नई दिल्लीः देश में थोक मूल्य सूचकांक यानी डब्ल्यूपीआई पर आधारित महंगाई दर से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। महंगाई दर मार्च महीने में कम होकर 2.05 प्रतिशत तक आ गई है, जो कि फरवरी में 2.38 प्रतिशत थी। वाणिज्य और इंडस्ट्री मंत्रालय से मिले आंकड़ों पर गौर करें तो मार्च में थोक महंगाई दर के सकारात्मक रहने की वजह मैन्युफैक्चरिंग उत्पादों की कीमतों में बढ़ोत्तरी होना है। इसलिए फरवरी की तुलना में मार्च में महंगाई दर में 0.19 प्रतिशत की कमी आई है। यह निश्चित तौर पर महंगाई से परेशान जनता के लिए राहत की बात है।
मंत्रालय के जारी आंकड़ों के मुताबिक, फरवरी के मुकाबले मार्च में ईंधन और ऊर्जा समूहों की कीमतों में कमी आई है, जिसके कारण मार्च के महीने में थोक महंगाई में गिरावट आई है। भारतीय रिजर्व बैंक यानी आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति का ऐलान करते हुए वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए महंगाई दर का अनुमान 4.2 से घटाकर 4 प्रतिशत कर दिया था। उन्होंने कहा कि खाद्य महंगाई दर में तेज गिरावट के बाद जनवरी-फरवरी 2025 के दौरान मुख्य महंगाई दर में कमी आई है। रबी की फसलों के बारे में अनिश्चितताएं भी काफी हद तक कम हो गई हैं। यह भी कहा कि पिछले वर्ष की तुलना में गेहूं का रिकॉर्ड उत्पादन और प्रमुख दालों का अधिक उत्पादन होगा। खरीफ की मजबूत आवक के साथ, इससे खाद्य महंगाई दर में स्थायी नरमी आने के भी संकेत हैं।
आरबीआई गवर्नर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में लगातार गिरावट आना महंगाई के आउटलुक के लिए शुभ संकेत है। इन सभी कारकों को ध्यान में रखते हुए और सामान्य मानसून को मानते हुए, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए खुदरा महंगाई 4 प्रतिशत पर रहने का अनुमान है, जिसमें पहली तिमाही 3.6 प्रतिशत, दूसरी तिमाही 3.9 प्रतिशत, तीसरी तिमाही 3.8 प्रतिशत और चौथी तिमाही 4.4 प्रतिशत रह सकती है।
अन्य प्रमुख खबरें
होर्मुज में हाई टेंशन के बावजूद भारत पहुंच रही गैस, एलपीजी से भरे दो जहाज सुरक्षित निकले
सोने की चमक बरकरार, चांदी फिसली: एमसीएक्स में गोल्ड ने पकड़ी रफ्तार, निवेशकों की नजर बाजार पर
सितंबर तक चीनी निर्यात पर रोक: घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए सरकार का बड़ा फैसला
मोदी सरकार का ₹37,500 करोड़ का मास्टरप्लान! कोयले से बनेगी गैस, बदलेगा भारत का ऊर्जा भविष्य
लगातार चार दिन की गिरावट पर लगा ब्रेक, सेंसेक्स 50 अंक चढ़ा, निवेशकों को ₹2 लाख करोड़ का फायदा
RBI की बड़ी कार्रवाई: मुंबई के सर्वोदय Co-operative Bank का लाइसेंस रद्द, जमाकर्ताओं में बढ़ी चिंता
कस्टम ड्यूटी बढ़ते ही Gold-Silver की कीमतों में 6.66% तक उछाल, बाजार में खरीदारी और मुनाफावसूली तेज
सोने की डिमांड बढ़ीः तीन साल में दोगुना हुआ गोल्ड इंपोर्ट, विदेशी मुद्रा भंडार पर बढ़ा दबाव