US-Israel Iran War: मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध 33वें दिन में प्रवेश कर गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपनी धमकियां तेज कर दी हैं, जबकि तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। ऐसे में युद्ध खतरनाक रूप लेता जा रहा है। हालांकि, ईरान और अमेरिका के बीच 45 दिन के सीजफायर को लेकर बातचीत चल रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अगर समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर बड़े हमले किए जा सकते हैं, जिसके लिए अमेरिका और इजरायल ने तैयारी कर ली है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौते के पहले चरण में 45 दिनों का युद्धविराम लगाया जाएगा। जिसके दौरान एक स्थायी शांति समझौते पर बातचीत की जाएगी। इस बातचीत में पाकिस्तान, मिस्र और तुर्किये मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। मध्यस्थों का कहना है कि अगले 48 घंटे इस डील के लिए आखिरी मौका है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और इजरायल ने ईरान के ऊर्जा और बुनियादी ढांचे के ठिकानों पर हमले की योजना तैयार की है। हालांकि, ईरान होर्मुज स्ट्रेट और अपने परमाणु कार्यक्रम जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर फिलहाल कोई बड़ी रियायत देने के मूड में नहीं दिख रहा है।
ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि होर्मुज अब उसके नियंत्रण वाला रणनीतिक हथियार बन गया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) के अनुसार, पिछले 24 घंटों में उसकी अनुमति के बाद 15 जहाजों को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी गई। यह कदम ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ईरान पर इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग को पूरी तरह से खोलने के लिए लगातार दबाव बना रहा है। हालांकि, ईरान ने साफ कर दिया है कि यह रास्ता अब पहले की तरह 'सामान्य' नहीं रहेगा, खासकर अमेरिका और इजरायल के लिए।
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि अगर समझौता नहीं हुआ तो अमेरिका 'पूरे देश को तबाह कर सकता है।' उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बिजली संयंत्रों और पुलों जैसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने पहले की समयसीमा को बढ़ाते हुए मंगलवार शाम तक का नया अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास 'किसी समझौते पर पहुंचने के लिए पर्याप्त समय' है, लेकिन अगर वह ऐसा नहीं करता है तो परिणाम गंभीर होंगे। दरअसल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को वॉल स्ट्रीट जर्नल को बताया कि ईरान के लिए होर्मुज स्ट्रेट खोलने या ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों का सामना करने की उनकी डेडलाइन मंगलवार शाम है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी पर पलटवार करते हुए ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि यदि उसके नागरिक ठिकानों पर बमबारी की गई, तो ईरान "बहुत अधिक विनाशकारी" प्रतिशोध लेगा। ईरानी सेना की सैन्य कमान के मुख्यालय खतम अल-अंबिया के एक प्रवक्ता ने टेलीग्राम पर एक बयान में कहा, "अगर नागरिक ठिकानों पर हमले दोहराए जाते हैं, तो हमारे आक्रामक और जवाबी कदमों का अगला चरण बहुत अधिक विनाशकारी और व्यापक होगा।" ईरान के सरकारी प्रसारक आईआरआईबी ने अपनी रिपोर्ट में यह जानकारी दी है. दुनिया की तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा आम तौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है और इसके प्रभावी रूप से बंद होने से वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।
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