New York Mayor Election: अमेरिकी राजनीति में इतिहास रचते हुए भारतीय मूल के जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क सिटी के मेयर पद का चुनाव जीत लिया है। डेमोक्रेटिक उम्मीदवार ममदानी ने निर्दलीय उम्मीदवार एंड्रयू कुओमो को हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। इसके साथ ही वे अमेरिका के सबसे बड़े महानगर के पहले मुस्लिम मेयर बन गए हैं। वे 1 जनवरी 2026 को पदभार संभालेंगे और अगले चार वर्षों तक न्यूयॉर्क का नेतृत्व करेंगे।
जोहरान ममदानी का जन्म 18 अक्टूबर 1991 को युगांडा की राजधानी कंपाला में हुआ था। उनके पिता मह्मूद ममदानी एक प्रसिद्ध अफ्रीकी विद्वान हैं और मां मीरा नायर भारतीय मूल की प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक हैं। ममदानी का बचपन युगांडा से दक्षिण अफ्रीका और फिर न्यूयॉर्क में बीता, जहां उन्होंने राजनीतिक जागरूकता और सामाजिक समानता के मुद्दों पर काम किया। भारतीय और अफ्रीकी जड़ों से जुड़े होने के बावजूद उन्होंने खुद को एक वैश्विक नागरिक के रूप में पेश किया।
जोहरान ममदानी ने जून में हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में भी पूर्व गवर्नर एंड्रयू कुओमो को हराया था। प्राइमरी जीत के बाद उन्होंने सार्वजनिक परिवहन, किफायती आवास और शिक्षा सुधार जैसे मुद्दों पर केंद्रित एक जमीनी अभियान चलाया। अपनी जीत के बाद उन्होंने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें न्यूयॉर्क मेट्रो के अंदर “Zohran for New York City” का संदेश दिखाया गया। वीडियो ने युवाओं में भारी उत्साह पैदा किया और उनके आंदोलन को नई ऊर्जा दी।
जोहरान ममदानी की जीत ने जहां डेमोक्रेट समर्थकों में जोश भर दिया, वहीं पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर ममदानी को “कम्युनिस्ट उम्मीदवार” बताते हुए कहा कि अगर वे मेयर बने तो न्यूयॉर्क सिटी की फेडरल फंडिंग में कटौती की जा सकती है। ट्रंप ने यह भी विवादास्पद बयान दिया कि “अगर कोई यहूदी व्यक्ति जोहरान ममदानी को वोट देता है, तो वह मूर्ख है।” उन्होंने ममदानी पर यहूदी विरोधी रुख अपनाने का आरोप लगाया। इसी बीच एलन मस्क ने भी ममदानी की आलोचना करते हुए चुनाव प्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर पर ममदानी का नाम दो बार छपा था और न्यूयॉर्क सिटी का चुनाव “बैलेट स्कैम” है। मस्क ने आरोप लगाया कि इस चुनाव में आईडी वेरिफिकेशन की कोई सख्त प्रक्रिया नहीं थी, जिससे धांधली की आशंका बढ़ी।
जोहरान ममदानी की जीत ने भारतीय-अमेरिकी समुदाय में गर्व और उत्साह का माहौल पैदा किया है। ममदानी ने खुद को “प्रगतिशील समाजवादी” बताया है और कहा कि वे न्यूयॉर्क को एक समानता-आधारित शहर बनाना चाहते हैं। वे भारतीय और अफ्रीकी दोनों जड़ों से आने वाले पहले ऐसे व्यक्ति हैं जिन्होंने न्यूयॉर्क जैसे वैश्विक शहर का नेतृत्व हासिल किया है।
न्यूयॉर्क में ममदानी की जीत बेशक ऐतिहासिक है, लेकिन उनके सामने शहर की आर्थिक चुनौतियाँ, महंगाई, आवास संकट और सार्वजनिक सेवाओं के प्रबंधन जैसी कई कठिन जिम्मेदारियाँ हैं। उन्हें ट्रंप प्रशासन के संभावित दबाव और विपक्षी खेमे के विरोध का सामना भी करना पड़ सकता है। उनकी नीतियाँ कितनी व्यावहारिक सिद्ध होती हैं, यह आने वाला समय बताएगा।
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