झांसीः उत्तर प्रदेश के झांसी रेंज पुलिस विभाग को अब पूरी तरह हाईटेक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। अपराधों की विवेचना को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और आधुनिक बनाने के लिए पुलिस कर्मियों को स्मार्टफोन, टैबलेट और पेन ड्राइव उपलब्ध कराई जा रही हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद पुलिस अब डिजिटल माध्यम से जांच करेगी और मुकदमों से जुड़े साक्ष्यों को ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाएगा।
झांसी रेंज के अंतर्गत आने वाले तीन जिलों झांसी, ललितपुर और जालौन को बड़ी संख्या में डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। इसके तहत झांसी जिले को 135 स्मार्टफोन, ललितपुर को 95 और जालौन को 102 स्मार्टफोन दिए गए हैं। वहीं टैबलेट की बात करें तो झांसी को 75, ललितपुर को 40 और जालौन को 53 टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के लिए झांसी को 320, ललितपुर को 290 और जालौन को 300 पेन ड्राइव भी दी गई हैं।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद पुलिस विवेचना का तरीका पूरी तरह बदल जाएगा। अब किसी भी मुकदमे से जुड़ी जानकारी डिजिटल रूप में सुरक्षित रखी जाएगी, जिससे फाइल या सबूत नष्ट होने की संभावना बेहद कम हो जाएगी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, विवेचक अब मौके पर पहुंचकर सीधे डिजिटल रिकॉर्डिंग करेंगे और उसे ऑनलाइन अपलोड करेंगे। इससे जांच प्रक्रिया तेज होने के साथ-साथ पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
झांसी रेंज पुलिस अब ‘ई-साक्ष्य ऐप’ के जरिए घटनास्थल की फोटो और वीडियो रिकॉर्ड कर अपलोड करेगी। प्रत्येक रिकॉर्डिंग अधिकतम 10 मिनट की होगी और एक ही एफआईआर में जरूरत के अनुसार कई रिकॉर्डिंग अपलोड की जा सकेंगी। इस तकनीक के माध्यम से पुलिस घटनास्थल से तुरंत डिजिटल साक्ष्य एकत्र कर सकेगी, जिससे अपराधियों तक पहुंचना और उन्हें गिरफ्तार करना आसान होगा।
पुलिस विभाग ने निरीक्षकों और दरोगाओं को डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और ई-सर्च ऐप के उपयोग का प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है। पुलिस कर्मियों को यह भी बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर कौन-से दृश्य, फोटो या वीडियो साक्ष्य के रूप में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसके अलावा वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी के सही तरीकों की जानकारी भी दी जा रही है।
झांसी रेंज के आईजी आकाश कुलहरी ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों में डिजिटल साक्ष्य की भूमिका काफी अहम हो गई है। गिरफ्तारी और अन्य पुलिस कार्रवाई के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग को अनिवार्य किया गया है। ऐसे में स्मार्टफोन और टैबलेट पुलिस की कार्यप्रणाली को अधिक आधुनिक और मजबूत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि ऑडियो और वीडियो साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और अदालत में पेश करने के लिए पेन ड्राइव का उपयोग किया जाएगा।
पुलिस अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल साक्ष्यों के इस्तेमाल से विवेचना में हेरफेर की संभावना कम होगी और अपराधियों को सजा दिलाने में भी मदद मिलेगी। फील्ड यूनिट को भी आधुनिक उपकरणों से लैस किया जा रहा है ताकि घटनास्थल से जुटाए गए सबूत अधिक सुरक्षित और प्रमाणिक तरीके से अदालत तक पहुंच सकें।
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