दावोस में ट्रंप का बड़ा बयान: पीएम मोदी को बताया 'खास दोस्त', बोले बहुत इज्जत करता हूं, जल्द एक 'शानदार' ट्रेड डील होने के संकेत

खबर सार :-
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावोस में पीएम मोदी की प्रशंसा करते हुए उन्हें एक 'बेहतरीन शख्स' बताया और भारत के साथ जल्द ही एक बड़ी ट्रेड डील होने का भरोसा जताया।

दावोस में ट्रंप का बड़ा बयान: पीएम मोदी को बताया 'खास दोस्त', बोले बहुत इज्जत करता हूं, जल्द एक 'शानदार' ट्रेड डील होने के संकेत
खबर विस्तार : -

दावोस (स्विट्जरलैंड): विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से जारी व्यापारिक तनाव को कम करने की नई उम्मीद जगा दी है। टैरिफ को लेकर दी गई पिछली धमकियों और कड़े रुख के बीच, ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है और जल्द ही एक बड़ी ट्रेड डील होने की संभावना जताई है।

पीएम मोदी के मुरीद हुए ट्रंप

दावोस में मीडिया से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपने निजी संबंधों और आपसी सम्मान का जिक्र किया। ट्रंप ने कहा, आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है। वह एक बेहतरीन इंसान हैं और मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं।" व्यापारिक समझौतों पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सकारात्मक लहजे में कहा कि दोनों देशों के बीच जल्द ही एक 'बेहतरीन ट्रेड डील' होने जा रही है।

उतार-चढ़ाव भरे रहे हैं व्यापारिक रिश्ते

ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में कुछ कड़वाहट देखी गई थी। पिछले साल अगस्त में वार्ता विफल होने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था, जो वैश्विक स्तर पर सबसे ऊंची दरों में से एक है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क भी लगाया गया था। हालांकि, हालिया घटनाक्रम बताते हैं कि दोनों पक्ष अब नरमी बरत रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में पुष्टि की थी कि व्यापारिक मुद्दों पर सक्रिय संवाद जारी है।

रणनीतिक सहयोग पर जोर

सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर विस्तृत चर्चा की है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र निम्नलिखित क्षेत्र रहे:

  •  महत्वपूर्ण खनिज और परमाणु ऊर्जा
  •  रक्षा सहयोग और तकनीक का हस्तांतरण
  •  द्विपक्षीय व्यापार असंतुलन को कम करना

2030 तक का बड़ा लक्ष्य

भारत और अमेरिका ने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। व्यापार घाटे को कम करने के लिए भारत ने अमेरिका से रक्षा उपकरण और ऊर्जा (एलएनजी) की खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया है। कल होने वाली अगली दौर की व्यापार वार्ता इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।

अन्य प्रमुख खबरें