लखनऊ, राहुल गांधी ने लंदन में सावरकर पर दिए बयान के दौरान गोडसे का जिक्र किया था। उन्होंने सात्यकी सावरकर की मातृ पक्ष की जानकारी मांगी थी। इस मामले में कोर्ट ने कहा है कि मामला भाषण से जुड़ा है, यह पारिवारिक वंश से नहीं है। कोर्ट ने सवाल करते हुए राहुल की जमानत रद करने की मांग भी ठुकरा दी। कोर्ट में सवाल किया गया कि राहुल गांधी के लंदन में सावरकर पर दिए बयान के मामले में गोडसे का जिक्र क्यों किया गया? राहुल गांधी के वकील पवार ने अदालत के समक्ष एक आवेदन दायर कर सात्यकी सावरकर की ’मातृ वंशावली’ के बारे में जानकारी मांगी है।
विनायक दामोदर सावरकर के एक रिश्तेदार हैं। उन्होंने बुधवार को पुणे की एक अदालत में एक आवेदन दायर किया था। इसमें उस ‘पुस्तक’ की जानकारी मांगी। इस पुस्तक का जिक्र कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने किया था। कुछ समय पहले गांधी ने लंदन में एक भाषण दिया था, इसमें हिंदुत्व विचारक के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी की थी। सावरकर परिवार और उनके रिश्तेदारों ने कहा कि गांधी की टिप्पणी कल्पनाओं पर आधारित थी। बचाव पक्ष के वकील ने अपनी याचिका में कहा है कि सात्यकी की मां दिवंगत हिमानी अशोक सावरकर महात्मा गांधी के हत्यारे नाथूराम गोडसे के परिवार से थीं। उनके (हिमानी) पिता गोपाल गोडसे नाथूराम गोडसे के भाई थे।
सात्यकी सावरकर मानहानि का केस कराया था। यह भाषण लंदन में 2023 को दिया गया था। राहुल गाधी के भाषण के बाद सियासत गर्मा गई थी। मामले में आरोपी द्वारा बयान दर्ज कराने के लिए 10 जनवरी, 2025 की तारीख तय की गई थी। इस मामले में आरोपी के बयान दर्ज नहीं कराये जा रहे हैं। सात्यकी सावरकर का प्रतिनिधित्व अधिवक्ता संग्राम कोल्हटकर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमने अदालत से आरोपी (राहुल गांधी) को वीडी सावरकर द्वारा कथित रूप से लिखी गई पुस्तक पेश करने का निर्देश देने की मांग की है।
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