इबोला का कहर बढ़ने से सहमे लोग, स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी चेतावनी, देखिए आंकड़े

खबर सार :-
इबोला वायरस का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो के स्वास्थ्य अधिकारियों ने साफ-साफ चेतावनी दी है कि समय रहते यदि सुरक्षा के कदम नहीं उठाए गए तो स्थिति गंभीर हो सकती है। वहीं बढ़ते आंकड़े देखकर आम लोगों में डर का माहौल है।
इबोला का कहर बढ़ने से सहमे लोग, स्वास्थ्य अधिकारियों ने दी चेतावनी, देखिए आंकड़े
खबर विस्तार : -

किंशासाः डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (डीआरसी) में इबोला वायरस का प्रकोप लगातार गंभीर होता जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में मामलों की संख्या और तेजी से बढ़ सकती है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में इबोला के पुष्ट मामलों की संख्या बढ़कर 515 हो गई है, जबकि अब तक 91 लोगों की मौत हो चुकी है।

लगभग 300 मरीजों का इलाज जारी

स्वास्थ्य मंत्रालय ने रविवार को जारी अपने नवीनतम अपडेट में बताया कि तीन और मरीजों के स्वस्थ होने के बाद अब तक कुल 12 लोग बीमारी से ठीक हो चुके हैं। मंत्रालय के अनुसार, 117 मामलों को अभी संदिग्ध श्रेणी में रखा गया है, जबकि 283 मरीज अस्पतालों या आइसोलेशन केंद्रों में उपचाराधीन हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, बड़ी संख्या में संक्रमित मरीजों में 14 मई से 23 मई के बीच लक्षण विकसित हुए। विशेषज्ञों का मानना है कि इस अवधि में संक्रमण संभवतः किसी एक प्रमुख स्रोत से तेजी से फैला। विशेष रूप से 18 मई के आसपास मामलों में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की गई, जिसने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

इसके अलावा, 25 मई से 3 जून के बीच एक और समूह में संक्रमण के लक्षण सामने आए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह संकेत देता है कि वायरस अब समुदाय के भीतर फैलाव की नई श्रृंखला बना चुका है। यदि इस चरण में संक्रमण को नहीं रोका गया तो यह आगे बड़े पैमाने पर प्रसार का कारण बन सकता है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की रिपोर्ट

स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा है कि वर्तमान हालात गंभीर हैं और तत्काल हस्तक्षेप की आवश्यकता है। संक्रमण नियंत्रण के प्रयास कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं। संक्रमित व्यक्तियों के संपर्कों का पूरी तरह पता नहीं लगाया जा पा रहा है, वहीं कई समुदाय पोस्ट-मॉर्टम जांच और स्वास्थ्य टीमों के साथ सहयोग करने से भी हिचकिचा रहे हैं।

इसके अलावा, इबोला उपचार केंद्रों में पर्याप्त संसाधनों की कमी, संक्रमण रोकथाम के लिए आवश्यक उपकरणों का अभाव और सीमित वित्तीय सहायता भी नियंत्रण अभियान को प्रभावित कर रही है। शिन्हुआ समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, तीन प्रभावित प्रांतों में केवल 50.3 प्रतिशत संपर्कों की निगरानी हो पा रही है, जबकि स्वास्थ्य मानकों के अनुसार यह आंकड़ा कम से कम 95 प्रतिशत होना चाहिए।

लैब परीक्षण प्रणाली पर भी भारी दबाव है। विशेष रूप से नॉर्थ किवु प्रांत में रिएजेंट की कमी के कारण 193 परीक्षणों के परिणाम अब तक लंबित हैं। उल्लेखनीय है कि इबोला वायरस के बुंडिबुग्यो स्ट्रेन से जुड़ा यह प्रकोप 15 मई को आधिकारिक रूप से घोषित किया गया था। तब से स्वास्थ्य एजेंसियां संक्रमण पर काबू पाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं, लेकिन चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं।


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