Israel-Iran Conflict: इजरायल और अमेरिका के हमलों में अस्पताल और स्कूल निशाना, अब तक 1230 की मौत

खबर सार :-
Israel-Iran Conflict: ईरान पर इजरायल और अमेरिका के भीषण हमले जारी हैं। अस्पतालों, स्कूलों और यूनेस्को विरासत स्थलों सहित 3300 से अधिक नागरिक ठिकाने तबाह हो गए हैं। जानें ताज़ा हालात।

Israel-Iran Conflict: इजरायल और अमेरिका के हमलों में अस्पताल और स्कूल निशाना, अब तक 1230 की मौत
खबर विस्तार : -

Israel-Iran Conflict:  ईरान के आसमान से बरसती मिसाइलें और चारों तरफ फैला धुंआ इस वक्त मध्य पूर्व की सबसे भयावह तस्वीर पेश कर रहा है। पिछले छह दिनों से जारी इजरायल और अमेरिकी गठबंधन के हमलों ने ईरान के जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। ये हमले अब केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहे हैं, बल्कि इनका दायरा तेजी से रिहाइशी इलाकों, अस्पतालों, स्कूलों और सांस्कृतिक धरोहरों तक फैल गया है।

Azadi Stadium Attack

Israel-Iran Conflict : तेहरान के 'आजादी स्टेडियम' और सांस्कृतिक विरासत पर प्रहार

ताजा हमलों में ईरान के सबसे बड़े खेल परिसर, आजादी स्टेडियम को निशाना बनाया गया। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरों में स्टेडियम के ऊपर काले धुएं का गुबार साफ देखा जा सकता है। इसके अलावा, ईरान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इन हमलों में यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल गोलेस्तान पैलेस (Golestan Palace) परिसर को भी नुकसान पहुँचा है। तेहरान के प्रसिद्ध ग्रैंड बाजार और कई रिहाइशी इलाकों पर हुई बमबारी ने आम नागरिकों के मन में दहशत पैदा कर दी है। स्थानीय निवासी मोहम्मद रजा ने फोन पर अपनी आपबीती बताते हुए कहा, "आज के हालात कल से भी बदतर हैं। उत्तरी तेहरान में लगातार धमाके हो रहे हैं। हमारे पास छिपने की कोई जगह नहीं है, पूरा शहर जंग का मैदान बन चुका है।"

Tehran Bombing

Israel-Iran Conflict : नागरिक ठिकानों पर भारी नुकसान- रेड क्रेसेंट की रिपोर्ट

ईरानी रेड क्रेसेंट और सरकारी आंकड़ों ने इस युद्ध की जो भयावह तस्वीर पेश की है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है। ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, अब तक हुई बमबारी में पूरे देश में 3,600 से अधिक नागरिक ठिकाने गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। रेड क्रेसेंट के प्रमुख द्वारा साझा किए गए विवरण बताते हैं कि हमलों की मार सबसे ज़्यादा आम लोगों के आशियानों पर पड़ी है, जहाँ अब तक 3,090 घर मलबे के ढेर में तब्दील हो चुके हैं। इसके अलावा, आर्थिक कमर तोड़ने के उद्देश्य से 528 व्यावसायिक केंद्रों को भी निशाना बनाया गया है। संकट की इस घड़ी में राहत कार्य भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं, क्योंकि 13 चिकित्सा सुविधाएं और रेड क्रेसेंट के 9 केंद्रों पर सीधे हमले हुए हैं। तेहरान के सबसे प्रतिष्ठित स्वास्थ्य केंद्र, जैसे खातम अस्पताल, गांधी अस्पताल और वलीअसर बर्न अस्पताल, इन हमलों में बुरी तरह ढह गए हैं। स्थिति तब और भी हृदयविदारक हो गई जब इन अस्पतालों के ढांचे गिरने से वहां इलाज करा रहे मरीज मलबे के नीचे दब गए, जिससे बचाव कार्य में लगी टीमों के सामने एक बड़ी मानवीय त्रासदी खड़ी हो गई है।

missile strike on a school in Minab iran

Israel-Iran Conflict : स्कूलों पर हमला: मासूमों की जान पर बन आई

इस युद्ध की सबसे दर्दनाक तस्वीर स्कूलों से सामने आ रही है। मीनाब (Minab) के एक स्कूल पर हुई मिसाइल स्ट्राइक में 175 स्कूली छात्राओं और स्टाफ की मौत हो गई थी। इसके कुछ ही दिन बाद तेहरान के दक्षिण-पश्चिम में स्थित पारंद (Parand) शहर में दो और स्कूलों को निशाना बनाया गया। ईरान में अब तक कुल मरने वालों की संख्या 1,230 तक पहुँच गई है, जिसमें बड़ी संख्या मासूम बच्चों की है।

 destruction across Iran after US and Israeli air strikes

Israel-Iran Conflict : विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की कड़ी प्रतिक्रिया

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने ईरान के स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे पर हमलों की पुष्टि की है। डब्लूएचओ के महानिदेशक टेड्रोस अदनोम घेब्रेयेसस ने बताया कि अब तक स्वास्थ्य सेवाओं पर 13 हमले हुए हैं, जिसमें 4 स्वास्थ्य कर्मियों की मौत हुई है और 25 घायल हुए हैं। हमलों की वजह से चार एम्बुलेंस भी नष्ट हो गई हैं, जिससे घायलों को मदद पहुँचाना और भी मुश्किल हो गया है।

US Israel Strikes

 समुद्र तक फैला युद्ध का दायरा

यह संघर्ष अब जमीन से निकलकर समुद्र तक पहुँच गया है। हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास एक अमेरिकी पनडुब्बी ने ईरान के युद्धपोत 'आइरिस देना' (Iris Dena) को टॉरपीडो से हमला कर डुबो दिया। श्रीलंकाई नौसेना ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल से 87 शव बरामद किए हैं, जबकि 32 लोगों को बचा लिया गया है। इजरायल ने तेहरान और अन्य शहरों पर हमलों की पुष्टि करते हुए अपने सैन्य अभियान को और तेज करने के संकेत दिए हैं। साथ ही, युद्ध की आग अब लेबनान तक भी फैलने लगी है। ईरानी अधिकारियों ने हमलों के दस्तावेजी सबूत रेड क्रॉस की अंतर्राष्ट्रीय समिति को सौंप दिए हैं ताकि इसे अंतर्राष्ट्रीय मंच पर कानूनी रूप से चुनौती दी जा सके। मौजूदा हालात को देखते हुए दुनिया भर के विशेषज्ञ एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध की आशंका जता रहे हैं। यदि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया, तो मानवीय संकट और भी गहरा सकता है।

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