नई दिल्लीः पाकिस्तान के खिलाफ भारत की मोर्चाबंदी तेज होती जा रही है। भारत की सैन्य कर्रवाई आतंकियों के खिलाफ है, न कि किसी देख के। सोमवार को इजराइली टीवी चैनल में भारत के राजदूत जेपी सिंह की एक मांग को जबरदस्त तरीके से पेश किया गया। अपने साक्षात्कार में वह ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र कर रहे हैं। उन्होंने उन लोगों को समझाने की कोशिश की है, जो यह मुद्दा बनाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ हमलावर रहा है। जेपी सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान में आतंकवादी समूहों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई जरूर थी।
राजदूत जेपी सिंह ने पाकिस्तान को नसीहत देते हुए कहा कि उसे एक सरल काम करना चाहिए। पाकिस्तान को याद दिलाया कि आतंकवाद ऐसा मुद्दा है, जिसमें किसी के साथ दया नहीं दिखाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका आतंकवादी को भारत के हाथ सौंप सकता है, तो पाकिस्तान पीछे क्यों हो रहा है? राजदूत ने हाफिज सईद, लखवी, साजिद मीर के नाम लिए हैं। बता दें कि तहव्वुर राणा को अमेरिका से लाया गया है। भारत के ऑपरेशन सिंदूर का बहुत से देशों ने सराहना की है।
यह कार्रवाई आतंकवादी समूहों और उनके बुनियादी ढांचे के खिलाफ था। 22 अप्रैल को भारत कभी भूल नहीं सकता हैं। इस दिन पहलगाम में आतंकवादियों ने 26 लोगों को उनके धर्म के आधार पर मारा था। पाकिस्तान को तमाम जानकारियां होने के बाद भी वह पहलगाम हमले की जांच कराने की पेशकश कर रहा है। जबकि भारत के पास पाकिस्तान में आतंकी अड्डों के तमाम सुबूत हैं। जेपी सिंह कहते हैं कि पाकिस्तान सिर्फ ध्यान भटकाने की रणनीति कर रहा है। लश्कर-ए-तैयबा का प्रमुख हाफिज सईद मुंबई हमले का आरोपी है। इस मामले में पाक उसे बचाता रहा है। आतंकवाद के मामले में पाकिस्तान का दोहरा मापदंड रहा है। आतंकी कसाब के मामले में भी वह झूठ बोलता रहा।
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