Nepal: नेपाल का 20वां लोकतंत्र दिवस आज, पीएम बालेन शाह ने नहीं दिया शुभकामना संदेश

खबर सार :-
Nepal: नेपाल का 20वां लोकतंत्र दिवस आज है। इस मौके पर राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री के साथ ही सभी दल देश की जनता को बधाई देते हैं। लेकिन, प्रधानमंत्री बालेन शाह की ओर से जनता के लिए कोई बधाई संदेश जारी नहीं किया गया है।

Nepal: नेपाल का 20वां लोकतंत्र दिवस आज, पीएम बालेन शाह ने नहीं दिया शुभकामना संदेश
खबर विस्तार : -

काठमांडू: नेपाल आज अपना 20वां लोकतंत्र दिवस मना रहा है। लेकिन, प्रधानमंत्री बालेन शाह व सत्तारुढ़ दल के अध्यक्ष रवि लामिछाने समेत किसी भी राजनेता का बधाई संदेश न देना चर्चा का विषय बना हुआ है।

नेपाल के लिए यह दिन बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि 24 अप्रैल 2006 को निरंकुश शासन की हार हुई थी। तत्कालीन राजा ज्ञानेन्द्र शाह ने 2 मई 2002 को भंग की गई संसद को दोबारा गठित करने व स्वंय कार्यकारी प्रमुख के पद से हटने की घोषणा की थी। उस दिन पूर्व राजा ने कहा था कि, ‘‘नेपाली जनता राज्य शक्ति का स्त्रोत है और देश की संप्रभुता व राजकीय सत्ता जनता में है। वर्तमान समय में जनआंदोलन के द्वारा व्यक्त जनभावना के अनुसार प्रतिनिधि सभा का दोबारा गठन किया गया है।’

इस तरह बना संविधान

नेपाल में निरंकुशता के खिलाफ आवाज उठा रहे सात राजनीतिक दलों व तत्कालीन विद्रोही नेपाल कम्युनिस्ट  (माओवादी) पाटी की भागीदारी से हुए जनआंदोलन के बाद प्रतिनिधि सभा की बैठक बुलाई गई। इसके बाद दो चुनाव के बाद गठित संविधान सभा ने 20 सितंबर 2015 को संघीय लोकतांत्रिक गणराज्य नेपाल का संविधान जारी किया , जिससे नेपाल संघीय व्यवस्था में प्रवेश कर गया। इसके बाद संघ, प्रांत और स्थानीय स्तर पर दो बार चुनाव हो चुके हैं और देश फिलहाल संघीय व्यवस्था का अभ्यास कर रहा है। वर्ष 2006 से हर साल नेपाल में निरंकुश शासन के अंत की याद में 24 अप्रैल को लोकतंत्र दिवस मनाया जाता है।

लंबे समय से चल रही परंपरा

लोकतंत्र दिवस पर राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित पूरे राजनीतिक परिदृश्य के नेताओं द्वारा आम जनता को बधाई और शुभकामनाएं देना एक लंबे समय से चली आ रही परंपरा रही है। हालांकि, इस परंपरा से हटते हुए नेपाल में "Gen Z" के विद्रोह की बदौलत बनी नई सरकार के प्रधानमंत्री बालेन शाह और उनकी पार्टी के अध्यक्ष रवि लामिछाने समेत किसी ने भी कोई बधाई संदेश जारी नहीं किया है।

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