₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund मंजूर, छोटे उद्योगों की फंडिंग आसान और निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा

खबर सार :-

₹10,000 करोड़ के एसएमई ग्रोथ फंड से छोटे उद्योगों की फंडिंग तक पहुंच आसान हो सकती है। इंडस्ट्री के मुताबिक, सरकारी इक्विटी भागीदारी निवेशकों का भरोसा बढ़ाएगी और टियर-2 व टियर-3 शहरों के कारोबारों को भी पूंजी मिल सकती है।
₹10,000 करोड़ का SME Growth Fund, छोटे उद्योगों को मिलेगी नई उड़ान

खबर विस्तार : -

SME Growth Fund: केंद्र सरकार की ओर से 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड (SGF) को मंजूरी दिए जाने को इंडस्ट्री ने छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए फंडिंग के लिहाज से अहम कदम बताया है। उद्योग प्रतिनिधियों का कहना है कि इस फंड से छोटे कारोबारों के लिए विकास पूंजी तक पहुंच आसान हो सकती है। साथ ही, सरकार की इक्विटी भागीदारी से निजी निवेशकों का भरोसा भी बढ़ने की उम्मीद है।

पीएचडीसीसीआई के सीईओ और महासचिव रणजीत मेहता ने कहा कि 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड छोटे उद्योगों के सामने मौजूद आसान फंडिंग तक पहुंच की चुनौती को दूर करने में मदद कर सकता है। उनके मुताबिक, सरकार की ओर से इक्विटी के जरिए भागीदारी किए जाने से निवेशकों को भी छोटे उद्योगों में पूंजी लगाने के लिए अधिक भरोसा मिल सकता है।

IPO की तैयारी कर रहे MSME को भी फायदा

रणजीत मेहता के मुताबिक, सरकार एसएमई को इक्विटी मार्केट में आने और कारोबार का विस्तार करने में भी प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की भागीदारी उन एमएसएमई के लिए अवसर बढ़ा सकती है, जो आईपीओ के जरिए पूंजी जुटाने और अपने कारोबार को बड़े स्तर पर ले जाने की तैयारी कर रहे हैं। इंडस्ट्री के अनुसार, इक्विटी फंडिंग की उपलब्धता छोटे कारोबारों को केवल तत्काल पूंजी की जरूरत पूरी करने में ही मदद नहीं करेगी, बल्कि उन्हें विस्तार, तकनीक, उत्पादन क्षमता और नए बाजारों में निवेश के लिए भी संसाधन उपलब्ध करा सकती है।

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टियर-2 और टियर-3 शहरों पर खास फोकस

फेडरेशन ऑफ कर्नाटक चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (FKCCI) के उपाध्यक्ष के. सतीश नागराज ने कहा कि एसएमई ग्रोथ फंड का लाभ खासतौर पर टियर-2 और टियर-3 शहरों के कारोबारों को मिल सकता है। नागराज के अनुसार, पहले निजी बैंकों से फंडिंग हासिल करना आसान नहीं था, क्योंकि उनकी पहुंच कई टियर-2 और टियर-3 शहरों तक सीमित थी। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल के तहत सेबी से मंजूरी प्राप्त बैंकों की भागीदारी बढ़ने से छोटे उद्योगों तक फंड पहुंचाने का दायरा विस्तृत हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि 10,000 करोड़ रुपये की सरकारी राशि के आधार पर करीब तीन गुना अतिरिक्त फंड जुटाया जा सकता है। इससे एमएसएमई के लिए कुल उपलब्ध फंड करीब 40,000 करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि, अंतिम राशि और वास्तविक फंड प्रवाह योजना के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

किन सेक्टरों को मिलेगा फंड का फायदा?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार को 10,000 करोड़ रुपये के एसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना को मंजूरी दी। इस योजना का उद्देश्य भारत के छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए विकास केंद्रित पूंजी उपलब्ध कराना है। सरकार के मुताबिक, फंड के जरिए मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन आधारित सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन में काम कर रहे भारतीय उद्यमों के विस्तार को सक्षम बनाने पर जोर रहेगा। इसका उद्देश्य ऐसे कारोबारों को पूंजी उपलब्ध कराना है, जिनमें विकास और विस्तार की क्षमता है।

बजट की घोषणाओं से जुड़ा है फंड

एसएमई ग्रोथ फंड को केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई व्यापक घोषणाओं की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है। बजट में एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए इक्विटी, लिक्विडिटी और प्रोफेशनल सपोर्ट उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया था। इंडस्ट्री का मानना है कि छोटे कारोबारों की ग्रोथ के लिए केवल बैंक लोन पर्याप्त नहीं है। कारोबार के आकार और जोखिम के हिसाब से इक्विटी पूंजी, लंबी अवधि की फंडिंग और पेशेवर सहयोग भी जरूरी है। ऐसे में एसएमई ग्रोथ फंड से कारोबारों को पूंजी जुटाने के वैकल्पिक रास्ते मिल सकते हैं। विशेषज्ञों और उद्योग प्रतिनिधियों के अनुसार, योजना का वास्तविक असर इस बात पर निर्भर करेगा कि फंड का वितरण किस तरह होता है, छोटे शहरों तक इसकी पहुंच कितनी बनती है और योग्य एमएसएमई के लिए प्रक्रिया कितनी आसान रखी जाती है। यदि इन पहलुओं पर प्रभावी तरीके से काम होता है, तो फंड छोटे उद्योगों के विस्तार और निवेश क्षमता को बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है।

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FAQ (पूछे जाने वाले सामान्य प्रश्न)....

1.SME Growth Fund क्या है?

SME Growth Fund केंद्र सरकार की 10,000 करोड़ रुपये की पहल है, जिसका उद्देश्य छोटे और मध्यम उद्योगों को विकास के लिए पूंजी उपलब्ध कराना है।

2.SME Growth Fund से किन उद्योगों को फायदा मिल सकता है?

मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस, टेक्नोलॉजी, इनोवेशन आधारित सेक्टर और रणनीतिक वैल्यू चेन से जुड़े योग्य भारतीय उद्यमों को इसका लाभ मिल सकता है।

3.SME Growth Fund से टियर-2 और टियर-3 शहरों को क्या फायदा होगा?

इंडस्ट्री के अनुसार, फंडिंग का विस्तार टियर-2 और टियर-3 शहरों तक होने से वहां के छोटे कारोबारों के लिए पूंजी जुटाने के अवसर बढ़ सकते हैं।

 

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