बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी हॉल में ध्यानमग्न दिखे एक्टर

खबर सार :-

Kartik Aaryan Mahakal Temple Visits : अपनी फ़िल्म चंदू चैंपियन के लिए नेशनल फ़िल्म अवॉर्ड मिलने के बाद, कार्तिक आर्यन सबसे पहले बाबा महाकाल के दर्शन करने पहुंचे। एक्टर अपने माता-पिता के साथ उज्जैन के महाकाल मंदिर पहुंचे और 'शयन आरती' में शामिल हुए।
बाबा महाकाल की शरण में पहुंचे कार्तिक आर्यन, नंदी हॉल में ध्यानमग्न दिखे एक्टर

खबर विस्तार : -

Kartik Aaryan Mahakal Temple Visits : नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद एक्टर कार्तिक आर्यन पहली बार अपने माता-पिता के साथ बाबा महाकाल का आशीर्वाद लेने उज्जैन नगरी पहुंचे। इस आध्यात्मिक यात्रा के दौरान, कार्तिक और उनके परिवार ने मंदिर की पवित्र 'शयन आरती' में हिस्सा लिया और पूरी श्रद्धा के साथ प्रार्थना की। इतना ही नहीं एक वायरल वीडियो में एक्टर को गर्भगृह में सिर झुकाने के बाद नंदी हॉल में हाथ जोड़कर अपने परिवार के साथ ध्यान में लीन देखा जा सकता है। इस यात्रा के लिए उन्होंने सफेद टी-शर्ट और नीली डेनिम जींस पहनी थी। एक्टर ने महाकाल मंदिर से एक फोटो भी अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम पर शेयर की, जिसमें वे मंदिर परिसर के बाहर हाथ जोड़े हुए दिख रहे हैं; उन्होंने इसके कैप्शन में लिखा, "जय महाकाल।"

चंदू चैंपियन के लिए मिला नेशनल अवॉर्ड

गौरतलब है कि एक्टर कार्तिक आर्यन को फिल्म चंदू चैंपियन में शानदार परफॉर्मेंस के लिए 72वें नेशनल फिल्म अवॉर्ड्स में 'बेस्ट एक्टर' का सम्मान मिला। 2024 में रिलीज़ हुई चंदू चैंपियन एक प्रेरणादायक स्पोर्ट्स ड्रामा है, जो भारत के पहले पैरालंपिक गोल्ड मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर की जिंदगी पर आधारित है। कबीर खान द्वारा निर्देशित और साजिद नाडियाडवाला द्वारा प्रोड्यूस की गई इस फिल्म में कार्तिक आर्यन मुख्य भूमिका (चंदू) में हैं। उनके साथ विजय राज (कोच की भूमिका में), भुवन अरोड़ा और राजपाल यादव ने अहम भूमिकाएं निभाईं।

'लवर बॉय' वाली इमेज से बाहर निकले कार्तिक

यह फिल्म महाराष्ट्र के सांगली के रहने वाले मुरलीकांत पेटकर की कहानी बताती है, जो बचपन से ही ओलंपिक गोल्ड मेडल जीतने का सपना देखते हैं। पेटकर भारतीय सेना (EME कोर) में शामिल होते हैं और एक बेहतरीन बॉक्सर बनते हैं, लेकिन 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान उन्हें गोली लग जाती है, जिससे वे पैरालाइज्ड हो जाते हैं। हार न मानते हुए, वे बॉक्सिंग छोड़कर स्विमिंग शुरू करते हैं और 1972 के हीडलबर्ग पैरालंपिक्स में देश का पहला व्यक्तिगत गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रचते हैं। इस रोल के ज़रिए कार्तिक अपनी 'लवर बॉय' वाली इमेज से भी बाहर निकले। उनके फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन और इमोशनल एक्टिंग को दर्शकों से खूब सराहना मिली।

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