खेती के मौसम में मनरेगा पर बड़ा फैसला, 125 दिन काम की गारंटी: ओम प्रकाश राजभर

खबर सार :-
उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने केंद्र सरकार के जी-रामजी बिल सहित कई मुद्दों पर खुलकर अपनी बात रखी। साथ ही उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से हुई मुलकात पर भी बात की।

खेती के मौसम में मनरेगा पर बड़ा फैसला, 125 दिन काम की गारंटी: ओम प्रकाश राजभर
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सुल्तानपुर: उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने मनरेगा को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा कि खेती-किसानी के मौसम में 60 दिनों तक मनरेगा का कार्य नहीं कराया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अवधि में यदि किसी व्यक्ति को काम की आवश्यकता होगी तो उसे प्रार्थना पत्र देना होगा और यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं दिया जाता है तो उसे नियम के अनुसार बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।

जी-रामजी योजना के बारे में दी जानकारी

कैबिनेट मंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की जी-रामजी योजना के तहत अब मजदूरों को काम करने के 7 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा। यदि तय समय में भुगतान नहीं हुआ तो मजदूरों को उनके धन पर ब्याज भी देना पड़ेगा। इसके साथ ही सरकार ने मनरेगा के तहत 100 दिन के बजाय 125 दिन रोजगार की गारंटी कर दी है। उन्होंने कहा कि खेती के मौसम में मजदूरों को किसानों के यहां कार्य करना होगा, जिससे कृषि कार्यों को मजबूती मिले और किसानों को समय पर श्रम उपलब्ध हो सके।

अखिलेश यादव पर कसा तंज

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि मनरेगा में काम करने वाले मजदूरों को अक्सर भुगतान के लिए भटकना पड़ता था, इसी समस्या को देखते हुए यह बदलाव किया गया है। मनरेगा का नाम बदलने को लेकर उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे महात्मा गांधी का नाम समाप्त नहीं हो जाएगा और कांग्रेस के पास राजनीति करने के लिए अब कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा मजदूरी बढ़ाने का अधिकार भारत सरकार का है, न कि उत्तर प्रदेश सरकार का।

पंचायत चुनाव की अटकलों पर लगाया विराम

राजनीतिक मुद्दों पर बोलते हुए मंत्री ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि आजमगढ़ में गृह प्रवेश के दौरान यादव समाज के लोगों को नहीं बुलाया गया, बल्कि छह ब्राह्मणों को बुलाया गया, जिससे उनके कथित दावे हवा-हवाई साबित हो गए।

पंचायत चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि हाल ही में उनकी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि एसआईआर का कार्य पूर्ण होने के बाद पंचायत चुनाव समय पर कराए जाएंगे। मंत्री के इस बयान से पंचायत चुनाव को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लग गया

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