इंजीनियर बनना चाहती हैं सोनाली गुप्ता, 89% अंकों के साथ जिला मेरिट में बनाई जगह

खबर सार :-
ग्रामोदय इंटर कॉलेज, रामपुर सरधा की छात्रा सोनाली गुप्ता ने ज़िला मेरिट सूची में दसवाँ स्थान प्राप्त करके अपने परिवार, स्कूल और ज़िले का गौरव बढ़ाया है। सोनाली गुप्ता इंजीनियर बनना चाहती हैं। सोनाली ने कहा कि प्रतिदिन 7- 8 घंटा पढ़ाई करके किसी भी मुकाम को हासिल किया जा सकता है।

इंजीनियर बनना चाहती हैं सोनाली गुप्ता, 89% अंकों के साथ जिला मेरिट में बनाई जगह
खबर विस्तार : -

अयोध्याः जनपद के विकासखंड पूराबाजार स्थित ग्राम पुरखेपुर की रहने वाली सोनाली गुप्ता ने यूपी बोर्ड इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले की मेरिट सूची में दसवां स्थान प्राप्त कर अपने परिवार, विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ग्रामोदय इंटर कॉलेज रामपुर सरधा की छात्रा सोनाली ने 500 में से 445 अंक प्राप्त कर 89 प्रतिशत के साथ यह उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है।

सीमित संसाधनों में हासिल की उपलब्धि

सोनाली गुप्ता एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता राकेश गुप्ता खेती-किसानी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, जबकि उनकी माता सीलम गुप्ता गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद सोनाली ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर यह सफलता हासिल की है, जो अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

परिवार में शिक्षा का माहौल पहले से ही रहा है। सोनाली की बड़ी बहन संजना गुप्ता स्नातक के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। छोटी बहन शिखा गुप्ता 12वीं कक्षा में और छोटा भाई समीर गुप्ता दसवीं कक्षा में ग्रामोदय इंटर कॉलेज में अध्ययनरत हैं। ऐसे शिक्षित माहौल ने सोनाली की पढ़ाई के प्रति रुचि को और अधिक मजबूत किया।

सोनाली का सपना एक सफल इंजीनियर बनने का है। उन्होंने बताया कि वह आगे चलकर तकनीकी क्षेत्र में देश की सेवा करना चाहती हैं। सोनाली ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, भाई-बहनों, शिक्षकों और प्रधानाचार्य पी.एन. सिंह को दिया। उन्होंने कहा कि परिवार और विद्यालय के सहयोग ने ही उन्हें यह मुकाम हासिल करने में मदद की है।

सोनाली की सबसे बड़ी विशेषता उनकी अनुशासनपूर्ण दिनचर्या रही है। वह बिना किसी कोचिंग के प्रतिदिन 7 से 8 घंटे नियमित रूप से पढ़ाई करती थीं। उन्होंने बताया कि यदि छात्र लगन और नियमितता के साथ पढ़ाई करें तो किसी भी लक्ष्य को हासिल करना कठिन नहीं है। उनका मानना है कि आत्मविश्वास और निरंतर अभ्यास सफलता की कुंजी है।

परिवार मे खुशी का माहौल

सोनाली की इस उपलब्धि के बाद विद्यालय और परिवार में खुशी का माहौल है। परिणाम घोषित होने के बाद परिजनों ने उन्हें मिठाई खिलाकर खुशी जाहिर की। इस अवसर पर प्रधानाचार्य पी.एन. सिंह और विद्यालय के शिक्षकों ने भी सोनाली को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। शिक्षकों ने कहा कि सोनाली जैसी छात्राएं अन्य विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा हैं और उनकी मेहनत विद्यालय के लिए गर्व की बात है।

विद्यालय प्रबंधन ने भी सोनाली की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी यदि सही दिशा और मेहनत के साथ आगे बढ़ें तो बड़े मुकाम हासिल कर सकते हैं।

सोनाली गुप्ता की यह सफलता न केवल उनके परिवार के लिए गर्व का विषय है, बल्कि पूरे जिले के लिए प्रेरणादायक उदाहरण भी है। उनकी मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण यह संदेश देता है कि संसाधन कम हों या ज्यादा, लेकिन दृढ़ इच्छाशक्ति से हर सपना पूरा किया जा सकता है।


 

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