दावोस (स्विट्जरलैंड): विश्व आर्थिक मंच (WEF) की बैठक के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक ताजा बयान ने भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से जारी व्यापारिक तनाव को कम करने की नई उम्मीद जगा दी है। टैरिफ को लेकर दी गई पिछली धमकियों और कड़े रुख के बीच, ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है और जल्द ही एक बड़ी ट्रेड डील होने की संभावना जताई है।
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में कुछ कड़वाहट देखी गई थी। पिछले साल अगस्त में वार्ता विफल होने के बाद, ट्रंप प्रशासन ने भारतीय वस्तुओं पर आयात शुल्क बढ़ाकर 50 फीसदी कर दिया था, जो वैश्विक स्तर पर सबसे ऊंची दरों में से एक है। इसके अलावा, रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 फीसदी शुल्क भी लगाया गया था। हालांकि, हालिया घटनाक्रम बताते हैं कि दोनों पक्ष अब नरमी बरत रहे हैं। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने हाल ही में पुष्टि की थी कि व्यापारिक मुद्दों पर सक्रिय संवाद जारी है।
सिर्फ व्यापार ही नहीं, बल्कि कूटनीतिक मोर्चे पर भी सरगर्मी तेज है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने हाल ही में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से फोन पर विस्तृत चर्चा की है। इस बातचीत का मुख्य केंद्र निम्नलिखित क्षेत्र रहे:
2030 तक का बड़ा लक्ष्य
भारत और अमेरिका ने वर्ष 2030 तक अपने द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना कर 500 अरब डॉलर तक पहुँचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। व्यापार घाटे को कम करने के लिए भारत ने अमेरिका से रक्षा उपकरण और ऊर्जा (एलएनजी) की खरीद बढ़ाने का आश्वासन दिया है। कल होने वाली अगली दौर की व्यापार वार्ता इस दिशा में निर्णायक साबित हो सकती है।
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