वाशिंगटनः अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति पुतिन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि ट्रंप की रूस और यूक्रेन के मध्य य़ुद्ध विराम कराने की सारी कोशिशें नाकाम साबित हो रही हैं। वहीं ब्रिक्स देशों में अमेरिका विरोधी व्यापारिक नीतियों को रूस का पुरजोर समर्थन मिलने को भी ट्रंप बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने ब्रिक्स देशों पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाने का ऐलान कर दिया है। इसी कड़ी में ट्रंप का यूक्रेन को अतिरिक्त हथियार भेजने के फैसले को मंजूरी देना और रूस पर नए प्रतिबंध लगाने पर विचार करने संबंधी बयान भी दोनों देशों के बीच रिश्ते बिगड़ने की पुष्टि कर रहे हैं।
डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कैबिनेट बैठक के दौरान कहा कि हम यूक्रेन को कुछ रक्षात्मक हथियार भेज रहे हैं और मैंने इसकी मंजूरी भी दे दी है। उन्होंने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर नाराजगी जताते हुए कहा कि मैं पुतिन से खुश नहीं हूं। मैं आपको अभी इतना बता सकता हूं कि रूसी और यूक्रेनी सैनिक हजारों की संख्या में मर रहे हैं। ट्रंप ने यह भी कहा कि वह रूस पर व्यापक प्रतिबंध लगाने वाले एक द्विपक्षीय सीनेट बिल का समर्थन करने पर विचार कर रहे हैं। इससे पहले, ट्रंप ने यूक्रेन पर रूस के भारी हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन को निशाना बनाया जा रहा है। हम और हथियार भेजेंगे, मुख्य रूप से रक्षात्मक हथियार।
अमेरिका ने कुछ दिनों पूर्व यूक्रेन को भेजे जाने वाले कुछ हथियारों की सप्लाई को अचानक से रोक दिया था। इस अप्रत्याशित फैसले से यूक्रेन के अधिकारी हैरान हो गये। उन्होंने अमेरिका के अधिकारियों से हथियारों की शिपमेंट रोकने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन तब अमेरिका ने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिनों पूर्व रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ फोन पर बातचीत की थी, जिसके बाद यूक्रेन में संघर्ष के समाधान में कोई प्रगति न होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा कि हमने यूक्रेन के युद्ध सहित कई मुद्दों पर बात की। मैं इस स्थिति से खुश नहीं हूं। उन्होंने कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बातचीत के बाद भी इस संघर्ष को सुलझाने में कोई प्रगति नहीं हुई है।
क्रेमलिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि पुतिन और ट्रंप के बीच टेलीफोन बातचीत करीब एक घंटे तक चली। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के बयान के अनुसार, ट्रंप और पुतिन की बातचीत में यूक्रेन मुद्दे पर चर्चा हुई। ट्रंप ने युद्ध को जल्द से जल्द खत्म करने की बात दोहराई। जवाब में, पुतिन ने कहा कि रूस अभी भी संघर्ष का राजनीतिक और बातचीत के जरिए समाधान तलाश रहा है। उन्होंने इस्तांबुल में रूस-यूक्रेन की दूसरी सीधी बातचीत में हुए मानवीय समझौतों के कार्यान्वयन की प्रगति के बारे में ट्रंप को बताया। पुतिन ने यह भी कहा कि रूस वार्ता जारी रखने को तैयार है। उन्होंने रूस के लक्ष्यों को हासिल करने की प्रतिबद्धता जताई, खासकर उन मूल कारणों को खत्म करने के लिए, जिनके कारण वर्तमान स्थिति और तीखा टकराव पैदा हुआ है। रूस इन लक्ष्यों से पीछे नहीं हटेगा। यूरी उशाकोव के अनुसार, बातचीत में ईरान और मध्य पूर्व की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
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