टीआरबी भर्ती घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: तमिलनाडु में 21 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

खबर सार :-

टीआरबी भर्ती घोटाले में ईडी की कार्रवाई ने बड़े पैमाने पर मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का खुलासा किया है। 21 ठिकानों पर छापेमारी, बैंक खातों की फ्रीजिंग और करोड़ों की संपत्तियों की जब्ती से घोटाले की गंभीरता सामने आई है। यह मामला भर्ती प्रणाली में भ्रष्टाचार और डिजिटल हेरफेर की गहरी जड़ों को उजागर करता है, जिसकी जांच अभी जारी है।
टीआरबी भर्ती घोटाले पर ईडी का बड़ा एक्शन: तमिलनाडु में 21 ठिकानों पर छापेमारी, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा

खबर विस्तार : -

TRB scam:  तमिलनाडु के बहुचर्चित टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड (TRB) भर्ती घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के चार प्रमुख शहरों—चेन्नई, मदुरै, त्रिची और कोयंबटूर—में 21 स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। 2017 में सरकारी पॉलिटेक्निक कॉलेजों में लेक्चरर भर्ती परीक्षा के दौरान OMR शीट में कथित हेरफेर से जुड़े इस मामले ने एक बार फिर राज्य की भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

OMR शीट में डिजिटल छेड़छाड़ से शुरू हुआ पूरा घोटाला

यह पूरा मामला 2017 की उस भर्ती परीक्षा से जुड़ा है, जिसे तमिलनाडु के टीचर्स रिक्रूटमेंट बोर्ड ने आयोजित किया था। आरोप है कि परीक्षा के बाद स्कैनिंग प्रक्रिया के दौरान कुछ चुनिंदा उम्मीदवारों के OMR शीट के अंकों में डिजिटल बदलाव किए गए। एफआईआर के अनुसार, फाइनल आंसर की की तुलना में जानबूझकर अंक बढ़ाकर उन्हें योग्य घोषित किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने 385 अतिरिक्त सेकेंडरी OMR शीट तैयार कीं, जिनका इस्तेमाल चयन प्रक्रिया में हेरफेर के लिए किया गया। इस गड़बड़ी के चलते 262 अयोग्य उम्मीदवारों को गलत तरीके से लेक्चरर पद पर नियुक्त कर दिया गया। बाद में सार्वजनिक याचिकाओं और शिकायतों के आधार पर दोबारा मूल्यांकन किया गया और परिणाम रद्द करने पड़े।

जांच में खुला पैसों का खेल, 14-16 लाख प्रति उम्मीदवार की वसूली

ईडी की जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क की अगुवाई वी. सुब्रमण्यम और उनके सहयोगी सुरेश पॉल कर रहे थे। इनके साथ डेटाटेक के तकनीकी स्टाफ शेख दाऊद नासर और आई. रघुपति भी शामिल थे। आरोपियों ने एक संगठित नेटवर्क के जरिए उम्मीदवारों को निशाना बनाया और उनसे 14 से 16 लाख रुपये तक नकद वसूले। यह पैसा म्यूल अकाउंट्स और फर्जी प्रॉक्सी फर्मों के जरिए घुमाया गया। इसमें ट्रस्ट एंटरप्राइजेज, विजडम एंटरप्राइजेज और सूर्यम एंटरप्राइजेज जैसी संस्थाओं के नाम सामने आए हैं। बाद में इस धन को अचल संपत्तियों और सोने-चांदी के गहनों में निवेश कर दिया गया, ताकि अवैध कमाई को वैध दिखाया जा सके।

21 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी, डिजिटल और कैश सबूत बरामद

ईडी ने जब तमिलनाडु पुलिस की एफआईआर और चार्जशीट (2021 और 2023) के आधार पर जांच आगे बढ़ाई तो मनी लॉन्ड्रिंग का बड़ा नेटवर्क सामने आया। इसी आधार पर चेन्नई, मदुरै, त्रिची और कोयंबटूर में एक साथ 21 ठिकानों पर छापेमारी की गई। तलाशी के दौरान कई अहम सबूत बरामद किए गए, जिनमें एजेंटों द्वारा रखे गए कैश रिकॉर्ड, OMR शीट की कार्बन कॉपी, उम्मीदवारों के प्रमाणपत्रों की प्रतियां और डिजिटल डेटा शामिल हैं। इसके अलावा 13.18 लाख रुपये नकद जब्त किए गए।

बैंक खाते फ्रीज, करोड़ों की संपत्ति पर भी कार्रवाई

ईडी ने इस कार्रवाई में 56 बैंक अकाउंट और 2 डीमैट अकाउंट को फ्रीज कर दिया है। साथ ही 36 अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं, जिनकी गाइडेंस वैल्यू लगभग 9.67 करोड़ रुपये बताई जा रही है, जबकि इनकी बाजार कीमत 20 करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

भर्ती सिस्टम की पारदर्शिता पर फिर उठे सवाल

इस पूरे घोटाले ने एक बार फिर सरकारी भर्ती प्रक्रियाओं की विश्वसनीयता और तकनीकी सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिजिटल OMR स्कैनिंग सिस्टम में हुई छेड़छाड़ ने दिखाया है कि तकनीक के दुरुपयोग से बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार संभव है।

आगे की जांच जारी, और खुलासों की संभावना

ईडी ने संकेत दिया है कि यह जांच अभी शुरुआती चरण में है और आने वाले दिनों में और भी वित्तीय लेन-देन और संपत्तियों का खुलासा हो सकता है। एजेंसी का फोकस इस बात पर है कि अपराध से अर्जित धन को किन-किन माध्यमों से सफेद किया गया।

ये भी पढ़ें......तमिलनाडु सरकार की बड़ी पहल, क्यूआर कोड आधारित ई-याचिका से होगा शिकायतों का निवारण

अन्य प्रमुख खबरें