“चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ”: श्रीगंगानगर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पंचायत व नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराने की मांग

खबर सार :-
राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के ज़िला पदाधिकारियों की एक बैठक ज़िला कांग्रेस समिति कार्यालय में आयोजित की गई, जिसका समापन राज्य कांग्रेस समिति द्वारा जारी आह्वान के जवाब में "चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ" के नारे के साथ हुआ।

“चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ”: श्रीगंगानगर में कांग्रेस का प्रदर्शन, पंचायत व नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराने की मांग
खबर विस्तार : -

श्रीगंगानगरः पंचायत एवं नगर निकाय चुनावों में हो रही देरी को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के जिला पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की गई, जिसमें “चुनाव कराओ, लोकतंत्र बचाओ” के नारे के साथ आंदोलन को गति दी गई। बैठक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित की गई।

राज्य सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल

इस दौरान संगठन के जिला अध्यक्ष परनेद्र चौवड़ ने कहा कि प्रदेश में पंचायत और नगर निकाय चुनाव समय पर न कराना लोकतंत्र पर सीधा हमला है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जानबूझकर चुनाव टाल रही है, जिससे स्थानीय स्वशासन व्यवस्था कमजोर हो रही है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए समयबद्ध चुनाव बेहद आवश्यक हैं।

पूर्व विधायक राजकुमार गौड़ ने राज्य सरकार के कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए कहा कि ढाई साल के शासन में विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूलों में स्टाफ की कमी है, अस्पतालों में इलाज की समुचित व्यवस्था नहीं है और ग्रामीण क्षेत्रों में मनरेगा के तहत रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। उन्होंने यह भी कहा कि किसानों को खरीफ फसल के समय पर्याप्त सिंचाई पानी नहीं मिल रहा है, जिससे वे परेशान हैं।

न्यायालय के आदेशों का जिक्र

बैठक के बाद राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें संविधान के अनुच्छेद 243 का हवाला देते हुए कहा गया कि पंचायतों और नगर निकायों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है और समय पर चुनाव कराना अनिवार्य है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राज्य निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी स्वतंत्र रूप से चुनाव कराना है।

ज्ञापन में सर्वोच्च न्यायालय और राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेशों का भी जिक्र किया गया, जिनमें स्पष्ट कहा गया है कि परिसीमन या प्रशासनिक कारणों से चुनाव टालना उचित नहीं है। इसके बावजूद चुनाव न कराना न्यायालय की अवहेलना बताया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि इससे नागरिकों के मताधिकार का हनन हो रहा है और लोकतांत्रिक जवाबदेही कमजोर हो रही है।

कांग्रेस ने अपनी मांगों में पंचायत और नगर निकाय चुनाव शीघ्र कराने, राज्य निर्वाचन आयोग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने, न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने और प्रशासकों की जगह निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बहाली करने की बात कही।

कई पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक में जिला प्रमुख दुल्ला राम मेघवाल, ओबीसी विभाग के संभाग प्रभारी अमित कड़वासरा, प्रदेश सचिव निशांत चुग, पूर्व जिला महासचिव राकेश शर्मा सहित कई जनप्रतिनिधि, पंचायत समिति सदस्य और सरपंच उपस्थित रहे।

नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि जल्द चुनाव नहीं कराए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेगी। उनका कहना है कि लोकतंत्र की जड़ें तभी मजबूत होती हैं, जब स्थानीय स्तर पर समय पर और निष्पक्ष चुनाव कराए जाएं।

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