राजेश खन्ना की को-स्टार लैला खान की दर्दनाक कहानी, पूरे परिवार समेत हुई थीं लापता, फार्महाउस से मिले 6 कंकाल

खबर सार :-

बॉलीवुड जगत में कई ऐसी हस्तियां हैं जो अपनी मेहनत के दम पर सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचे हैं। वहीं कुछ ऐसे शख्सियत भी हैं, जिनका सफर काफी कम समय के लिए रहा, लेकिन काफी यादगार रहा। ऐसे ही एक ऐसी अभिनेत्री थीं लैला खान। वो दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपनी भूमिका के लिए जानी जाती थीं।
राजेश खन्ना की को-स्टार लैला खान की दर्दनाक कहानी, पूरे परिवार समेत हुई थीं लापता, फार्महाउस से मिले 6 कंकाल

खबर विस्तार : -

Laila Khan Murder Case: बॉलीवुड की दुनिया में कई ऐसी गुमनाम हस्तियां हैं, जिन्होंने काफी कम समय के लिए सिनेमा में काम किया, लेकिन अपनी छाप हमेशा के लिए छोड़ दी। आज हम एक ऐसी ही शख्सियत की बात करेंगे, जो अभिनेता राजेश खन्ना के साथ अपनी भूमिका के लिए जानी जाती थीं। वो काफी कम समय में ही फेमस हो गईं, लेकिन साल 2011 में वो अपने परिवार के पांच अन्य सदस्यों के साथ अचानक लापता हो गईं। जब पुलिस ने इसकी जांच शुरु की तो ऐसा सच सामने आया, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। 

अचानक इंडस्ट्री से लापता हो गईं लैला

लैला खान का असली नाम रेशमा पटेल था, उन्होंने साल 2008 में फिल्म 'वफ़ा: ए डेडली लव स्टोरी' में दिग्गज अभिनेता राजेश खन्ना के साथ उनकी को-स्टार के रुप में नजर आई थीं, जिसके बाद वो काफी फेमस हो गईं थी, लेकिन साल 2011 में एक्ट्रेस और उनके परिवार के पांच अन्य सदस्य अचानक गायब हो गए। इसके बाद पुलिस ने जांच की, जिसमें हुए खुलासे ने हर किसी को हैरान कर दिया। जांच में पता चला कि एक आलीशान फार्महाउस के नीचे से उनकी सड़ती हुई लाश मिली। उस समय इस अपराध को सबसे खौफनाक सामूहिक हत्या का नाम दिया गया। हिट फिल्म करने के बाद लैला अपनी मां और चार भाई-बहनों के साथ अचानक लापता हो गईं। इस घटना को काफी लंबा समय हो गया है, लेकिन आज भी लोगों में इसका जिक्र सुनने को मिलता है। 

लैला के करियर को पसंद नहीं करता था परवेज

पुलिस की जांच में सामने आया कि इगतपुरी के एक फार्महाउस के नीचे छह कंकाल मिले थे। मिली जानकारी के अनुसार जुर्म का एक कथित मददगार आज भी बाहर स्वतंत्र रुप से घूम रहा है। हाल ही में मुंबई क्राइम ब्रांच के पूर्व अधिकारी अंबादास पोटे ने एक बातचीत के दौरान इस केस के बारे में की अहम बातें बताई।  उन्होंने बताया कि इस पूरे हत्याकांड का मुख्य कारण परिवार के बीच अंदरुनी कलह और लालच थी। लैला खान का पूरा परिवार मुंबई के ओशिवारा इलाके में रहता था। उनकी मां सेलिना ने परवेज टाक नाम के एक व्यक्ति से तीसरी शादी की थी। परवेज को लैला का एक्टिंग करियर पसंद नहीं था, वह नहीं चाहता था कि लैला फिल्मों में काम करें। इसका एक कारण यह भी था कि लैला उसकी बिल्कुल भी इज्जत नहीं करती थी। 

पारिवारिक कलह के कारण बनाई हत्या की योजना

परवेज ने कई बार लैला की मां से इस बात पर नाराजगी जाहिर की, लेकिन उनकी मां हमेशा अपने बच्चों के साथ खड़ी रहती थीं। इस बात की टाक को बहुत खुन्नस रहती थी। इसके बाद जब परिवार की संपत्ति को लेकर बात छिड़ी तो परवेज ने लैला को काम के सिलसिले में दुबई भेजने का दबाव बनाने लगा। इस कारण रिश्तों की कड़वाहट दुश्मनी में तब्दील हो गई। लैला ने उसकी बात मानने से साफ इंकार कर दिया, जिसके बाद उसके सिर पर सबको खत्म करने का खून सवार हो गया और उसने पूरे परिवार की हत्या करने का खौफनाक योजना बना डाली। उसने साजिश के तहत नासिक के इगतपुरी में स्थित परिवार के ही एक फार्महाउस पर अपने पहचान के एक व्यक्ति को पहरेदारी के काम पर लगा दिया।  

लोहे की रॉड और चाकुओं से सभी को मौत के घाट उतारा

इसके बाद उसने लैला की मां और बच्चों को छुट्टियां बिताने के बहाने वहां लेकर गया, लेकिन वहां से कई दिन बीत जाने के बाद भी जब लैला के पहले पिता नादिर शाह को किसी अनहोनी का शक हुआ और उन्होंने सभी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। जांच के दौरान पुलिस को परवेज टाक को एक पहचान पत्र मिला, जिसके बाद शक की सुई परवेज की तरफ मुड़ गई। पुलिस ने उसे कश्मीर से गिरफ्तार कर पूछताछ की तो उसने बताया कि उसने फार्महाउस पर जाने के बाद जब सब लोग रात में गहरी नींद में सो रहे थे तो वॉचमैन के साथ मिलकर उसने सभी को लोहे की रॉड और चाकुओं से गोदकर मौत के घाट उतार दिया। लैला का भाई इमरान गंभीर रुप से घायल होने के बाद भी अपने मां और बहनों को बचाने की कोशिश करता रहा, लेकिन परवेज ने उन पर तब तक वार किया, जब तक कि सभी की सांसे रुक नहीं गई। 

लाशों को जमीन में दफन कर दिया

इसके बाद परवेज ने उनकी गाड़ी ले जाकर जम्मू में लावारिस छोड़ दिया, जिससे सबको यह लगे कि परिवार देश छोड़कर चला गया है। लाशों को छुपाने के लिए उसने एक बड़ा गड्ढा खोदा और उसमें पहले तीन शव रखे और फिर उन्हें गद्दों और तकियों से ढक दिया। इसके बाद बाकी के लाशों को उनके ऊपर रखा और पूरे गड्ढे को मिट्टी से भर दिया। पुलिस जब फार्महाउस पर पहुंची तो उसे गड्ढे वाली जमीन को लेकर शक हुआ, खुदाई करने के बाद जो मंजर सामने आया उसने हर किसी को हैरान कर दिया। साल 2024 में उसे मुंबई की एक सत्र अदालत ने दोषी पाते हुए मौत की सजा सुनाई। हालांकि हत्या में शामिल वॉचमैन आज भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर है।

ये भी पढ़ें: हर्षद चोपड़ा का बड़ा खुलासा, ब्रेकअप के बाद की थी सुसाइड की कोशिश; बोले- गुस्से में काट लिया था हाथ

अन्य प्रमुख खबरें