झांसी: उत्तर प्रदेश के झांसी जिले में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बीते दिनों गैस प्लांट से गायब हुए 524 सिलेंडरों से लदे ट्रक की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने न केवल सात शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, बल्कि उनके पास से लाखों की नकदी और भारी मात्रा में सिलेंडर भी बरामद किए हैं। 11 मार्च की रात हुई इस पुलिस मुठभेड़ ने एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया, जो होली के त्योहारी सीजन का फायदा उठाकर बड़ी कमाई की फिराक में था।
घटना की शुरुआत 2 मार्च 2026 को हुई, जब करारी स्थित भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन (BPCL) प्लांट के बाहर एक ट्रक (UP93 BT 3341) खड़ा किया गया था। वादी नीरज कुमार अग्रवाल के मुताबिक, यह ट्रक कानपुर देहात के गजनेर जाने वाला था। होली के अवकाश के कारण चालक ट्रक को प्लांट के बाहर खड़ा कर गया था, लेकिन 6 मार्च को जब नजर पड़ी तो ट्रक वहां से नदारद था। शातिर चोरों ने न केवल ट्रक चोरी किया, बल्कि उसमें लदे 524 सिलेंडरों को ठिकाने लगाकर खाली ट्रक को पारीक्षा के पास एक ढाबे के सामने लावारिस छोड़ दिया। इस सनसनीखेज वारदात के बाद झांसी एसएसपी बीबीजीटीएस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वाट टीम, सर्विलांस और सीपरी बाजार पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए थे।
बीती रात मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस टीम संदिग्धों की तलाश में चेकिंग कर रही थी, तभी बदमाशों से आमना-सामना हो गया। खुद को घिरा देख बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई और घेराबंदी करते हुए पुलिस ने मौके से चार बदमाशों को दबोच लिया। उनकी निशानदेही पर छापेमारी कर तीन अन्य सहयोगियों को भी गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान जावेद, आमिर, रितिक, सुमित अहिरवार, शुभांकर परिहार, अभिषेक और सुरेन्द्र के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से एक देशी तमंचा (315 बोर), जिंदा कारतूस और खोखा बरामद किया है, जो इनके आपराधिक दुस्साहस की तस्दीक करता है।
पुलिस पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला है। इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड कोई बाहरी व्यक्ति नहीं, बल्कि प्लांट के ही पुराने जानकार थे। आरोपी जावेद और रितिक पहले गैस प्लांट में ट्रक चलाने का काम कर चुके थे, इसलिए उन्हें प्लांट की कार्यप्रणाली और ट्रकों की आवाजाही की पूरी जानकारी थी।
पुलिस की कड़ी पूछताछ में इस पूरी वारदात की परतें किसी फिल्मी पटकथा की तरह खुलती चली गईं। जांच में सामने आया कि वारदात की पटकथा बेहद शातिराना ढंग से लिखी गई थी। इसकी शुरुआत तब हुई जब रितिक ने, जिसे ट्रक चलाने का पुराना तजुर्बा था, 6 मार्च की सूनी रात का फायदा उठाकर सिलेंडर से लदे ट्रक पर हाथ साफ कर दिया और उसे लेकर चंपत हो गया। लेकिन वह अकेला नहीं था; कानून की नजरों से बचने के लिए मास्टरमाइंड जावेद और उसका साथी सुमित बाइक पर सवार होकर ट्रक के आगे-आगे 'पायलटिंग' कर रहे थे, ताकि रास्ते में पड़ने वाली किसी भी पुलिस चेकिंग या खतरे की सूचना रितिक तक समय रहते पहुंच सके।
सुरक्षित रास्ता तय करते हुए इस काफिले को चिरगांव के रास्ते समथर ले जाया गया, जहां गिरोह के अन्य सदस्य, आमिर, अभिषेक और सुरेन्द्र, पहले से ही मुस्तैद थे। इन लोगों ने साठगांठ कर एक गैस एजेंसी पर सभी 524 सिलेंडरों को ठिकाने लगा दिया और मोटी रकम वसूल ली। जब सारा माल बिक गया और जेबें गरम हो गईं, तो शातिर बदमाशों ने साक्ष्य मिटाने की नीयत से खाली ट्रक को पारीक्षा के पास स्थित 'अपना ढाबा' के सामने लावारिस खड़ा कर दिया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके और मामला महज एक लावारिस वाहन तक सीमित रह जाए। हालांकि, जावेद की एक गलती और पुलिस की पैनी नजर ने इस पूरे 'परफेक्ट क्राइम' की हवा निकाल दी।
झांसी पुलिस की तत्परता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने चोरी गए माल का बड़ा हिस्सा बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 389 भरे हुए सिलेंडर और 135 खाली सिलेंडर बरामद किए हैं।
इतना ही नहीं, पैसों के बंटवारे के बाद जावेद ने जो रकम अपने पास रखी थी, पुलिस ने उसके प्रेमनगर स्थित गढ़िया फाटक वाले घर से 11 लाख 10 हजार रुपये की नकद राशि बरामद की है। साथ ही, मौके से सिलेंडर बिक्री के अतिरिक्त 83,820 रुपये भी मिले हैं। इस तरह पुलिस ने कुल 12 लाख रुपये के करीब की नकदी बरामद कर बदमाशों की कमर तोड़ दी है।
एसएसपी झांसी ने इस सफल ऑपरेशन के लिए स्वाट और सीपरी बाजार पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है। जिस तरह से होली जैसे संवेदनशील समय पर इस बड़ी वारदात का खुलासा हुआ है, उससे आम जनता और व्यापारियों में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ा है। गिरफ्तार किए गए सातों अभियुक्तों के खिलाफ लूट, चोरी और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। यह घटना इस बात का सबक है कि औद्योगिक क्षेत्रों और ट्रांसपोर्टेशन में 'इनसाइडर थ्रेट' यानी पुराने कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखना कितना जरूरी है। झांसी पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। आगामी दिनों में पुलिस इन आरोपियों के पुराने आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है ताकि इनके पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जा सके।
अन्य प्रमुख खबरें
जनसुनवाई में झांसी का 'विजय रथ' बरकरार: लगातार 11वीं बार प्रदेश में अव्वल, जालौन ने भी लगाई हैट्रिक
बुंदेलखंड में समय से पहले 'तपन': मार्च में ही 38 डिग्री पहुंचा पारा, झांसी-बांदा रहे सबसे गर्म
पंचयात चुनाव से पहले योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब यूपी के हर गांव तक पहुंचेंगी बसें
मकून्स प्री-स्कूल में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर किया गया नारी शक्ति का सम्मान
West Bengal Election पर चुनाव आयोग सख्त: हिंसा बर्दाश्त नहीं, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
Rudawal: छात्राओं को मुख्यमंत्री निःशुल्क साइकिल वितरण योजना के तहत मिली साइकिलें, खिले चेहरे
एसिड अटैक व पीड़ित प्रतिकर स्कीम के बारे में छात्रों को किया जागरूक, लगाया गया शिविर