पर ऐसे बयान देने का आरोप है जिनसे सार्वजनिक हिंसा भड़की। 

कलकत्ता हाई कोर्ट ने क्या कहा-

कलकत्ता हाई कोर्ट (Calcutta High Court) की सिंगल जज बेंच ने कहा कि यह सुरक्षा इस शर्त पर है कि मोइत्रा जांच के दौरान पुलिस का पूरा सहयोग करें। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया कि अगर वह सहयोग करने से इनकार करती हैं तो कोर्ट को सूचित करें। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि मोइत्रा पर लगे आरोपों में सात साल तक की जेल की सजा हो सकती है; इसलिए, पुलिस अपनी जांच जारी रख सकती है, लेकिन 5 अक्टूबर तक उनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं कर सकती।

नोटिस मिलने के बावजूद पेश नहीं हुईं महुआ

दरअसल राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे एडवोकेट जनरल एस.एन. मुखर्जी ने कोर्ट को बताया कि मोइत्रा को चार बार नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन वह अपने व्यस्त संसदीय कार्यक्रम का हवाला देते हुए पूछताछ के लिए पेश नहीं हुईं। मुखर्जी ने कोर्ट से कहा, "सांसद को पहले भी बुलाया गया था। नोटिस मिलने के बावजूद, वह पेश नहीं हुईं।" दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद, जस्टिस भट्टाचार्य ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा 5 अक्टूबर तक लागू रहेगी, लेकिन अगर मोइत्रा सहयोग नहीं करती हैं तो राज्य को कोर्ट को सूचित करना होगा।

महुआ मोइत्रा के वकील का तर्क 

सुनवाई के दौरान, मोइत्रा के वकील ने तर्क दिया कि पुलिस ने उन्हें अंडे फेंकने की घटना पर उनकी प्रतिक्रिया के संबंध में बुलाया था; इसलिए, उन्हें पुलिस के साथ वर्चुअली (ऑनलाइन) बातचीत करने की अनुमति दी जानी चाहिए। जस्टिस भट्टाचार्य ने कहा कि पुलिस को यह सुनिश्चित करना होगा कि जब वह पुलिस स्टेशन आएं तो कोई अप्रिय स्थिति पैदा न हो।

महुआ मोइत्रा के वकील अयान भट्टाचार्य ने कोर्ट को बताया कि सांसद अभी दिल्ली में हैं और संसद का मॉनसून सत्र 13 अगस्त तक चलेगा। इसलिए, ज़रूरत पड़ने पर वह 13 अगस्त तक वर्चुअल तरीके से जांच में शामिल हो सकती हैं और 14 अगस्त से जांच अधिकारी के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होंगी। दूसरी ओर, राज्य सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल सुरोजित नाथ मित्रा ने याचिका का विरोध किया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि चार नोटिस जारी होने के बावजूद महुआ मोइत्रा जांच अधिकारी के सामने पेश नहीं हुईं।

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