UP Police Recruitment Rules : पेपर लीक की अफवाह फैलाना या कंटेंट शेयर करना अब ले जाएगा जेल, बोर्ड का कड़ा रुख

खबर सार :-
UP Police Recruitment Rules : यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड का बड़ा फैसला: परीक्षा प्रश्नपत्र या सामग्री सोशल मीडिया पर शेयर करना अब अपराध। सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024 के तहत होगी सख्त कार्रवाई। अफवाहों से बचें और जानें क्या हैं नए नियम।

UP Police Recruitment Rules : पेपर लीक की अफवाह फैलाना या कंटेंट शेयर करना अब ले जाएगा जेल, बोर्ड का कड़ा रुख
खबर विस्तार : -

Lucknow: उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चेतावनी भरी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) ने आगामी परीक्षाओं की शुचिता और गोपनीयता बनाए रखने के लिए अब तक का सबसे कड़ा रुख अख्तियार किया है। बोर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा से जुड़ी किसी भी सामग्री या प्रश्नपत्र को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा करना अब भारी पड़ सकता है।

UP Police Recruitment Rules : सोशल मीडिया पर 'शेयर' का बटन पड़ेगा महंगा

अक्सर देखा गया है कि परीक्षा के दौरान या उससे ठीक पहले टेलीग्राम, व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे माध्यमों पर प्रश्नपत्रों के लीक होने के दावे किए जाते हैं। कई बार अभ्यर्थी अनजाने में या घबराहट में इन संदेशों को आगे बढ़ा देते हैं। अब ऐसी गतिविधियों को सीधे तौर पर अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा। बोर्ड के नए निर्देशों के मुताबिक, यदि कोई भी व्यक्ति या अभ्यर्थी प्रश्नपत्र के किसी भी हिस्से, परीक्षा की गोपनीय सामग्री या भ्रामक दावों को सोशल मीडिया पर पोस्ट या फॉरवर्ड करता है, तो उसे कानूनी शिकंजे में कसने में देरी नहीं की जाएगी।

UP Police Recruitment Rules :  'सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम 2024' के तहत होगी कार्रवाई

इस बार बोर्ड केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024' की गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इस कानून के लागू होने के बाद, पेपर लीक से जुड़ी अफवाहें फैलाना या अवैध रूप से कंटेंट साझा करना गैर-जमानती अपराध के दायरे में आ सकता है, जिसमें भारी जुर्माने के साथ-साथ जेल की सजा का भी प्रावधान है।

UP Police Recruitment Rules :  अभ्यर्थियों के लिए बोर्ड की विशेष सलाह

भर्ती बोर्ड ने उम्मीदवारों को आगाह किया है कि वे किसी भी तरह के 'सॉल्वर गैंग' या भ्रामक सूचनाएं फैलाने वाले गिरोहों के झांसे में न आएं। किसी भी अनधिकृत स्रोत से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करना और उसे दूसरों तक पहुंचाना आपके करियर को हमेशा के लिए खत्म कर सकता है। बोर्ड ने साफ किया है कि डिजिटल फुटप्रिंट्स के जरिए ऐसे तत्वों की निगरानी की जा रही है जो परीक्षा के माहौल को खराब करने की कोशिश करते हैं।

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