Datia By-election: टिकट नहीं मिलने पर बोले नरोत्तम मिश्रा- ‘पार्टी सर्वोपरि, मरते दम तक भाजपा में रहूंगा’

खबर सार :-

टिकट न मिलने पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "पार्टी से बड़ा कोई नहीं है; मैं अपनी आखिरी सांस तक संगठन के साथ रहूंगा।" उन्होंने साफ़ किया कि टिकट न मिलने को लेकर उन्हें कोई नाराज़गी नहीं है।
Datia By-election: टिकट नहीं मिलने पर बोले नरोत्तम मिश्रा- ‘पार्टी सर्वोपरि, मरते दम तक भाजपा में रहूंगा’

खबर विस्तार : -

भोपालः मध्य प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट नहीं मिलने पर अपनी पहली विस्तृत प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट हैं और संगठन के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में आगे भी पूरी निष्ठा से काम करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि टिकट नहीं मिलने को लेकर उनके मन में किसी प्रकार की नाराजगी या असंतोष नहीं है।

मरते दम तक भाजपा के साथ रहुंगाः नरोत्तम मिश्रा

रविवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि किसी भी चुनाव में टिकट पाने की इच्छा हर कार्यकर्ता की होती है, लेकिन लोकतांत्रिक व्यवस्था और संगठनात्मक प्रक्रिया के तहत पार्टी केवल एक उम्मीदवार को ही मैदान में उतार सकती है। ऐसे में सभी कार्यकर्ताओं का दायित्व है कि वे पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होकर काम करें।

उन्होंने कहा, "चुनाव में टिकट की इच्छा हर कार्यकर्ता रखता है, लेकिन पार्टी जिसे उम्मीदवार बनाती है, उसके समर्थन में पूरी ताकत से काम करना सभी की जिम्मेदारी है। पार्टी ने मुझे जीवन में बहुत सम्मान दिया है। कई बार विधायक बनने का अवसर मिला और विभिन्न जिम्मेदारियां निभाने का मौका भी मिला। मुझे जितना अवसर मिला, वह मेरे लिए पर्याप्त है। मैं पूरी तरह संतुष्ट हूं और मरते दम तक भाजपा में ही रहूंगा।"

दतिया उपचुनाव के संदर्भ में उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से एक बार फिर यह साबित हुआ है कि भारतीय जनता पार्टी में संगठन सर्वोपरि होता है। उन्होंने कहा कि पार्टी का प्रत्येक निर्णय सामूहिक सोच और संगठन के व्यापक हितों को ध्यान में रखकर लिया जाता है, इसलिए हर कार्यकर्ता का कर्तव्य है कि वह नेतृत्व के फैसले का सम्मान करे।

नरोत्तम मिश्रा ने कहा, "भाजपा एक ऐसा संगठन है जो दूरगामी सोच के साथ निर्णय लेता है। मैं पार्टी के निर्णय का पूरी तरह सम्मान करता हूं और आगे भी उसी निष्ठा और समर्पण के साथ संगठन के लिए कार्य करता रहूंगा।"

नामांकन कार्यक्रम में होंगे शामिल

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह भाजपा के अधिकृत उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन कार्यक्रम में स्वयं शामिल होंगे और चुनाव अभियान में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य व्यक्तिगत महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि भाजपा की जीत सुनिश्चित करना है।

उम्मीदवारी नहीं मिलने के पीछे किसी साजिश या आंतरिक राजनीति के सवाल पर भी नरोत्तम मिश्रा ने साफ शब्दों में कहा कि वह इसके लिए किसी को जिम्मेदार नहीं मानते। उन्होंने कहा कि न तो वह संगठन को दोष देंगे और न ही मुख्यमंत्री या किसी अन्य नेता पर कोई आरोप लगाएंगे।

उन्होंने कहा, "मैं किसी पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करूंगा। यदि कहीं कोई कमी रही होगी तो उसे सुधारने का प्रयास करूंगा। राजनीति में आत्मविश्लेषण जरूरी होता है और मैं उसी रास्ते पर चलूंगा।"

कार्यकर्तओं से की अपील

पूर्व मंत्री ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और क्षेत्रीय संयुक्त महासचिव (संगठन) अजय जामवाल की मौजूदगी में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में दतिया उपचुनाव की रणनीति, पार्टी उम्मीदवार आशुतोष तिवारी के नामांकन, चुनाव प्रचार की रूपरेखा और कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

उन्होंने कहा कि भाजपा का लक्ष्य दतिया उपचुनाव में शानदार जीत दर्ज करना है और इसके लिए सभी नेता एवं कार्यकर्ता मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे व्यक्तिगत भावनाओं से ऊपर उठकर संगठन की मजबूती और पार्टी की सफलता को प्राथमिकता दें।

नरोत्तम मिश्रा के इस बयान को भाजपा में संगठनात्मक अनुशासन और नेतृत्व के फैसलों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि पार्टी उनके लिए सर्वोच्च है और भविष्य में भी वह भाजपा के एक समर्पित कार्यकर्ता के रूप में संगठन की मजबूती और चुनावी सफलता के लिए पूरी सक्रियता से योगदान देते रहेंगे।

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