मध्य पूर्व तनाव का असर: एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने बढ़ाया फ्यूल सरचार्ज
खबर सार :-
एटीएफ की बढ़ती कीमतों के बीच एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने घरेलू व अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी की है। नए चार्ज 9 अक्टूबर से लागू होंगे।
खबर विस्तार : -
नई दिल्लीः मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा बाजार में उतार-चढ़ाव का असर अब हवाई यात्रियों की जेब पर भी पड़ने लगा है। इंडिगो के बाद अब एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने भी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए फ्यूल सरचार्ज बढ़ाने का ऐलान किया है। एयरलाइनों के मुताबिक, एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी से परिचालन लागत पर दबाव बढ़ा है। इसी को देखते हुए नए फ्यूल सरचार्ज लागू किए जा रहे हैं।
टाटा समूह की एयरलाइन ने कहा कि हाल के महीनों में भू-राजनीतिक घटनाक्रम और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर लगातार दबाव के कारण एटीएफ की कीमतों में काफी उतार-चढ़ाव रहा है। कीमतों में हालिया वृद्धि से एयरलाइन की ऑपरेटिंग कॉस्ट बढ़ी है। एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च में फ्यूल की हिस्सेदारी महत्वपूर्ण होती है, इसलिए ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर लागत पर पड़ता है।
9 अक्टूबर से लागू होंगे नए सरचार्ज
एयर इंडिया के मुताबिक, एयर इंडिया एक्सप्रेस के लिए नया फ्यूल सरचार्ज 9 अक्टूबर को रात 12 बजे (IST) से की गई नई बुकिंग पर लागू होगा। वहीं एयर इंडिया की नई बुकिंग पर बढ़ा हुआ सरचार्ज 9 अक्टूबर को सुबह 11 बजे (IST) से लागू किया जाएगा। फ्यूल सरचार्ज उड़ान की दूरी और रूट की श्रेणी के आधार पर अलग-अलग होगा। एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने एक तरफ की घरेलू यात्रा के लिए फ्यूल सरचार्ज को दूरी के हिसाब से चार श्रेणियों में बांटा है। 500 किलोमीटर तक की उड़ान पर 400 रुपये का सरचार्ज लगेगा। वहीं 501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी वाली उड़ानों के लिए यात्रियों को 600 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। इसी तरह 1,001 से 1,500 किलोमीटर की दूरी वाले घरेलू रूट पर फ्यूल सरचार्ज 850 रुपये होगा। जबकि 1,501 किलोमीटर से अधिक दूरी की उड़ानों पर यात्रियों से 1,200 रुपये का सरचार्ज लिया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी बढ़ा शुल्क
एयर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने कुछ प्रमुख अंतरराष्ट्रीय रूट के लिए भी फ्यूल सरचार्ज में बदलाव किया है। नई दरों के तहत नॉर्थ अमेरिका के लिए 215 डॉलर, ऑस्ट्रेलिया के लिए 210 डॉलर, यूके समेत यूरोप के लिए 135 डॉलर और वेस्ट एशिया तथा मिडिल ईस्ट के लिए 55 डॉलर का सरचार्ज तय किया गया है। एयरलाइन का कहना है कि ये बदलाव मौजूदा ईंधन लागत के दबाव को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं। वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और भू-राजनीतिक तनाव के कारण विमानन कंपनियों के लिए ईंधन लागत एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
इंडिगो पहले ही बढ़ा चुकी है फ्यूल चार्ज
एयर इंडिया से पहले इंडिगो ने भी एटीएफ की कीमतों में बढ़ोतरी का हवाला देते हुए फ्यूल चार्ज में संशोधन किया था। इंडिगो का बदला हुआ फ्यूल चार्ज 6 अक्टूबर को रात 12:01 बजे से की गई नई बुकिंग पर लागू किया गया। इंडिगो ने कहा था कि ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है और पिछले महीने की तुलना में इसमें 14 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है। एयरलाइन के अनुसार, इसके चलते एटीएफ की लागत पिछले एक दशक के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई है। इंडिगो के नए घरेलू फ्यूल चार्ज में 500 किलोमीटर तक की यात्रा पर 375 रुपये तय किए गए हैं। 501 से 1,000 किलोमीटर की दूरी पर 600 रुपये, 1,001 से 1,500 किलोमीटर पर 900 रुपये, 1,501 से 2,000 किलोमीटर पर 1,150 रुपये और 2,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा पर 1,300 रुपये का फ्यूल चार्ज लगाया गया है।
इंटरनेशनल रूट पर इंडिगो का भी बढ़ा चार्ज
इंडिगो ने अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए भी दूरी और रूट के आधार पर अलग-अलग फ्यूल चार्ज निर्धारित किया है। सार्क क्षेत्र में 500 किलोमीटर तक के रूट पर 1,000 रुपये और 501 किलोमीटर या उससे अधिक दूरी के रूट पर 3,000 रुपये का चार्ज रखा गया है। साउथ-ईस्ट एशिया, गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC), मिडिल ईस्ट और नॉर्थ एवं ईस्ट एशिया के रूट पर 5,500 रुपये का फ्यूल चार्ज लागू किया गया है। वहीं अफ्रीका के लिए यह शुल्क 6,000 रुपये और यूरोप के लिए 10,000 रुपये निर्धारित किया गया है। इंडिगो ने कहा कि यात्रियों पर अतिरिक्त बोझ को सीमित रखने के लिए संशोधित फ्यूल चार्ज को वास्तविक ईंधन लागत में हुई बढ़ोतरी से कम रखा गया है। इस तरह देश की प्रमुख एयरलाइनों की ओर से फ्यूल सरचार्ज में बढ़ोतरी से आने वाले दिनों में हवाई यात्रा की कुल लागत बढ़ सकती है।
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