Philippines Earthquake : भूकंप के तेज झटकों से कांपा फिलीपींस, दहशत से घरों से बाहर निकले लोग

खबर सार :-
Philippines Earthquake: दक्षिणी फिलीपींस के समुद्री इलाके में 6.4 तीव्रता का भूकंप आया, जिसका सेंटर मिंडानाओ आइलैंड के सैंटियागो शहर से 27 किलोमीटर पूरब में समुद्र में था। हालांकि भूकंप से किसी के हताहत की कोई सूचना नहीं है।

Philippines Earthquake : भूकंप के तेज झटकों से कांपा फिलीपींस, दहशत से घरों से बाहर निकले लोग
खबर विस्तार : -

Philippines Earthquake : फिलीपींस के दक्षिणी समुद्र तट के पास बुधवार (7 जनवरी) को जोरदार भूकंप के झटके महशूस किए गए। भूकंप की तीव्रता 6.4 मापी गई। फिलीपीन इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी (PHIVOLCS) के मुताबिक भूकंप लोकल टाइम सुबह 11:02 बजे आया और इसका केंद्र डावाओ ओरिएंटल प्रांत के तटीय शहर मैने से लगभग 47 किलोमीटर दूर था। 

भूकंप की गहराई 42 किलोमीटर बताई जा रही है। भूकंप के तेज झटके पूरे मिंडानाओ आइलैंड में महसूस किए गए। वहीं दहशत से लोग अपने घरों और ऑफिस से बाहर निकल आए। हालांकि, राहत की बात यह की भूकंप से किसी बड़े नुकसान या किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। फिलहाल अधिकारी हालात पर करीब से नजर बनाए हुए हैं। हालांकि, अभी तक सुनामी की कोई चेतावनी जारी नहीं की गई है।

Philippines Earthquake : इससे पहले 22 दिसंबर 2025 को आया था भूकंप

इससे पहले, 22 दिसंबर, 2025 को फिलीपींस के पास समुद्र में 5.7 तीव्रता का भूकंप आया था। उस समय भूकंप की गहराई 10 किलोमीटर थी और इसका केंद्र 8.32 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 127.57 डिग्री पूर्वी देशांतर पर था। इसके अलावा, अक्टूबर 2025 में, मध्य फिलीपींस में 6.9 तीव्रता का बहुत शक्तिशाली भूकंप आया था। उस भूकंप से कई इमारतों को नुकसान पहुंचा, कुछ गिर गईं, और कई लोग मारे गए। कई इलाकों में बिजली सप्लाई बाधित हो गई, जिससे हालात और बिगड़ गए। उस भूकंप का केंद्र सेबू प्रांत के तटीय शहर बोगो से लगभग 19 किलोमीटर उत्तर-पूर्व में था, और इसकी गहराई सिर्फ पांच किलोमीटर थी। एहतियात के तौर पर सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन बाद में इसे वापस ले लिया गया।

गौरतलब है कि फिलीपींस दुनिया के सबसे भूकंप के लिहाज से सेंसिटिव इलाकों में से एक है। यह देश पैसिफिक रिंग ऑफ फायर में है, जहां टेक्टोनिक प्लेटों की लगातार हलचल से अक्सर भूकंप और ज्वालामुखी की हलचल होती है।

Earthquake Today : बार-बार क्यों आता है भूकंप ? 

पृथ्वी की ऊपरी परत, जिसे लिथोस्फीयर कहते हैं, कई टेक्टोनिक प्लेटों से बनी होती है। जब ये प्लेटें आपस में टकराती हैं या एक-दूसरे पर फिसलती हैं, तो ज़मीन के नीचे बहुत ज़्यादा एनर्जी जमा हो जाती है। जब चट्टानें इस दबाव को झेल नहीं पातीं, तो वे अचानक टूट जाती हैं या खिसक जाती हैं, जिससे वाइब्रेशन होता है। ये वाइब्रेशन लहरों के रूप में सतह तक पहुंचते हैं, जिन्हें हम भूकंप कहते हैं। भूकंप की गहराई और तेजी से नुकसान का पैमाना तय होता है।

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