ATF हुआ सस्ता, Airlines को बड़ी राहत: Nayara ने भी घटाए Petrol-Diesel के दाम, कच्चे तेल में गिरावट का दिखा असर
खबर सार :-
एटीएफ की कीमतों में कटौती और नायरा एनर्जी द्वारा पेट्रोल-डीजल सस्ता किए जाने से ईंधन बाजार में राहत के संकेत मिले हैं। हालांकि सरकारी तेल कंपनियों ने खुदरा पेट्रोल-डीजल की कीमतें फिलहाल स्थिर रखी हैं। यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नरम बनी रहती हैं, तो आने वाले महीनों में उपभोक्ताओं और उद्योगों दोनों को अतिरिक्त राहत मिलने की संभावना है।
खबर विस्तार : -
ATF Price Cut: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट का असर अब भारत के ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है। सरकारी तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने 1 जुलाई से एविएशन टरबाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों में करीब 5 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है। इस फैसले से देश की घरेलू और अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, क्योंकि विमानन कंपनियों की कुल परिचालन लागत में ईंधन का हिस्सा सबसे अधिक होता है। इसके साथ ही निजी ईंधन कंपनी नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत देने का ऐलान किया है।
दिल्ली में एटीएफ की कीमत 110 रुपये प्रति लीटर
सरकारी तेल कंपनियों द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के अनुसार दिल्ली में एटीएफ की कीमत घटकर करीब 110 रुपये प्रति लीटर रह गई है। नई दरें 1 जुलाई से प्रभावी हो गई हैं। विमानन उद्योग के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि एटीएफ की कीमतों में कमी से एयरलाइंस की ऑपरेटिंग लागत घटेगी और वित्तीय दबाव कम होगा। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि इसका वास्तविक लाभ प्रत्येक एयरलाइन की ईंधन खरीद नीति, दीर्घकालिक अनुबंध और हेजिंग रणनीति पर निर्भर करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार हाल के दिनों में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति वार्ता तथा पश्चिम एशिया में तनाव कम होने के संकेतों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। इसी का सीधा असर भारत में एटीएफ की कीमतों पर देखने को मिला है। वैश्विक स्तर पर ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स करीब 73.21 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड फ्यूचर्स 69.73 डॉलर प्रति बैरल तक आ गया है। पिछले एक महीने में दोनों प्रमुख बेंचमार्क में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।
विंडफॉल टैक्स में भी संशोधन
सरकार ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लागू विंडफॉल टैक्स में भी संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत पेट्रोल के निर्यात पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 1.5 रुपये प्रति लीटर था। दूसरी ओर डीजल के निर्यात पर शुल्क 14 रुपये से घटाकर 8.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह एटीएफ के निर्यात पर शुल्क 12.5 रुपये से घटाकर 7.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। हालांकि घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू
इसी बीच देश की प्रमुख निजी ईंधन वितरक कंपनी नायरा एनर्जी ने भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती की घोषणा की है। कंपनी ने पेट्रोल 5 रुपये प्रति लीटर और डीजल 3 रुपये प्रति लीटर सस्ता करने का फैसला लिया है। नई दरें कंपनी के देशभर में संचालित रिटेल आउटलेट्स पर तत्काल प्रभाव से लागू हो गई हैं। कंपनी का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का लाभ सीधे ग्राहकों तक पहुंचाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
अलग-अलग राज्यों में करों की दरें भिन्न
हालांकि नायरा एनर्जी ने स्पष्ट किया है कि अलग-अलग राज्यों में केंद्रीय और स्थानीय करों की दरें भिन्न होने के कारण ग्राहकों को मिलने वाली अंतिम कीमत में अंतर हो सकता है। इसलिए हर राज्य में खुदरा कीमतें अलग-अलग दिखाई देंगी। दूसरी ओर सरकारी तेल कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर की दर पर ही उपलब्ध रहेगा। इससे साफ है कि फिलहाल सरकारी कंपनियां खुदरा ईंधन कीमतों में स्थिरता बनाए रखना चाहती हैं।
कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी कटौती
ईंधन क्षेत्र में राहत का दायरा केवल एटीएफ तक सीमित नहीं है। तेल कंपनियों ने 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी बड़ी कटौती की है। दिल्ली में इसका दाम 183.50 रुपये घटाकर 2,930 रुपये कर दिया गया है, जबकि पहले इसकी कीमत 3,113.50 रुपये थी। इससे होटल, रेस्तरां और अन्य व्यावसायिक उपभोक्ताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। हालांकि 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह 942 रुपये पर स्थिर बना हुआ है।
ईंधन की कीमतों में और राहत की उम्मीद
ऊर्जा बाजार के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें इसी तरह नियंत्रित रहती हैं और पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव नहीं बढ़ता, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों में और राहत देखने को मिल सकती है। इससे विमानन, परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र की लागत घटेगी, जिसका सकारात्मक असर अर्थव्यवस्था और महंगाई पर भी पड़ सकता है।
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