India-Germany trade agreement: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत के खिलाफ लगातार उकसाने वाली बयानबाजी कर रहे हैं। ट्रेड डील को लेकर बार-बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बना रहे हैं। टैरिफ बढ़ाकर 500 प्रतिशत करने की धमकियां दे रहे हैं। इन सबके बावजूद भारत बड़ी ही खामोशी के साथ अपनी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में जुटा है। यही नहीं, तमाम तरह के वैश्विक तनावों के बीच सोमवार को भारत और जर्मनी ने चुपके से एक बड़ी डील को फाइनल कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की उपस्थिति में दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए कई बड़े समझौता ज्ञापन (एमओयू) साइन किए हैं। संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 50 अरब डॉलर के आंकड़े को पार कर गया है, जो कि अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जर्मनी के बीच मजबूत हो रहे आर्थिक और पारस्परिक सहयोग के रिश्ते की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि करीब दो हजार से ज्यादा जर्मन कंपनियां भारत में काम कर रही हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि कंपनियों का भारत में विश्वास बढ़ा है। उन्हें यहां मौजूद अवसरों के बारे में अच्छी तरह पता है। इसीलिए पिछले कुछ सालों में दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी कोऑपरेशन लगातार बढ़ा है और अब यह जॉइंट प्रोजेक्ट्स और इन्वेस्टमेंट के जरिए जमीन पर भी दिख रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि, भारत और जर्मनी रिन्यूएबल एनर्जी और क्लाइमेट एक्शन में एक जैसी प्राथमिकताओं को साझा करते हैं। इन क्षेत्रों में कोऑपरेशन को मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने इंडिया-जर्मनी सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाने का फैसला किया है। यह सेंटर ज्ञान, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन शेयर करने के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करेगा। इसलिए दोनों पक्ष क्लाइमेट, एनर्जी, शहरी विकास और शहरी मोबिलिटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स पर भी मिलकर काम कर रहे हैं।
पीएम मोदी ने संयुक्त प्रेस कॉन्फेंस में कहा कि दोनों देशों की कंपनियों को शामिल करने वाला एक नया मेगा ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट एनर्जी के भविष्य के लिए गेम चेंजर साबित होगा। प्रधानमंत्री ने सप्लाई चेन में सहयोग पर भी जोर दिया और कहा कि भारत और जर्मनी मिलकर सुरक्षित और भरोसेमंद सिस्टम बनाने के लिए काम कर रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने संयुक्त रूप से खेल और शिक्षा के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। पीएम मोदी ने कहा कि, खेल दोनों देशों के युवाओं को जोड़ने में मदद करेंगे, जबकि उच्च शिक्षा पर एक नया रोडमैप एकेडमिक संबंधों को मजबूत करेगा। प्रधानमंत्री ने जर्मन यूनिवर्सिटीज को भारत में अपने कैंपस खोलने के लिए आमंत्रित किया। चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने भारत और यूरोपियन यूनियन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट करने के महत्व का ज्रिक करते हुए कहा कि ऐसा समझौता भारत-जर्मनी आर्थिक संबंधों की पूरी क्षमता को प्रदर्शित करने में मदद करेगा।
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