RBI MPC से पहले शेयर बाजार में छाई लाली, सेंसेक्स 462 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 के नीचे
खबर सार :-
RBI MPC के फैसले से पहले बाजार में मुनाफावसूली और सतर्कता हावी रही। सेंसेक्स 462 अंक टूटा। महंगा कच्चा तेल, FPI बिकवाली और वैश्विक संकेत दबाव बढ़ा रहे हैं। अब निवेशकों की नजर रेपो रेट और RBI के आगे के रुख पर रहेगी।
खबर विस्तार : -
RBI MPC Market Fall: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को पिछले दो कारोबारी सत्रों की तेजी पर ब्रेक लग गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) के फैसले से पहले निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भी बाजार की धारणा पर दबाव बनाया।
कारोबार के दौरान बीएसई सेंसेक्स 462.44 अंक यानी 0.63 प्रतिशत गिरकर 72,605.37 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, निफ्टी 175.65 अंक यानी 0.77 प्रतिशत टूटकर 22,600 के आसपास आ गया। दिन की शुरुआत सेंसेक्स ने 72,965.38 और निफ्टी ने 22,690.45 के स्तर से की थी। हालांकि शुरुआती कारोबार के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। व्यापक बाजार में भी मिलाजुला रुख देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 0.45 प्रतिशत कमजोर रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.1 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई।
सेक्टोरल सूचकांकों की स्थिति
सेक्टोरल सूचकांकों में निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सबसे ज्यादा 1.55 प्रतिशत टूटा। निफ्टी मेटल में 1.34 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो में 1 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही। पीएसयू बैंक, ऑयल एंड गैस, रियल्टी और एफएमसीजी भी दबाव में रहे। इसके विपरीत फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों ने बाजार को कुछ सहारा दिया। निफ्टी फार्मा 0.16 प्रतिशत चढ़ा, जबकि निफ्टी 500 हेल्थकेयर भी सकारात्मक दायरे में रहा। निफ्टी मीडिया में करीब 0.74 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई।
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RBI के फैसले पर टिकी बाजार की नजर
निवेशकों का मुख्य ध्यान अब आरबीआई की मौद्रिक नीति समीक्षा पर है। बाजार में 25 आधार अंकों यानी 0.25 प्रतिशत की रेपो रेट बढ़ोतरी की संभावना पहले से काफी हद तक शामिल मानी जा रही है। ऐसे में निवेशक दर के फैसले से ज्यादा आरबीआई के आगे के नीति रुख और महंगाई-विकास के अनुमान पर नजर रखेंगे। गवर्नर संजय मल्होत्रा का संदेश भी बाजार की दिशा के लिए अहम माना जा रहा है। अमेरिका और भारत के बीच ब्याज दर का अंतर घटने, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बदलाव और डॉलर की मजबूती के बीच आरबीआई के सामने रुपये और पूंजी प्रवाह को लेकर भी चुनौती है।
कच्चा तेल और विदेशी बिकवाली बढ़ा रहे दबाव
बाजार के लिए दूसरी बड़ी चिंता कच्चे तेल की कीमतें हैं। ब्रेंट क्रूड फिर 101 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया है। पश्चिम एशिया में तनाव और संभावित आपूर्ति व्यवधानों के कारण तेल बाजार में अस्थिरता बनी हुई है। महंगा कच्चा तेल भारत के आयात बिल, मुद्रास्फीति और रुपये पर दबाव बढ़ा सकता है। इसके साथ ही विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की लगातार बिकवाली भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। हालांकि घरेलू तरलता और दूसरी तिमाही के संभावित मजबूत कॉरपोरेट नतीजे बाजार को कुछ समर्थन दे रहे हैं। तकनीकी मोर्चे पर विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया गिरावट के बावजूद तेजी की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। निफ्टी के लिए 22,574 का स्तर अहम सपोर्ट माना जा रहा है। इसके ऊपर टिके रहने पर 22,930 और फिर 23,100-23,220 का दायरा संभावित लक्ष्य हो सकता है। हालांकि निकट अवधि में उतार-चढ़ाव जारी रहने की संभावना है। एशियाई बाजारों में भी बुधवार को मिश्रित कारोबार रहा। निवेशकों की नजर अमेरिकी शेयर बाजार, ट्रेजरी यील्ड, डॉलर और भू-राजनीतिक घटनाक्रम पर बनी हुई है। अब भारतीय बाजार की अगली दिशा मुख्य रूप से आरबीआई के ब्याज दर फैसले और उसके महंगाई-विकास संबंधी संकेतों से तय होगी।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य सवाल)...
1.RBI MPC फैसले से पहले शेयर बाजार क्यों गिरा?
RBI के नीतिगत फैसले से पहले निवेशकों की सतर्कता, विदेशी निवेशकों की बिकवाली, महंगे कच्चे तेल और वैश्विक संकेतों के दबाव से बाजार में गिरावट आई।
2. सेंसेक्स और निफ्टी कितने गिरे?
सेंसेक्स 462.44 अंक गिरकर 72,605.37 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 175.65 अंक टूटकर 22,600 के करीब आ गया।
3. अब बाजार की नजर किन बातों पर रहेगी?
निवेशक RBI के रेपो रेट फैसले, महंगाई-विकास के अनुमान, नीति रुख, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमत और FPI गतिविधियों पर नजर रखेंगे।
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