अमेरिकी हेलफायर हमले से व्यापारिक टैंकर निष्क्रिय, ईरान ने बताया कूटनीतिक विश्वासघात

खबर सार :-
ओमान की खाड़ी में अमेरिकी सेना ने चेतावनी न मानने वाले व्यापारिक जहाज को हेलफायर मिसाइल से निष्क्रिय किया। घटना के बाद ईरान ने अमेरिका पर कूटनीतिक विश्वासघात का आरोप लगाया।
अमेरिकी हेलफायर हमले से व्यापारिक टैंकर निष्क्रिय, ईरान ने बताया कूटनीतिक विश्वासघात
खबर विस्तार : -

मस्कटः ओमान की खाड़ी में एक व्यापारिक जहाज को अमेरिकी सेना द्वारा हेलफायर मिसाइल से निशाना बनाए जाने की घटना ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से जारी तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी केंद्रीय कमान (सेंटकॉम) के अनुसार, गाम्बिया का झंडा लगाए एक वाणिज्यिक जहाज को कई बार चेतावनी दिए जाने के बावजूद उसके मार्ग में बदलाव नहीं किया गया, जिसके बाद उसे निष्क्रिय करने के लिए सीमित सैन्य कार्रवाई की गई।

सेंटकॉम ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल पर जारी बयान में कहा कि संबंधित जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में सैन्य नाकाबंदी से जुड़े निर्देशों का पालन नहीं कर रहा था और लगातार ईरानी बंदरगाह की दिशा में आगे बढ़ रहा था। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जहाज को 20 से अधिक बार रेडियो और अन्य माध्यमों से चेतावनी दी गई, लेकिन जहाज के चालक दल ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।

ईरान ने दी तीखी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना द्वारा निष्क्रिय किए गए इस जहाज की पहचान एम/वी लियान स्टार के रूप में की गई है। सेंटकॉम का दावा है कि हेलफायर मिसाइल के सटीक हमले के बाद जहाज को आगे बढ़ने में असमर्थ बना दिया गया, जबकि चालक दल और समुद्री यातायात को न्यूनतम जोखिम में रखने का प्रयास किया गया। हेलफायर मिसाइल मुख्य रूप से हवा से जमीन पर मार करने वाली सटीक निर्देशित मिसाइल मानी जाती है और इसका उपयोग सैन्य अभियानों में व्यापक रूप से किया जाता है।

इस कार्रवाई पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान के सर्वोच्च नेता के सलाहकार मोहसेन रजाई ने अमेरिका पर कूटनीतिक विश्वासघात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ओर वाशिंगटन बातचीत और शांति प्रयासों की बात करता है, जबकि दूसरी ओर सैन्य नाकाबंदी और दबाव की नीति जारी रखे हुए है। रजाई के अनुसार ऐसे कदम दोनों देशों के बीच विश्वास बहाली की प्रक्रिया को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

जारी रहेंगे कूटनीतिक प्रयास

क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों में भी इस घटना को अमेरिका-ईरान संबंधों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विश्लेषकों का मानना है कि समुद्री मार्गों पर बढ़ती सैन्य सक्रियता और रणनीतिक जलक्षेत्रों में तनाव भविष्य की वार्ताओं को प्रभावित कर सकता है। विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य और ओमान की खाड़ी वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र माने जाते हैं।

हालांकि अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि कूटनीतिक प्रयास जारी रहेंगे। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने सिंगापुर में आयोजित एक रक्षा शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि ईरान के साथ बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप किसी भी समझौते को जल्दबाजी में अंतिम रूप देने के पक्ष में नहीं हैं और ऐसा समझौता चाहते हैं जो अमेरिकी सुरक्षा हितों तथा निर्धारित मानदंडों के अनुरूप हो।

हेगसेथ ने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अपनी पुरानी स्थिति पर कायम है। उनके अनुसार किसी भी व्यापक समझौते के लिए ईरान को अपने परमाणु कार्यक्रम पर स्पष्ट और ठोस प्रतिबद्धताएं देनी होंगी। उन्होंने कहा कि समझौते का एक प्रारंभिक मसौदा तैयार है, लेकिन अंतिम निर्णय दोनों पक्षों की सहमति और शर्तों के पालन पर निर्भर करेगा।

विशेषज्ञ बोले- छिड़ सकती है नई जंग

अमेरिकी रक्षा सचिव ने साथ ही यह चेतावनी भी दी कि यदि परिस्थितियां मांग करती हैं तो वाशिंगटन सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू करने से पीछे नहीं हटेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास अपने हितों और सहयोगियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सैन्य संसाधन उपलब्ध हैं।

सेंटकॉम ने भी अपने बयान में स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेनाएं होर्मुज जलडमरूमध्य और आसपास के क्षेत्रों में पूरी तरह सतर्क हैं तथा समुद्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी रख रही हैं। इस बीच क्षेत्र में बढ़ते तनाव ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान आकर्षित किया है और कई देशों ने संयम बरतने तथा संवाद के जरिए विवादों के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटना केवल एक समुद्री सुरक्षा विवाद नहीं है, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे रणनीतिक संघर्ष का नया अध्याय बन सकती है। आने वाले दिनों में दोनों देशों की प्रतिक्रियाएं और वार्ता की दिशा यह तय करेगी कि क्षेत्र में तनाव कम होगा या टकराव और गहरा जाएगा।

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