शेयर बाजार में जोरदार वापसी: Sensex 444 अंक उछला, Nifty 24,000 के पार; निवेशकों की झोली में 2 लाख करोड़ रुपये
खबर सार :-
भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को मजबूत बढ़त दर्ज कर निवेशकों का भरोसा बढ़ाया। रियल्टी, एफएमसीजी और ऑटो शेयरों में खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया, जबकि आईटी सेक्टर दबाव में रहा। तकनीकी संकेत फिलहाल सकारात्मक बने हुए हैं। यदि निफ्टी 24,150 के ऊपर टिकने में सफल रहता है तो आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ सकता है।
खबर विस्तार : -
Indian Stock Market Today: वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और चुनिंदा सेक्टरों में मजबूत खरीदारी के दम पर बुधवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार बढ़त के साथ बंद हुआ। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत बना रहा और प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार समाप्त करने में सफल रहे। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी-50 भी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत चढ़कर 24,005.85 के स्तर पर पहुंच गया। निफ्टी का 24,000 के ऊपर बंद होना निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
बेहद मामूली बढ़त के साथ कारोबार की शुरुआत
कारोबार की शुरुआत हालांकि बेहद मामूली बढ़त के साथ हुई थी। सेंसेक्स अपने पिछले बंद 76,478.67 अंक के मुकाबले 76,545.21 अंक पर खुला। शुरुआती घंटों में बाजार सीमित दायरे में रहा, लेकिन दोपहर बाद खरीदारी बढ़ने से सेंसेक्स ने 77,110.08 अंक का इंट्रा-डे हाई भी छुआ। इसी तरह निफ्टी 23,897.65 अंक पर खुला और कारोबार के दौरान 24,049.90 अंक तक पहुंच गया, जिससे बाजार में मजबूती का संकेत मिला।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में खरीदारी का जोर
व्यापक बाजार की बात करें तो मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी अच्छी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.34 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.36 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए। इससे स्पष्ट है कि केवल बड़े शेयरों में ही नहीं बल्कि मध्यम और छोटे आकार की कंपनियों में भी निवेशकों की रुचि बनी रही। सेक्टोरल प्रदर्शन पर नजर डालें तो रियल्टी सेक्टर सबसे बड़ा विजेता बनकर उभरा। निफ्टी रियल्टी इंडेक्स 3.58 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ। इसके अलावा एफएमसीजी इंडेक्स में 2.08 प्रतिशत और ऑटो इंडेक्स में 1.15 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई। दूसरी ओर आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर दबाव में रहे। आईटी शेयरों में कमजोरी की वजह वैश्विक बाजारों में तकनीकी कंपनियों पर दबाव और मुनाफावसूली को माना जा रहा है।
इन कंपनियों के शेयरों में सर्वाधिक उतार-चढ़ाव
निफ्टी-50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में इटरनल, अदाणी एंटरप्राइजेज, नेस्ले इंडिया, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। वहीं एचसीएल टेक्नोलॉजीज, टेक महिंद्रा, टीसीएस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और टाटा स्टील के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए। इससे साफ है कि निवेशकों ने रक्षात्मक और उपभोक्ता आधारित कंपनियों में अधिक रुचि दिखाई, जबकि आईटी और धातु शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। बाजार में आई इस तेजी का सीधा लाभ निवेशकों की संपत्ति पर भी देखने को मिला। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण पिछले कारोबारी सत्र के लगभग 474 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 476 लाख करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब 2 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हुआ। यह तेजी बाजार में निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाती है।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी राहत के संकेत
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी कुछ राहत के संकेत मिले। ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 72 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयातक देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है क्योंकि इससे महंगाई और आयात बिल पर दबाव कम हो सकता है। हालांकि दूसरी ओर भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 67 पैसे कमजोर होकर 95.23 के स्तर पर बंद हुआ, जो विदेशी मुद्रा बाजार में दबाव का संकेत देता है।
एक्सपर्ट्स की रायः बाजार में खरीदारी की ताकत बरकरार
तकनीकी विश्लेषकों के अनुसार निफ्टी के दैनिक चार्ट पर बुलिश कैंडल बनी है, जो बाजार में खरीदारी की ताकत को दर्शाती है। लगातार 12वें कारोबारी सत्र में निफ्टी सीमित दायरे में कारोबार करता रहा है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बाजार फिलहाल कंसोलिडेशन के दौर में है। 50-दिवसीय एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज मजबूत सपोर्ट का काम कर रहा है और हर बार इस स्तर के आसपास खरीदार सक्रिय हो रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के लिए 24,130 से 24,150 अंक का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस रहेगा। यदि सूचकांक इस स्तर के ऊपर मजबूती से टिकता है तो 24,300 और फिर 24,450 अंक तक तेजी की संभावना बन सकती है। वहीं गिरावट की स्थिति में 23,870 से 23,850 अंक का दायरा मजबूत सपोर्ट के रूप में देखा जा रहा है। बाजार की सकारात्मक ब्रेथ और निफ्टी-500 के 288 शेयरों का बढ़त के साथ बंद होना भी निवेशकों के भरोसे को मजबूत करता है।
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