पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ AIPJA की हुंकार, पूरनपुर में हुई अहम बैठक

खबर सार :-
ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (AIPJA) ने अब पीलीभीत के पूरनपुर में पत्रकारों के दमन और उनके साथ हो रहे भेदभावपूर्ण व्यवहार के खिलाफ एक निर्णायक जंग का बिगुल फूंक दिया है। रविवार को पूरनपुर ब्लॉक ऑडिटोरियम में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक के दौरान, पत्रकारों के अधिकारों और गरिमा की रक्षा करने का एक ज़ोरदार संकल्प लिया गया।

पत्रकारों के उत्पीड़न के खिलाफ AIPJA की हुंकार, पूरनपुर में हुई अहम बैठक
खबर विस्तार : -

पीलीभीतः पूरनपुर में पत्रकारों के साथ हो रहे कथित उत्पीड़न और सौतेले व्यवहार के विरोध में ऑल इंडिया प्रेस जर्नलिस्ट एसोसिएशन (AIPJA) ने अब निर्णायक लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को पूरनपुर ब्लॉक सभागार में संगठन की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई। बैठक में संगठन को मजबूत करने और पत्रकारों की एकजुटता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

वरिष्ठ पदाधिकारी रहे मौजूद

बैठक का आयोजन राष्ट्रीय अध्यक्ष रविंद्र मिश्रा और मुख्य समन्वयक अनुराग सारथी के दिशा निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील अध्यक्ष द्वारा की गई। इस दौरान बरेली मंडल अध्यक्ष अनुज सक्सेना, जिला अध्यक्ष अभिषेक पांडे और जिला संरक्षक राजकुमार श्रीवास्तव समेत कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में वक्ताओं ने शासन और प्रशासन को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में कार्य कर रहे पत्रकारों का उत्पीड़न किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों पर फर्जी मुकदमे दर्ज कराना और प्रशासनिक दबाव बनाना स्वतंत्र पत्रकारिता को दबाने का प्रयास है, जिसका संगठन मजबूती से विरोध करेगा।

संगठन की मजबूती पर चर्चा

संगठन के विस्तार और मजबूती को लेकर भी चर्चा की गई। इस दौरान नए सदस्यों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया तथा उन्हें निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता के साथ संगठन की एकता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में बतौर विशिष्ट अतिथि पहुंचे भारतीय जनता पार्टी के मंडल अध्यक्ष मनोज वर्मा ने पत्रकारों की एकजुटता की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम के संचालन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तहसील प्रभारी सबलू खान ने संभाली। उनकी सक्रियता और बेहतर आयोजन की वरिष्ठ पदाधिकारियों ने खुलकर प्रशंसा की। बैठक के अंत में “पत्रकार एकता जिंदाबाद” और “ऐप्जा संगठन अमर रहे” जैसे नारों से पूरा ब्लॉक परिसर गूंज उठा।

पदाधिकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी भी पत्रकार साथी के साथ अन्याय या प्रताड़ना की गई, तो संगठन का प्रत्येक सदस्य सड़कों पर उतरकर लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराएगा। इस अवसर पर तहसील क्षेत्र के बड़ी संख्या में पत्रकार और संगठन से जुड़े कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया।


 

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