लखनऊ, भारत और पाकिस्तान के बीच का टकराव पूरी दुनिया देख चुकी है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल असीम मुनीर इसमें पराजय देखने के बाद भी काफी उत्साहित रहे हैं। लेकिन उनके ही देश के लोग ऐसी दुत्कार लगा रहे हैं, इसे शायद ही मुनीर पसंद कर पाएं। यह सब विदेश में संभव हुआ है, वह भी वहां, जहां मुनीर को दुनिया के सबसे ताकतवर इंसान ने अपने साथ लंच पर बुलाया था। भारत का ऑपरेशन सिंदूर अपने मिशन को पूरा करने के बाद रोका गया था, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीज फायर का श्रेय लेने के लिए खुद को आगे कर दिया।
अब उनका असीम मुनीर के साथ लंच करना आतंकवाद के प्रति नजरिया दर्शाता है, जबकि पाकिस्तान में दुनिया के बड़े आतंकी पनाह ले चुके हैं। इस बात को अमेरिका कैसे भूल सकता है कि पाकिस्तान में ही वर्ल्डट्रेड सेंटर में हमले का कसूरवार अफगानिस्तानी आतंकी ओसामा बिन लादेन छिपा था। पहलगांव में 27 पर्यटकों की जान लेने वाले भी पाकिस्तान के ही पाए गए। इनकी जानकारी असीम मुनीर को अच्छी तरह से है। इसलिए आतंक के प्रति अमेरिकी राष्ट्रपति का नजरिया दुनिया ने देख लिया, लेकिन विदेशी पाकिस्तानी वाशिंगटन में मुनीर के खिलाफ प्रदर्शन करते नजर आए। उन्होंने जिस तरह का विरोध किया, वह सामान्य नहीं था।
वाशिंगटन डीसी के एक होटल में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें मुनीर का स्वागत किया जाना था। इसी दौरान होटल के बाहर बड़ी संख्या में विदेशी पाकिस्तानी एकत्रित हुए थे। फील्ड मार्शल असीम मुनीर को पाकिस्तानियों का कातिल और इस्लामाबाद के कातिल कहकर नारे लगाए गए। लोगों ने कहा, मुनीर आई शेम ऑन यू। इसका वीडियो भी बनाया गया और एक्स पर साझा किया। पाक तहरीक-ए-इंसाफ (इमरान खान की पार्टी) के लोगों ने वाशिंगटन, डीसी में नारे लगाए थे। वीडियो में एक स्क्रीन दिखाई गई। इस पर असीम मुनीर के साथ संदेश लिखा था। लिखा था, सामूहिक हत्यारा असीम मुनीर। जब बंदूकें बोलती हैं, तब लोकतंत्र मर जाता है। असीम मुनीर को संबोधित करते हुए लिखा कि तुम्हारा समय समाप्त हो गया है।
उसी अमेरिका में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने लंच मीटिंग के लिए पाकिस्तान के सेना प्रमुख की मेजबानी की थी। हालांकि, डोनाल्ड लोगों को बता रहे हैं कि मुनीर को इजरायल और ईरान युद्ध से दूर रहने के लिए धन्यवाद देने के लिए बुलाया था। यह पूरी दुनिया जानती है कि अमेरिकी राष्ट्रपति महज फायदा तलाश रहे हैं। ऑपरेशन सिंदूर के सीज फायर पर भी भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से उनको जवाब मिल चुका है। यह भी उनके लिए किसी सबक से कम नहीं है, तो दूसरी ओर चीन और रूस ने भी इजरायल और ईरान संघर्ष से अमेरिका को दूर रहने की नसीहत दे रहे हैं।
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