50 की उम्र से पहले ही बूढ़ा हो रहा है युवाओं का शरीर, जवानी में कैंसर ढा रहा है कहर!
खबर सार :-
वाशिंगटन यूनिवर्सिटी की नई रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि युवाओं में बढ़ती biological aging (जैविक बुढ़ापा) के कारण कोशिकाएं समय से पहले बूढ़ी हो रही हैं, जिससे 50 साल से कम उम्र के युवाओं में कैंसर का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। जानिए इसके मुख्य कारण।
खबर विस्तार : -
Biological Aging : आज का युवा भले ही चेहरे पर जवानी की चमक और हौसलों में उड़ान लिए घूम रहा हो, लेकिन एक बेहद कड़वी और डरावनी सच्चाई हमारे सामने आ चुकी है। क्या आपने कभी सोचा है कि जो बीमारियां कभी बुढ़ापे की निशानी मानी जाती थीं, वे आज 30 से 40 साल के नौजवानों को अपनी गिरफ्त में क्यों ले रही हैं? प्रतिष्ठित चिकित्सा जर्नल 'नेचर मेडिसिन' में प्रकाशित वाशिंगटन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन के वैज्ञानिकों की एक नई रिसर्च ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। इस शोध में सामने आया है कि आज की युवा पीढ़ी में biological aging यानी जैविक बुढ़ापा उनकी वास्तविक कैलेंडर उम्र से कहीं अधिक तेजी से बढ़ रहा है। आसान शब्दों में कहें तो, भले ही आपकी उम्र कागजों पर 25 या 30 साल हो, लेकिन आपके शरीर के अंदर मौजूद कोशिकाएं (cells) और महत्वपूर्ण अंग 50 या 60 साल के बुजुर्गों जैसे थक चुके हैं। यही कोशिकाओं की थकान युवाओं में कैंसर (cancer) जैसी जानलेवा बीमारी का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
युवाओं में कैंसर के मामलों में 79 फीसदी की भारी बढ़ोतरी
वैज्ञानिकों ने इस निष्कर्ष तक पहुँचने के लिए यूके बायोबैंक और अमेरिका के 'ऑल ऑफ अस रिसर्च प्रोग्राम' से जुड़े करीब 1.64 लाख से अधिक लोगों के स्वास्थ्य और जैविक आंकड़ों का गहन विश्लेषण किया। खून में मौजूद जैव-रासायनिक संकेतकों, प्रोटीन और मेटाबॉलिज्म की जांच से यह साफ हुआ कि युवाओं का शरीर अंदर से बूढ़ा हो रहा है। शोध के अनुसार, 1990 के दशक में पैदा हुए युवाओं का शरीर, 1960 के दशक में पैदा हुए लोगों की तुलना में बहुत तेजी से बूढ़ा हो रहा है। यही वजह है कि आज 55 साल या उससे कम उम्र के लोगों में फेफड़ों, पेट और गर्भाशय के कैंसर के मामले खतरनाक दर से बढ़ रहे हैं। ब्रिटिश मेडिकल जर्नल की मानें तो, 1990 के बाद से दुनिया भर में 50 वर्ष से कम उम्र के युवाओं में कैंसर के मामलों में 79 फीसदी की भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
2050 तक कैंसर के मामले पहुंच सकते हैं 3 करोड़ के पार
इस biological aging के पीछे का सबसे मुख्य कारण हमारी आधुनिक और सुस्त जीवनशैली है। मोटापा, जंक फूड का अत्यधिक सेवन, मानसिक तनाव, वायु प्रदूषण, शराब का सेवन और शारीरिक निष्क्रियता मिलकर युवाओं के सुरक्षा कवच यानी इम्यून सिस्टम (immune system) को समय से पहले बूढ़ा बना रहे हैं। रिसर्च में देखा गया कि जब रोगों से लड़ने वाली प्रतिरोधक क्षमता बूढ़ी हो जाती है, तो फेफड़ों का कैंसर पनपने लगता है। वहीं, वसा ऊतकों (fat tissues) के समय से पहले बूढ़े होने पर कोलोरेक्टल कैंसर (colorectal cancer) का खतरा बढ़ जाता है। डब्ल्यूएचओ (WHO) के मुताबिक, कैंसर कोशिकाओं का अनियंत्रित विकास जब दूसरे अंगों में फैलने लगता है, तो इसे मेटास्टेसिस कहते हैं, जो मौतों का मुख्य कारण है। लैंसेट की रिपोर्ट चेतावनी देती है कि यदि यही स्थिति रही तो 2050 तक कैंसर के मामले 3 करोड़ के पार पहुंच सकते हैं। इस भयावह तस्वीर से बचने के लिए वैज्ञानिकों का कहना है कि समय रहते विशेष रक्त परीक्षणों द्वारा शरीर की biological aging का आकलन कर, जीवनशैली में सुधार करके युवाओं को समय से पहले बूढ़ा होने और कैंसर की चपेट में आने से बचाया जा सकता है।
अन्य प्रमुख खबरें
-
मनाली का ऐतिहासिक हडिम्बा देवी मंदिर: इतिहास और खासियत
2026-10-01
-
किन्नर समुदाय से जुड़े 11 रोचक तथ्य और उनका सामाजिक जीवन
2026-09-28
-
कनाडा के अल्बर्टा में 70 साल बाद मिला चूहा, ‘रैट पेट्रोल’ सक्रिय
2026-09-26
-
माउंट एवरेस्ट नहीं, यह ज्वालामुखी है दुनिया का सबसे ऊंचा पर्वत
2026-09-25
-
1 मिनट के चुंबन से बर्न होती हैं 26 कैलोरी - हेल्थ रिपोर्ट
2026-09-23
-
कूचबिहार की प्राचीन पांडुलिपियां संरक्षण के अभाव में मिटने की कगार पर
2026-09-22
-
सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है टाई पहनना, जानिए क्या कहती है रिसर्च
2026-09-21
-
कन्नौज स्थापना दिवस 2025: इतिहास, इत्र विरासत और परफ्यूम टूरिज्म
2026-09-17
-
सार्वजनिक टॉयलेट के बाद हाथ न धोने की आदत पर क्या कहता है सर्वे!
2026-09-16
-
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर जामदानी बुनाई से तैयार
2026-09-15
-
सूरत में दो वर्षों में 2,645 नेत्रदान, राज्य में 23% योगदान - स्वास्थ्य मंत्री का बयान
2026-09-11
-
जहां ज्वालामुखी के पास विराजे हैं विघ्नहर्ता, 700 साल से हो रही पूजा
2026-09-09
-
गुवा गोलीकांड की दर्दनाक कहानी, 46 साल बाद भी जिंदा है शहीदों की याद
2026-09-08
-
हैदराबाद से हिंद महासागर तक सुनामी पूर्व चेतावनी तंत्र की पूरी जानकारी
2026-09-07
-
हमीरपुर के मराठाकालीन मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव की धूम
2026-09-04