लखनऊ में मुहर्रम के दौरान छज्जा गिरने से दो बच्चों की मौत के मामले में दो सगे भाई गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

खबर सार :-

Lucknow Police Muharram Accident Case : लखनऊ के महोना कस्बे में मुहर्रम जुलूस के दौरान मकान का छज्जा गिरने से दो बच्चों की मौत के मामले में पुलिस (Lucknow Police) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस Lucknow Police Accident Case में लापरवाही बरतने वाले दो सगे भाइयों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया है।
लखनऊ में मुहर्रम के दौरान छज्जा गिरने से दो बच्चों की मौत के मामले में दो सगे भाई गिरफ्तार, पुलिस की बड़ी कार्रवाई

खबर विस्तार : -

 लखनऊ (Lucknow): लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट के उत्तरी परिक्षेत्र के तहत आने वाले थाना इटौंजा के अंतर्गत महोना टाउनशिप में मुहर्रम (Muharram) के मौके पर निकले जुलूस के दौरान एक जर्जर इमारत का अगला हिस्सा अचानक जमींदोज हो गया। इस भयावह हादसे में मलबे के नीचे दबने से दो नन्हे बच्चों की अकाल मृत्यु हो गई, जबकि ग्यारह अन्य राहगीर गंभीर रूप से जख्मी हो गए। कानून व्यवस्था को ताक पर रखकर बरती गई इस घोर लापरवाही के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए स्थानीय पुलिस (Lucknow Police) ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है और हादसे के मुख्य जिम्मेदार दो सगे भाइयों को हिरासत में लेकर जेल की राह दिखा दी है। इस पूरे Lucknow Police Accident Case ने इलाके के लोगों में दहशत और शोक भर दिया है।

तबर्रुक बांटने की सनक और क्षमता से अधिक भार बना काल

यह दिल दहला देने वाली घटना महोना के काजीटोला वार्ड संख्या-6 में घटित हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब सड़क मार्ग से अकीदतमंदों का जनसैलाब आगे बढ़ रहा था, तभी वहां रहने वाले कुछ लोगों ने एक आत्मघाती भूल कर दी। मकान के मालिक अपने सुरक्षित आंगन या जमीनी चबूतरे पर बैठने के बजाय पहली मंजिल के बेहद संकीर्ण और कमजोर छज्जे पर जमा हो गए। वहां से वे नीचे से गुजर रहे श्रद्धालुओं के बीच बिस्कुट और शीतल पेय का वितरण कर रहे थे। नीचे चल रहे जुलूस में शामिल लोग जैसे ही तबर्रुक लेने के लिए उस मकान के नीचे एकत्रित हुए, वैसे ही ऊपर की मंजिल पर भी अत्यधिक भीड़ का जमावड़ा हो गया। जर्जर हो चुका वह कंक्रीट का ढांचा इस अप्रत्याशित वजन को बर्दाश्त नहीं कर सका और अचानक एक धमाके के साथ सीधे नीचे खड़े निर्दोष लोगों पर आ गिरा।

छज्जे के गिरते ही वहां चारों तरफ धूल का गुबार और चीखें गूंजने लगीं। मलबे के भारी पत्थरों के नीचे कई लोग पूरी तरह दब गए। मौके पर कानून-व्यवस्था संभालने के लिए तैनात पुलिस (Lucknow Police) कर्मियों और स्थानीय नागरिकों ने बिना वक्त गंवाए अपनी जान पर खेलकर बचाव कार्य शुरू किया। हाथों-हाथ मलबे को हटाकर नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक प्रकृति अपना क्रूर खेल खेल चुकी थी। दो बच्चों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था, जबकि लहूलुहान हालत में तड़प रहे 11 अन्य घायलों को तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी चिकित्सा केंद्र में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है। इस भयानक Lucknow Police Accident Case के बाद से ही पूरे क्षेत्र में कोहराम मचा हुआ है।

कानूनी शिकंजा: पीड़ित परिवार की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज

इस भीषण हादसे के बाद पीड़ित परिवारों में रोना-पीटना मचा हुआ है। काजीटोला वार्ड संख्या-6 के निवासी इमरान (पुत्र साजिद) की ओर से इटौंजा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस (Lucknow Police) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया। मामले में आरोपियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या और घोर लापरवाही बरतने के आरोप में धारा 106 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 89/2026 पंजीकृत किया गया। उच्चाधिकारियों ने इस संवेदनशील घटना पर कड़ा संज्ञान लेते हुए तत्काल प्रभाव से नामजद दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें गिरफ्तार करने का फरमान जारी किया था।

48 घंटे के भीतर दोनों सगे भाई सलाखों के पीछे

सक्रियता दिखाते हुए इटौंजा कोतवाली के जांबाज अधिकारियों ने इस Lucknow Police Accident Case की तफ्तीश को तेज किया और घटना के महज दो दिनों के भीतर दोनों मुख्य अभियुक्तों को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की शिनाख्त मेहराव उर्फ मेराज (उम्र 28 वर्ष) और उसके बड़े भाई गुलजार अली (उम्र 30 वर्ष) के तौर पर हुई है। ये दोनों स्थानीय निवासी मुस्ताक अली के पुत्र हैं और नगर पंचायत महोना के ही वार्ड संख्या-9, पकरिया मोहल्ला के वासी हैं। पुलिस (Lucknow Police) की आरंभिक पड़ताल में यह पूरी तरह स्पष्ट हो चुका है कि दोनों आरोपियों ने बिना किसी सुरक्षा ऑडिट या सार्वजनिक सुरक्षा की परवाह किए इतनी ऊंचाई पर खतरनाक तरीके से भीड़ को आमंत्रित किया, जो उनके आपराधिक और उपेक्षापूर्ण व्यवहार को प्रमाणित करता है।

जांबाज पुलिस टीम ने की घेराबंदी

इन दोनों भगोड़े आरोपियों को सोमवार, 29 जून 2026 को इटौंजा क्षेत्र के एक गुप्त ठिकाने से भागने की फिराक में रहते हुए गिरफ्तार किया गया। इस सफल धरपकड़ अभियान को अंजाम देने वाली टीम में उप-निरीक्षक अरविंद कुमार तिवारी और रिक्रूट आरक्षी पीयूष गुप्ता शामिल रहे। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस Lucknow Police Accident Case की हर एक कड़ी को बारीकी से जोड़ा जा रहा है ताकि अदालत में दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जा सके। इस दर्दनाक हादसे के बाद से महोना कस्बे के हर घर में चूल्हा नहीं जला है और चारों तरफ सिर्फ मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है।

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