लखनऊः देशभर में तुर्की के खिलाफ माहौल बना हुआ है। बीते दिनों भारत-पाक के बीच युद्ध जैसी स्थिति थी, ऐसे में विश्व में केवल तुर्की ही पाकिस्तान के हितैषी के रूप में खुलकर सामने आया था। तुर्की सरकार ने पाकिस्तान को हथियारों के अलावा कई और तरह से मदद की थी। तुर्किए का यह कारनामा तब का है, जबकि विश्व में किसी भी देश ने पाकिस्तान का साथ नहीं दिया। पहलगाम में आतंकियों ने 27 लोगों को गोली मारकर मौत की नींद सुला दिया था। यह आतंकी पाकिस्तान सरकार और सेना के संरक्षण में ही भारत की ओर बढ़े थे।
युद्ध जैसे हालात में तुर्की को छोड़कर पूरी दुनिया ने पाकिस्तान का साथ छोड़ दिया था। भारत के इतिहास में कभी भी उन वस्तुओं को पसंद नहीं किया गया, जिस देश के लोग या सरकार हमारे देश के खिलाफ खड़े हुए। देश ने चीन की वस्तुओं का कई बार त्याग किया है। यही कारण है कि अब भारतभर में यह आवाज उठने लगी है कि तुर्की का पर्यटन और वहां की किसी भी वस्तु को देश में न लाया जाए। भारत सरकार ने भी तुर्की के इस आचरण के खिलाफ कदम बढ़ा दिया है।
भारत सरकार ने तुर्की की कंपनी सेलेबी एविएशन की सुरक्षा मंजूरी को सिरे से खारिज कर दिया है। ऐसा इसलिए है कि अंकारा ने इस्लामाबाद का समर्थन किया था। यह कार्रवाई नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू किंजरापु की एक छोटी सी टिप्पणी के बाद ही शुरू कर दी गई थी। उन्होंने कहा था कि भारत में किसी भी कंपनी को राष्ट्र के हित में काम करने की इजाजत होती है। नागरिक उड्डयन मंत्री ने मीडिया को दिए बयान में कहा कि उड़ानें राष्ट्रीय पहलू की सुरक्षा से जुड़ी होती हैं। आगे सुरक्षा एजेंसियों से बात के बाद ही निर्णय लिया जाएगा। इधर कुछ क्षेत्रों में तुर्की के सामान और पर्यटन से दूरियां बनाने का निर्णय लिया गया है।
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