झांसी मंडल में बिना वजह अलार्म चेन पुलिंग करने वालों पर सख्ती, वसूला गया ढाई लाख का जुर्माना

खबर सार :-

झांसी मंडल रेल प्रशासन यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। इसी उद्देश्य से ऐसे मामलों पर निगरानी बढ़ाई गई है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है।
झांसी मंडल में बिना वजह अलार्म चेन पुलिंग करने वालों पर सख्ती, वसूला गया ढाई लाख का जुर्माना

खबर विस्तार : -

झांसीः झांसी मंडल में बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग (एसीपी) करने वालों के खिलाफ रेलवे प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार के मार्गदर्शन में झांसी मंडल द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाकर ऐसे लोगों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है, जो बिना किसी आपात स्थिति के ट्रेन की अलार्म चेन खींचकर रेल संचालन को प्रभावित करते हैं।

एक हजार से ज्यादा लोगों पर कार्रवाई

रेलवे अधिकारियों के अनुसार वाणिज्य विभाग एवं रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) द्वारा 1 जनवरी 2026 से 24 जून 2026 तक चलाए गए अभियान के दौरान बिना उचित कारण अलार्म चेन पुलिंग करने वाले 1021 व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इस दौरान कुल 2,47,675 रुपए का जुर्माना भी वसूला गया।

रेल प्रशासन द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार झांसी मंडल में अलार्म चेन पुलिंग की सर्वाधिक घटनाएं ललितपुर स्टेशन पर दर्ज की गईं, जहां 710 मामले सामने आए। इसके बाद ग्वालियर स्टेशन पर 691, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी स्टेशन पर 529, मुरैना स्टेशन पर 322 तथा महोबा स्टेशन पर 169 घटनाएं दर्ज की गईं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि बिना वजह अलार्म चेन खींचने की समस्या अभी भी कई प्रमुख स्टेशनों पर बनी हुई है।

प्रशासन ने की लोगों से अपील

रेलवे अधिकारियों ने बताया कि अलार्म चेन पुलिंग केवल आपातकालीन परिस्थितियों के लिए बनाई गई व्यवस्था है। इसका अनावश्यक उपयोग करने से ट्रेनों का संचालन प्रभावित होता है, यात्रियों को असुविधा होती है और ट्रेनों की समयपालन व्यवस्था भी बाधित होती है। कई बार एक व्यक्ति की लापरवाही के कारण सैकड़ों यात्रियों को देरी और परेशानी का सामना करना पड़ता है।

रेल प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि बिना उचित एवं पर्याप्त कारण के अलार्म चेन पुलिंग न करें। यह रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है और दोषी पाए जाने पर जुर्माना एवं अन्य कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। यात्रियों को केवल वास्तविक आपातकालीन स्थिति में ही अलार्म चेन का उपयोग करना चाहिए, ताकि रेल सेवाएं सुरक्षित, सुचारु और समयानुसार संचालित होती रहें।

यह भी पढ़ेंः-Amarnath Yatra 2026: रावी और सेहर खड्ड के क्षतिग्रस्त पुलों का पुनः संचालन शुरू - तीर्थयात्रियों को बड़ी राहत
 

अन्य प्रमुख खबरें