विश्व शांति के लिए श्रीगंगानगर से उठी आवाज: पीएम मोदी के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

खबर सार :-
श्रीगंगानगर में विश्व मानवाधिकार एसोसिएशन और श्री राधा गोविंद सेवा फाउंडेशन ने पीएम मोदी के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संस्थाओं ने वैश्विक युद्ध रोकने और शांति के लिए भारत की निर्णायक भूमिका की मांग की।

विश्व शांति के लिए श्रीगंगानगर से उठी आवाज: पीएम मोदी के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगर: वैश्विक स्तर पर गहराते युद्ध के बादलों और मानवता पर मंडराते संकट को देखते हुए राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले में आज एक महत्वपूर्ण नागरिक पहल देखी गई। विश्व मानवाधिकार एसोसिएशन और श्री राधा गोविंद सेवा फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया। इस ज्ञापन का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार से अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति स्थापना के लिए निर्णायक और प्रभावी भूमिका निभाने का आग्रह करना है।

 'वसुधैव कुटुंबकम्' के आदर्शों की याद दिलाई

ज्ञापन सौंपने का नेतृत्व विश्व मानवाधिकार एसोसिएशन के महिला प्रकोष्ठ की राष्ट्रीय अध्यक्ष और श्री राधा गोविंद सेवा फाउंडेशन की संस्थापक अध्यक्ष रेनू अग्रवाल ने किया। प्रशासन को पत्र सौंपते हुए उन्होंने कहा कि भारत सनातन काल से ही 'वसुधैव कुटुंबकम्' (पूरी पृथ्वी एक परिवार है) के सिद्धांत पर चलता आया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान समय में दुनिया विश्व युद्ध की आशंका से डरी हुई है। युद्ध की काली छाया धीरे-धीरे कई राष्ट्रों को अपनी चपेट में ले रही है, जिससे न केवल जन-धन की हानि हो रही है, बल्कि मानवता भी शर्मसार हो रही है।

 युद्ध का भारत की अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन में इस बात को प्रमुखता से उठाया कि खाड़ी देशों और विश्व के अन्य हिस्सों में चल रहे संघर्षों का सीधा असर भारत जैसे विकासशील देशों पर पड़ रहा है। पदाधिकारियों ने चिंता जताई कि वैश्विक अस्थिरता के कारण महंगाई में लगातार वृद्धि हो रही है। जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) बाधित होने से आम आदमी का जीवन मुश्किल हो रहा है। युद्ध की भयावहता आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को अंधकारमय बना रही है।

 पीएम मोदी से तत्काल कूटनीतिक पहल की मांग

ज्ञापन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से विशेष अनुरोध किया गया है कि वे खाड़ी देशों और दुनिया के अन्य तनावग्रस्त क्षेत्रों में शांति बहाल करने के लिए तत्काल कूटनीतिक हस्तक्षेप करें। संस्थाओं का मानना है कि आज पूरा विश्व भारत की ओर एक मार्गदर्शक के रूप में देख रहा है। भारत की ऐतिहासिक भूमिका और प्रधानमंत्री के वैश्विक प्रभाव का उपयोग मानवता की रक्षा के लिए किया जाना अनिवार्य है।

प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रमुख चेहरे

इस महत्वपूर्ण अवसर पर रेनू अग्रवाल के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल में समाज के विभिन्न वर्गों और संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य एकजुट नजर आए। शांति की इस मुहिम में उनके साथ मुख्य रूप से गौरव गर्ग, गुरविंदर सिंह, संदीप बंसल विजय और ऋतु बंसल ने सक्रिय भागीदारी निभाई। साथ ही, सुरजीत कौर, मंजू जैन और रजनी चौधरी सहित अन्य कई गणमान्य पदाधिकारियों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और वैश्विक शांति के इस संकल्प में अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। सभी सदस्यों ने एक स्वर में मानवता की रक्षा और युद्ध विराम के लिए कूटनीतिक प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर बल दिया।

श्रीगंगानगर की इन संस्थाओं का यह प्रयास दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर भी लोग वैश्विक समस्याओं के प्रति सजग हैं। अब देखना यह है कि भारत सरकार इन सुझावों और जनभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय पटल पर किस प्रकार प्रस्तुत करती है, ताकि दुनिया को विनाशकारी युद्ध से बचाया जा सके।

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