पंडितावाली में नि:शुल्क आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर आयोजित, 144 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ

खबर सार :-
चिकित्सकों ने मरीजों को केवल दवाओं पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित खान-पान, नियमित योग, प्राणायाम और बेहतर जीवनशैली अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि किसी भी बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित करने के लिए जीवनशैली में सुधार बेहद आवश्यक है।

पंडितावाली में नि:शुल्क आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर आयोजित, 144 से अधिक मरीजों ने लिया लाभ
खबर विस्तार : -

श्री गंगानगरः हनुमानगढ़ जिले की ग्राम पंचायत पंडितावाली में वाग्भट वैलनेस एवं आयुष रिसर्च सेंटर के तत्वावधान में नि:शुल्क आयुर्वेद एवं नेचुरोपैथी चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस शिविर में 144 से अधिक मरीजों ने पहुंचकर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ लिया। ग्रामीण क्षेत्र में आयोजित इस शिविर को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय ग्रामीणों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे चिकित्सा शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की।

विशेषज्ञों ने की जांच, दिया परामर्श

शिविर का उद्घाटन चक धोरेवाला से पधारे संत प्रभुनन्दन दास महाराज, गांव प्रशासक सरपंच कुलदीप जाखड़ और वरिष्ठ नागरिक कृष्ण जाखड़ ने दीप प्रज्वलित कर किया। उद्घाटन अवसर पर वक्ताओं ने आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे वर्तमान समय में बेहद उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और लोगों को सुलभ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ऐसे शिविर महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने मरीजों की जांच कर रोगानुसार परामर्श और उपचार प्रदान किया। डॉ. नवनीत भारद्वाज, डॉ. शिवकुमार स्वामी और डॉ. अवनी गुप्ता ने विभिन्न बीमारियों से पीड़ित मरीजों का परीक्षण किया और उन्हें आयुर्वेदिक एवं नेचुरोपैथी पद्धति से उपचार संबंधी जानकारी दी। 

कई जटिल रोगों का किया उपचार

शिविर में आए प्रत्येक व्यक्ति की शुगर, ब्लड प्रेशर और वजन की जांच नि:शुल्क की गई। इसके अलावा किडनी, लीवर, हृदय रोग, ब्लड प्रेशर, मधुमेह, थायराइड, मोटापा, गठिया, जोड़ों का दर्द, रीढ़ की समस्याएं, स्लिप डिस्क, बवासीर, कमर दर्द, चर्म रोग, गैस, कब्ज, फैटी लीवर, लिकोरिया और नसों से संबंधित बीमारियों का भी आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति से उपचार और मार्गदर्शन दिया गया। विशेषज्ञों ने रोगों से बचाव के लिए प्राकृतिक जीवनशैली और आवश्यक परहेज अपनाने पर विशेष जोर दिया।

समाजसेवियों ने बताया जनकल्याणकारी पहल

कार्यक्रम में संत प्रभुनन्दन दास महाराज ने कहा कि आयुर्वेद और योग जैसी भारतीय चिकित्सा पद्धतियां आज के समय में बेहद प्रभावी साबित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर समाज के लिए लाभकारी हैं और लोगों को स्वस्थ जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। श्री गुरु गोबिंद सिंह चैरिटेबल ट्रस्ट के अध्यक्ष बाबूलाल जुनेजा ने कहा कि हमारे ऋषि-मुनियों द्वारा दी गई आयुर्वेदिक परंपरा आज भी गंभीर बीमारियों से मुक्ति दिलाने में सक्षम है। उन्होंने वाग्भट वैलनेस सेंटर की इस पहल को जनकल्याणकारी प्रयास बताया। सरपंच कुलदीप जाखड़ ने कहा कि “स्वास्थ्य ही सबसे बड़ा धन है” और आयुर्वेद शरीर, मन और आत्मा के संतुलन का आधार है। युवा जाट महासभा के जिला उपाध्यक्ष संदीप जाखड़ ने इस शिविर को पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। 

आयोजन में इनका रहा सहयोग

इस दौरान साहबराम जाखड़, रामस्वरूप जाखड़, मोहनलाल जाखड़, महावीर नायक, कमली बावरी, करण जाखड़, कपिल मान सहित कई गणमान्य ग्रामीण मौजूद रहे। शिविर के सफल आयोजन में संयोजक अनिल जान्दू, एचओडी जयवीर सिंह, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव विकास भादू, मलकीत सिंह, अदरीस खान, फार्मासिस्ट राजकुमार, थैरेपिस्ट निखिल और आयुष विभाग के विद्यार्थियों रविकुमार, सपना, पिंकी, खुशबु, करिना और वसुंधरा सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।

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