TMC Crisis : एक तरफ CID की दहलीज पर पहुंचे अभिषेक बनर्जी, दूसरी तरफ कल्याण बनर्जी के बेटे ने खोला मोर्चा - 'हम नौकर नहीं'

खबर सार :-
Abhishek Banerjee : विधायकों के हस्ताक्षर मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट की सख्ती के बाद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) सीआईडी मुख्यालय पहुंचे। वहीं टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे ने अभिषेक के अहंकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए कहा कि हम उनके नौकर नहीं हैं।
TMC Crisis : एक तरफ CID की दहलीज पर पहुंचे अभिषेक बनर्जी, दूसरी तरफ कल्याण बनर्जी के बेटे ने खोला मोर्चा - 'हम नौकर नहीं'
खबर विस्तार : -

TMC Crisis : पश्चिम बंगाल की राजनीति में इस समय जबरदस्त भूचाल आया हुआ है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर की अंदरूनी कलह और कानूनी मुसीबतें अब पूरी तरह से सड़कों और अदालतों में खुलकर सामने आ गई हैं। एक तरफ जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को अदालती आदेश के बाद बेहद नाटकीय घटनाक्रम के बीच राज्य सीआईडी (CID) के सामने पेश होना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के ही बेहद सीनियर सांसद कल्याण बनर्जी के परिवार ने अभिषेक बनर्जी के खिलाफ खुला विद्रोह का बिगुल फूंक दिया है। इन दोनों ही घटनाओं ने बंगाल की सत्ताधारी पार्टी के भीतर चल रहे पावर स्ट्रगल को सरेआम कर दिया है।

TMC Crisis : अदालत की फटकार और दिल्ली से कोलकाता की दौड़

विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर (MLAs Signature) से जुड़े एक बेहद गंभीर मामले में जांच का सामना कर रहे लोकसभा सांसद (Lok Sabha MP) अभिषेक बनर्जी की मुश्किलें उस समय बढ़ गईं, जब कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) ने उन्हें सख्त हिदायत दी। अदालत की अवकाशकालीन एकल पीठ के न्यायाधीश कौशिक चंदा ने अभिषेक के रवैये पर नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि वह पहले ही तीन समन की अनदेखी कर चुके हैं। कोर्ट ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी कि अब किसी भी तरह का बहाना नहीं चलेगा और उन्हें हर हाल में गुरुवार शाम छह बजे तक सीआईडी मुख्यालय (CID Headquarters) भवानी भवन पहुंचना होगा।

जब हाईकोर्ट का यह कड़ा फैसला आया, तब अभिषेक बनर्जी देश की राजधानी नई दिल्ली (New Delhi) में मौजूद थे। कोर्ट की सख्ती को देखते हुए वे आनन-फानन में विशेष विमान से कोलकाता के लिए रवाना हुए। शाम करीब चार बजे कोलकाता हवाई अड्डे (Kolkata Airport) पर उतरने के बाद वह पहले कालीघाट स्थित अपने घर गए और वहां से तुरंत भवानी भवन के लिए निकले। कोर्ट द्वारा तय की गई समय सीमा समाप्त होने से महज पांच मिनट पहले, यानी शाम 5:55 बजे अभिषेक बनर्जी सीआईडी दफ्तर पहुंचे। मीडियाकर्मियों के तीखे सवालों का कोई जवाब दिए बिना वे सीधे इमारत के अंदर चले गए। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हाईकोर्ट ने उन्हें 21 दिनों तक गिरफ्तारी (Arrest) या किसी भी कठोर कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दे रखी है, लेकिन सीआईडी को छापेमारी और तलाशी का अधिकार दिया गया है।

 सिरसान्या बंदोपाध्याय

TMC Crisis : कल्याण बनर्जी के बेटे का तीखा हमला: 'हम अभिषेक के गुलाम नहीं'

एक ओर अभिषेक बनर्जी कानूनी चक्रव्यूह में फंसे हुए थे, तो दूसरी ओर पार्टी के भीतर उनके नेतृत्व शैली के खिलाफ एक बड़ा धमाका हुआ। वरिष्ठ टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी के बेटे सिरसान्या बंदोपाध्याय ने अभिषेक बनर्जी के 'दबदबे वाले' और 'अहंकारी' रवैये पर बेहद तीखा हमला बोला। दरअसल, कल्याण बनर्जी ने खुद को अभिषेक बनर्जी के इस अदालती मामले से पूरी तरह अलग कर लिया है।

इस पूरे विवाद पर सिरसान्या बंदोपाध्याय ने साफ शब्दों में कहा, "हम अभिषेक बनर्जी के कर्मचारी (Employees) नहीं हैं, जो वे हम पर अपनी शर्तें थोपेंगे या यह बताएंगे कि हमें क्या करना है।" उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता इस केस को पूरी ईमानदारी और कानूनी सूझबूझ से संभाल रहे थे ताकि अभिषेक को राहत मिल सके। कोर्ट में मामलों की अधिकता के कारण तारीखें आगे बढ़ रही थीं, लेकिन अभिषेक बनर्जी ने अपनी ही कानूनी टीम पर भरोसा नहीं दिखाया। सिरसान्या ने खुलासा किया कि बुधवार की रात अभिषेक की टीम की तरफ से उन्हें संदेश दिया गया कि अब इस केस के लिए किसी दूसरे वकील को रख लिया गया है और उनकी सेवाओं की जरूरत नहीं है। सिरसान्या ने इसे अपने परिवार और सीनियर वकील का घोर अपमान (Insult) करार दिया। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी की सबसे बड़ी कमजोरी यह है कि वह किसी पर भी विश्वास नहीं कर पाते हैं।

Mamata Banerjee

TMC Crisis : 'ममता बनर्जी को चुनना होगा रास्ता'

इस पारिवारिक और राजनीतिक जंग को आगे बढ़ाते हुए सिरसान्या बंदोपाध्याय ने याद दिलाया कि तृणमूल कांग्रेस किसी एक व्यक्ति की जागीर नहीं है। यह पार्टी लाखों जमीनी कार्यकर्ताओं के खून-पसीने से बनी है। उन्होंने कहा कि जब बड़े-बड़े नेता संकट के समय ममता बनर्जी का साथ छोड़कर भाग गए थे, तब उनके पिता कल्याण बनर्जी चट्टान की तरह मुख्यमंत्री के साथ खड़े रहे। इससे पहले खुद कल्याण बनर्जी ने पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को सीधे तौर पर एक बड़ी चेतावनी दे डाली थी। उन्होंने कहा था कि अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है, ममता बनर्जी को 'घमंडी' अभिषेक बनर्जी और उनके बीच किसी एक को चुनना होगा, क्योंकि वे अब और अपमान सहने को तैयार नहीं हैं। पार्टी के दो शीर्ष गुटों के बीच की यह लड़ाई अब तृणमूल कांग्रेस के भविष्य के लिए एक बड़ा संकट बनती दिख रही है।

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