सुल्तानपुर: ब्राह्मण समाज के अपमान पर भड़की कांग्रेस, राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

खबर सार :-
सुल्तानपुर में ब्राह्मण समाज के कथित अपमान के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोल दिया है। जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।

सुल्तानपुर: ब्राह्मण समाज के अपमान पर भड़की कांग्रेस, राष्ट्रपति के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुर :  जिले में सोमवार को सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्राह्मण समाज के प्रति हो रहे कथित अपमान और भेदभाव के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले एकजुट हुए नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर हुंकार भरी और महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा।

 अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में कांग्रेस का हल्ला बोल

कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस दौरान शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा प्रहार किया गया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रदेश में एक सुनियोजित तरीके से ब्राह्मण समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई जा रही है, जिसे लोकतांत्रिक समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का विवादित प्रश्न बना मुख्य मुद्दा

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने हाल ही में संपन्न हुई यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न पर कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस का कहना है कि पंडित/ब्राह्मण समाज को लेकर पूछे गए इस प्रश्न ने न केवल परीक्षार्थियों को असमंजस में डाला, बल्कि पूरे समाज को अपमानित महसूस कराया है। पीसीसी सदस्य प्रमोद मिश्र ने इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, पूर्व प्रदेश सचिव राहुल त्रिपाठी और राजेश तिवारी ने मांग रखी कि इस विवादित प्रश्न के बदले सभी परीक्षार्थियों को समान अंक दिए जाएं ताकि किसी का नुकसान न हो।

 स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद के अपमान पर जताई नाराजगी

ज्ञापन में प्रयागराज माघ मेले की उस घटना का भी जिक्र किया गया, जिसमें धर्माचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के कथित अपमान की बात सामने आई थी। वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में संतों और विशिष्ट वर्गों के साथ हो रहा भेदभाव दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इन घटनाओं पर तत्काल रोक नहीं लगाई, तो जनाक्रोश और बढ़ेगा।

सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल और कांग्रेस का संकल्प

इस पूरे घटनाक्रम के बीच पूर्व सभासद अमोल बाजपेयी ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न खड़े किए। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि प्रशासन की शिथिलता और लापरवाही के चलते ही आज समाज में वैमनस्य और आपसी दूरी बढ़ रही है। इसी कड़ी में शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने भी अपनी बात रखते हुए इस बात पर जोर दिया कि प्रदेश में सामाजिक समरसता और भाईचारा बनाए रखने के लिए यह अनिवार्य है कि सरकार ऐसी विवादित घटनाओं को अंजाम देने वाले दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे।

विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ और युवा नेतृत्व की एकजुटता भी साफ तौर पर दिखाई दी। इस प्रदर्शन में सरदार रणजीत सिंह सलूजा, सलाहुद्दीन हाशमी, शरद श्रीवास्तव, मोहसिन सलीम, उमाकांत तिवारी और देवेंद्र श्रीवास्तव जैसे प्रमुख नेताओं ने अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा असलम अंसारी, गुड्डू जायसवाल, मो. मंसूर, अवधेश गौतम, विनोद तिवारी, मो. अशरफ, राहुल मिश्रा, अजय मिश्रा, हसीब, आदर्श मिश्रा और दिनेश तिवारी समेत दर्जनों कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की। अंत में कांग्रेस ने यह संकल्प दोहराया कि वह समाज के प्रत्येक वर्ग के आत्मसम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए अपना लोकतांत्रिक संघर्ष निरंतर जारी रखेगी।

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