Sultanpur: श्रीमद्भागवत कथा का समापन, आज पूर्णाहुति व रविवार को होगा विशाल भंडारा

खबर सार :-
बल्दीराय क्षेत्र के गाँव 'पुरे तुलसीराम तिवारी' (वल्लीपुर) में चल रही संगीतमय 'श्रीमद् भागवत कथा' का समापन शुक्रवार को अत्यंत भक्ति और श्रद्धापूर्ण वातावरण के बीच हुआ। इस सात दिवसीय आयोजन के दौरान, प्रवचन सुनने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा-स्थल पर उमड़ पड़े।

Sultanpur: श्रीमद्भागवत कथा का समापन, आज पूर्णाहुति व रविवार को होगा विशाल भंडारा
खबर विस्तार : -

सुल्तानपुरः जनपद के बल्दीराय क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पूरे तुलसीराम तिवारी, वल्लीपुर में आयोजित सात दिवसीय संगीतमयी श्रीमद्भागवत कथा का शुक्रवार को भक्ति, श्रद्धा और भावनाओं के बीच विधिवत समापन हो गया। इस धार्मिक आयोजन में प्रतिदिन क्षेत्र के सैकड़ों श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पंडाल में उपस्थित होते रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।

सुदामा चरित्र का भावुक वर्णन

कथा के अंतिम दिन अंतरराष्ट्रीय कथा व्यास पंडित शिवेश शास्त्री जी महाराज ने सुदामा चरित्र और राजा परीक्षित मोक्ष प्रसंग का अत्यंत मार्मिक और भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने श्रीकृष्ण और सुदामा की निष्कपट मित्रता को जीवन का आदर्श बताते हुए कहा कि सच्चे संबंधों में न धन का अहंकार होता है और न ही पद का प्रभाव। उन्होंने बताया कि जब निर्धन ब्राह्मण सुदामा द्वारिका पहुंचे, तो भगवान श्रीकृष्ण स्वयं नंगे पांव दौड़कर अपने बाल सखा को गले लगा लिया और अपने आंसुओं से उनके चरणों का अभिषेक किया।

सुदामा द्वारा लाए गए तंदुल (चावल) को प्रभु ने अत्यंत प्रेम से स्वीकार किया और बदले में उन्हें अपार ऐश्वर्य प्रदान किया। इस प्रसंग को सुनकर कथा पंडाल में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे और कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े। इसके पश्चात कथा व्यास ने राजा परीक्षित के मोक्ष की कथा सुनाते हुए बताया कि शुकदेव जी के श्रीमुख से सात दिनों तक श्रीमद्भागवत का श्रवण करने के बाद राजा परीक्षित का मृत्यु भय समाप्त हो गया था। तक्षक नाग के डसने से पूर्व ही उन्होंने अपनी आत्मा को परमात्मा में लीन कर लिया।

कथावाचक ने अपने प्रवचन में यह भी संदेश दिया कि भागवत कथा केवल सुनने का विषय नहीं है, बल्कि यह जीवन के विकारों को दूर करने और आत्मिक शुद्धि का मार्ग प्रदान करती है। उन्होंने यह भी कहा कि “राजा, गुरु और मित्र के यहां कभी खाली हाथ नहीं जाना चाहिए,” यह भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण सीख है।

रविवार को होगा भंडारे का आयोजन

आयोजन समिति द्वारा बताया गया कि शनिवार को कथा स्थल पर हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जबकि रविवार, 05 अप्रैल को विशाल भंडारे का आयोजन होगा। इस भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

इस अवसर पर मुख्य यजमान राजेन्द्र प्रसाद तिवारी एवं मोती देवी ने व्यासपीठ की आरती उतारकर सभी के कल्याण की कामना की। वहीं आयोजक अमरनाथ तिवारी ने सपरिवार व्यासपीठ का पूजन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।

कार्यक्रम में क्षेत्र के कई गणमान्य लोग भी उपस्थित रहे, जिनमें पूर्व विधायक चंद्र प्रकाश मिश्र ‘मटियारी’, रामिश चंद्र पांडेय एडवोकेट, डॉ. अवधेश त्रिपाठी, मुकेश अग्रहरि, पंकज शुक्ला, वीरेंद्र तिवारी, कर्मराज शर्मा, सुरेश चंद्र पांडेय, घनश्याम तिवारी, रामजीत तिवारी, प्रवीण तिवारी सहित अनेक लोग शामिल रहे।

पूरे आयोजन के दौरान पीत वस्त्र धारण किए महिलाओं की विशेष उपस्थिति देखने को मिली। “राधे-राधे” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय वातावरण में गुंजायमान रहा और श्रद्धालु भक्ति रस में सराबोर नजर आए।
 

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