मेट्रो शहरों से मिलेगी करीब 60% अतिरिक्त ग्रोथ, हर महीने 10 करोड़ से ज्यादा यूजर्स के लेनदेन का अनुमान
खबर सार :-
भारत का क्विक कॉमर्स बाजार FY26 के 13 अरब डॉलर से बढ़कर FY31 तक 90 अरब डॉलर हो सकता है। मेट्रो शहरों से करीब 60% अतिरिक्त ग्रोथ और 10 करोड़ से अधिक मासिक ट्रांजैक्शन यूजर्स का अनुमान है।
खबर विस्तार : -
Quick Commerce Market: भारत का क्विक कॉमर्स बाजार आने वाले वर्षों में तेज रफ्तार से विस्तार कर सकता है। वित्त वर्ष 2026 में करीब 13 अरब डॉलर का यह बाजार वित्त वर्ष 2031 तक बढ़कर 90 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, हर महीने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लेनदेन करने वाले यूजर्स की संख्या भी 10 करोड़ से अधिक हो सकती है। यह जानकारी बुधवार को जारी गूगल और रेडसीर स्ट्रैटेजी कंसल्टेंट्स की रिपोर्ट में सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, निकट अवधि में क्विक कॉमर्स सेक्टर की ग्रोथ मजबूत बनी रहने की उम्मीद है। खासतौर पर त्योहारी सीजन में इसकी मांग तेजी से बढ़ सकती है। इस साल त्योहारी सीजन में क्विक कॉमर्स की बिक्री सालाना आधार पर 110 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। इसके साथ ही ऑनलाइन फेस्टिव खर्च में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी करीब 18 प्रतिशत तक पहुंच सकती है।
मेट्रो शहर बनेंगे ग्रोथ का बड़ा इंजन
क्विक कॉमर्स की अगली बड़ी ग्रोथ में मेट्रो शहरों की भूमिका अहम रहने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार, वित्त वर्ष 2031 तक क्विक कॉमर्स की अतिरिक्त वृद्धि में मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी करीब 60 प्रतिशत रहने का अनुमान है। इसकी वजह इन शहरों में ग्राहकों के बढ़ते वॉलेट शेयर और यूजर्स की संख्या में लगातार हो रही वृद्धि है। मेट्रो शहरों के कुल रिटेल खर्च में क्विक कॉमर्स की हिस्सेदारी फिलहाल करीब 6 प्रतिशत है। यह अगले कुछ वर्षों में बढ़कर 20-23 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। यानी शहरी ग्राहकों की खरीदारी में क्विक कॉमर्स का योगदान कई गुना बढ़ने की संभावना है। मेट्रो शहरों में क्विक कॉमर्स यूजर्स की संख्या भी तेजी से बढ़ने का अनुमान है। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2031 तक इन शहरों में यूजर्स की संख्या मौजूदा करीब 2.8 करोड़ से बढ़कर लगभग 5 करोड़ हो सकती है।
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सिर्फ टॉप-अप ऑर्डर तक सीमित नहीं रहेगा बाजार
क्विक कॉमर्स ने शहरी ग्राहकों की खरीदारी की आदतों में मजबूत जगह बना ली है। अब सेक्टर अगले चरण में प्रवेश कर रहा है, जहां कंपनियां सिर्फ अचानक जरूरत पड़ने पर किए जाने वाले छोटे ऑर्डर के बजाय नियमित किराना खरीदारी को भी अपने प्लेटफॉर्म पर लाने की कोशिश करेंगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि प्लेटफॉर्म और ब्रांड्स को किराना सेगमेंट में अपनी पहुंच और गहरी करनी होगी। ग्राहकों को केवल ‘टॉप-अप ऑर्डर’ करने की आदत से आगे बढ़ाकर हर महीने घर के राशन और पेंट्री की नियमित खरीदारी के लिए क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना होगा।
ब्रांड्स के लिए बदल रही रणनीति
इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए ब्रांड्स को केवल तेज डिलीवरी पर निर्भर रहने के बजाय कई अन्य पहलुओं पर भी ध्यान देना होगा। इनमें उत्पादों की ताजगी, सप्लाई चेन में पारदर्शिता, बड़े पैक की उपलब्धता और कीमत के लिहाज से बेहतर पैकेजिंग शामिल हैं। कंपनियां ग्राहकों को दोबारा खरीदारी के लिए प्रेरित करने के लिए लक्षित रीप्लेनिशमेंट मार्केटिंग और रिमाइंडर का इस्तेमाल कर सकती हैं। इसका उद्देश्य ग्राहकों में नियमित अंतराल पर जरूरी सामान दोबारा ऑर्डर करने की आदत विकसित करना होगा।
किराना से इलेक्ट्रॉनिक्स तक बढ़ रहा दायरा
गूगल इंडिया में क्विक कॉमर्स और फूडटेक के इंडस्ट्री हेड करण दुगल के मुताबिक, भारत में क्विक कॉमर्स अब किसी एक बिजनेस मॉडल तक सीमित नहीं है। मेट्रो और गैर-मेट्रो शहरों में खरीदारी का व्यवहार तेजी से बदल रहा है और इसका असर रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स तक की खरीदारी पर दिखाई दे रहा है। दुगल ने कहा कि उद्योग हर महीने लेनदेन करने वाले 10 करोड़ यूजर्स के महत्वपूर्ण पड़ाव की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में ब्रांड्स के लिए सिर्फ नए ग्राहक जोड़ना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि पहली खरीदारी के बाद भरोसा कायम करना, पुराने ग्राहकों को सही समय पर दोबारा जोड़ना और लंबे समय की ब्रांड लॉयल्टी विकसित करना भी अहम होगा।
क्विक कॉमर्स का विस्तार अब सिर्फ तेज डिलीवरी की सुविधा तक सीमित नहीं रह गया है। आने वाले वर्षों में नियमित किराना, पेंट्री, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य कैटेगरी में इसकी पैठ बढ़ने से बाजार का आकार तेजी से बढ़ सकता है। रिपोर्ट के अनुमान के मुताबिक, FY31 तक 90 अरब डॉलर का स्तर इस बदलाव की संभावित तस्वीर पेश करता है।
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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)..
1.भारत का क्विक कॉमर्स बाजार FY31 तक कितना बड़ा हो सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, भारत का क्विक कॉमर्स बाजार FY26 के करीब 13 अरब डॉलर से बढ़कर FY31 तक लगभग 90 अरब डॉलर पहुंच सकता है।
2.क्विक कॉमर्स के कितने यूजर्स होने का अनुमान है?
FY31 तक हर महीने क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर लेनदेन करने वाले यूजर्स की संख्या 10 करोड़ से अधिक होने का अनुमान है।
3.क्विक कॉमर्स की ग्रोथ में मेट्रो शहरों की क्या भूमिका होगी?
FY31 तक क्विक कॉमर्स की अतिरिक्त ग्रोथ में मेट्रो शहरों की हिस्सेदारी करीब 60% रहने का अनुमान है। यहां यूजर्स की संख्या 2.8 करोड़ से बढ़कर करीब 5 करोड़ हो सकती है।
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