Gold हुआ सस्ता, Silver भी फिसली: वैश्विक तनाव घटते ही बुलियन बाजार में बढ़ी बिकवाली
खबर सार :-
सोने और चांदी की कीमतों में आई गिरावट यह संकेत देती है कि फिलहाल वैश्विक बाजारों में जोखिम का स्तर कुछ कम हुआ है। मजबूत डॉलर, संभावित ब्याज दर वृद्धि और भू-राजनीतिक तनाव में नरमी के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है। आने वाले दिनों में फेड की नीति, डॉलर इंडेक्स और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम बुलियन बाजार की दिशा तय करेंगे।
खबर विस्तार : -
Gold Silver price Today : सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने, डॉलर इंडेक्स के मजबूत बने रहने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित सख्त मौद्रिक नीति की आशंकाओं ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोना शुरुआती कारोबार में 1.44 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसल गया, जबकि चांदी 2.23 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के करीब कारोबार करती रही। निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की बजाय अन्य परिसंपत्तियों की ओर रुख किया, जिससे बुलियन बाजार में बिकवाली का माहौल देखने को मिला।
एमसीएक्स पर सोने में शुरुआती कारोबार से ही कमजोरी
एमसीएक्स के अनुसार, 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाले सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,44,162 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,44,180 रुपये पर खुला। हालांकि बाजार खुलते ही इसमें दबाव बढ़ गया और सुबह 9:40 बजे तक यह 507 रुपये यानी 0.35 प्रतिशत टूटकर 1,43,655 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। दिन के शुरुआती कारोबार में सोने ने 1,43,454 रुपये प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर छुआ, जबकि 1,44,180 रुपये इसका उच्चतम स्तर रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय संकेतों के कमजोर रहने से घरेलू बाजार में भी निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।
चांदी में सीमित गिरावट, लेकिन ऊंचे स्तर पर कायम
सोने की तुलना में चांदी में अपेक्षाकृत कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एमसीएक्स पर 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाली चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,23,472 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 2,23,912 रुपये पर खुला। शुरुआती बढ़त के बाद इसमें बिकवाली हावी हो गई और खबर लिखे जाने तक चांदी 157 रुपये यानी 0.07 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 2,23,315 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,22,641 रुपये प्रति किलोग्राम का निचला स्तर और 2,24,248 रुपये प्रति किलोग्राम का उच्चतम स्तर दर्ज किया। इससे स्पष्ट है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद चांदी अभी भी ऊंचे दामों पर बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार से मिले कमजोर संकेत
वैश्विक कमोडिटी बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना हुआ है। कॉमेक्स पर सोना 0.41 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,078 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी 1.18 प्रतिशत टूटकर 58.52 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कमजोरी का सीधा असर घरेलू वायदा बाजार पर भी देखने को मिला।
क्यों टूट रहे हैं सोने और चांदी के भाव?
विशेषज्ञों के मुताबिक, हाल के दिनों में वैश्विक अनिश्चितता कम होने से सुरक्षित निवेश के रूप में सोने की मांग घटी है। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने तथा दोनों देशों के हमले रोकने पर सहमत होने की खबरों ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों देशों के बीच मंगलवार को कतर में वार्ता भी हो सकती है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स लगातार 101 के ऊपर बना हुआ है, जिससे सोने की कीमतों पर अतिरिक्त दबाव बना है। मजबूत डॉलर के कारण अन्य मुद्राओं में सोना महंगा हो जाता है, जिससे वैश्विक मांग प्रभावित होती है।
फेड की नीति पर टिकी बाजार की नजर
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व लगातार महंगाई को लेकर चिंता जता रहा है। यदि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में बढ़ोतरी होती है तो सोने जैसी बिना ब्याज वाली संपत्तियों का आकर्षण और कम हो सकता है। यही वजह है कि निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और बुलियन बाजार में नई खरीदारी सीमित दिखाई दे रही है।
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