लखनऊ, बांग्लादेश में अभी तक शांति बहाल नहीं हो पाई है। वर्तमान में सरकार तमाम तरह से शांति बहाली के दावे तो करती है, लेकिन सच्चाई यही है कि हिंसात्मक वारदातों को रोक पाने में असफल है। यूनुस सरकार पर ताजा आरोप हैं कि सिराजगंज जिले में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक घर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया है। अब लीपापोती करने के लिए मामले की जांच कर पांच दिन में रिपोर्ट देनी होगी। जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में रवींद्रनाथ टैगोर के पैतृक आवास पर भीड़ ने हमला किया और इससे घर को काफी नुकसान पहुंचा है।
भारत में भी इसका विरोध किया गया। यूनुस सरकार ने इसकी जांच के लिए आदेश दिए हैं। टैगोर का आवास ऐतिहासिक एवं पुराना है। इसलिए इसकी जांच पुरातत्व विभाग करेगा। तीन सदस्यीय समिति का गठन करने के बाद टीम से पांच दिनों में रिपोर्ट मांगी गई है। नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर का पैतृक आवास बांग्लादेश के सिराजगंज जिले में है। उनके पैतृक घर पर एक भीड़ ने हमला कर काफी नुकसान पहुंचाया है। मामले को तूल मिलते ही इसकी जांच और कार्रवाई के लिए कहा गया है।
जानकारी के अनुसार, विजिटर यहां घूमने गया था। नियमतः वाहनों का शुल्क यहां देना होता है। इस स्थान पर प्रवेश द्वार पर मोटर साइकिल पार्किंग है। इसी का शुल्क देना था, लेकिन तभी एक कर्मचारी से उसकी बहस हो गई थी। इससे नाराज स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया था। बाद में भीड़ ने कचहरीबाड़ी के ऑडिटोरियम पर हमला बोल दिया। भीड़ ने संस्थान के एक निदेशक की पिटाई कर दी। यह वही स्थान है, जहां पर रवींद्रनाथ टैगोर ने कई साहित्यिक रचनाएं कीं और वह विश्व विख्यात हुए। आरोप है कि जानकारी मिलने के बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और अभी तक यही हालात बने हुए हैं।
अन्य प्रमुख खबरें
Donald Trump का बड़ा बयान: “Tariff नहीं ले सकता, लेकिन व्यापार पूरी तरह बंद कर सकता हूं”
अमेरिका-ईरान के बीच आज का दिन खास, जिनेवा में होगी समझौते के लिए दूसरे राउंड की बातचीत
Pakistan: धमाके से दहला खैबर पख्तूनख्वा, मोटरसाइकिल में फटा टाइम बम, बच्चे सहित...
यूरोप और कनाडा आर्थिक और रणनीतिक सहयोग कर रहे तेज, भारत को बना रहे ‘तीसरा ध्रुव’
भारत को बांग्लादेश के चुनाव नतीजों का इंतजार, जनादेश पर नजर : विदेश मंत्रालय
Bangladesh: बांग्लादेश में वोटिंग के बीच एक और हिंदू युवक की हत्या, खून से लथपथ मिला शव
जेन-जी आंदोलन के बाद नेपाल में हो रहा राजनीतिक बदलाव, अमेरिका को बड़े अवसरों की उम्मीद