9/11 Attack History: दुनिया का सबसे ताकतवर देश अमेरिका आज ही के दिन 24 साल पहले यानी 11 सितंबर 2001 को एक बड़े आतंकी हमले से दहल उठा था। आतंकियों ने अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित वर्ल्ड ट्रेड सेंटर को निशाना बनाया था। इस भीषण आतंकी हमले में करीब 3000 लोगों की जान चली गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी अलकायदा ने ली थी। यह अमेरिकी इतिहास का एक काला दिन था। उस वक्त जॉर्ज बुश अमेरिका के राष्ट्रपति थे। इस हमले के बाद अमेरिका ने आतंकवाद के खत्मे के लिए अफगानिस्तान में प्रवेश किया। जहां चुन-चुनकर अलकायदा के आतंकियों मार गिराया। इस घटना को भले ही 24 साल हो गए हों, लेकिन आज भी उस दिन याद कर लोग समह उठते है।
आपको बता दें कि 11 सितंबर 2001 को अलकायदा के 19 आतंकियों ने चार व्यावसायिक विमानों का अपहरण कर लिया था। फिर इन्हीं विमानों के ज़रिए अमेरिका में आत्मघाती हमले किए गए। आतंकवादी संगठन अल-क़ायदा ने सबसे पहले वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर दो विमानों के ज़रिए हवाई हमला किया, जिन्हें ट्विन टावर्स के नाम से जाना जाता था। आतंकवादियों द्वारा अपहृत विमान ट्विन टावर्स से टकराए और फिर कुछ ही घंटों में दोनों इमारतें ढह गईं। यह देखकर पूरी दुनिया दंग रह गई।
तीसरे विमान को राजधानी वाशिंगटन डीसी के बाहर वर्जीनिया राज्य के अर्लिंग्टन की ओर मोड़ दिया गया, जहाँ अमेरिकी रक्षा मंत्रालय यानी पेंटागन मौजूद था। इस विमान को पेंटागन ले जाकर क्रैश कर दिया गया, जिससे वहाँ भारी नुकसान हुआ। वहीं, चौथे विमान में मौजूद यात्रियों ने आतंकवादियों का विरोध करना शुरू कर दिया, जिसके बाद यह पेंसिल्वेनिया के एक खाली मैदान में क्रैश हो गया। इस हमले ने अमेरिका को हिलाकर रख दिया, क्योंकि उसने पहली बार इस स्तर के हमले का सामना किया था।
अल-क़ायदा के आतंकवादियों द्वारा किए गए इस हमले में भारी नुकसान हुआ। ट्विन टावर हमले में सबसे ज़्यादा लोग मारे गए, क्योंकि सबसे पहले उस इमारत में काम करने वालों को ही आतंकवादियों ने निशाना बनाया था। इसके बाद इमारत के ढहने से भी लोगों की जान गई। इस हमले में 2,977 लोग मारे गए, जो 90 अलग-अलग देशों के थे। पेंटागन में 184 लोग मारे गए और चौथे विमान हादसे में 40 लोग मारे गए। मृतकों में 400 पुलिस अधिकारी और अग्निशमन कर्मी शामिल थे।
इस आतंकवादी हमले के बाद तत्कालीन राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने व्हाइट हाउस से जनता को संबोधित किया था। इस दर्दनाक हमले के पीछे अल-कायदा प्रमुख ओसामा बिन लादेन का हाथ था। अमेरिका ने कार्रवाई करते हुए 2 मई 2011 को पाकिस्तान के एबटाबाद में ओसामा बिन लादेन को मार गिराया था।
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