झांसी में आयुष्मान भारत योजना पिछड़ी, 8 साल में सिर्फ 60% लाभार्थियों के बने कार्ड

खबर सार :-
झांसी में आयुष्मान भारत योजना की प्रगति अपेक्षा से काफी धीमी रही है। 8 वर्षों में केवल 60 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के कार्ड बन सके हैं। अप्रैल में महज 1200 नए कार्ड जारी हुए। प्रदेश स्तर पर भी आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन में झांसी की स्थिति संतोषजनक नहीं मानी जा रही है।
झांसी में आयुष्मान भारत योजना पिछड़ी, 8 साल में सिर्फ 60% लाभार्थियों के बने कार्ड
खबर विस्तार : -

झांसीः केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रतिवर्ष पांच लाख रुपये तक का मुफ्त उपचार उपलब्ध कराना है। हालांकि झांसी जिले में इस योजना का लाभ पात्र लोगों तक अपेक्षित गति से नहीं पहुंच पा रहा है। विभागीय उदासीनता और जागरूकता की कमी के कारण बड़ी संख्या में पात्र लाभार्थी अब भी आयुष्मान कार्ड से वंचित हैं।

केवल 60 प्रतिशत लोगों को मिल रहा लाभ

जिले में अप्रैल माह के दौरान केवल लगभग 1200 नए आयुष्मान कार्ड ही बनाए जा सके। यह आंकड़ा योजना के व्यापक लक्ष्य की तुलना में काफी कम माना जा रहा है। वर्ष 2018 में योजना लागू होने के बाद से अब तक आठ वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन जिले के केवल 60 प्रतिशत पात्र लाभार्थियों के हाथों में ही आयुष्मान कार्ड पहुंच सके हैं।

सरकार ने 20 सितंबर 2018 को आयुष्मान भारत योजना की शुरुआत की थी। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग को पात्र परिवारों के आयुष्मान कार्ड बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। झांसी जिले में कुल 1,81,078 परिवार योजना के लिए पात्र पाए गए थे। इन परिवारों के 7,51,070 सदस्यों के आयुष्मान कार्ड बनाए जाने थे।

उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार स्वास्थ्य विभाग अब तक केवल 4,54,213 लोगों के कार्ड ही बना पाया है। इसका अर्थ है कि अभी भी लगभग तीन लाख से अधिक पात्र लोग योजना के लाभ से वंचित हैं। आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि विभाग प्रतिदिन औसतन 160 कार्ड और सालाना लगभग 58,900 कार्ड ही बना रहा है, जिससे लक्ष्य प्राप्ति की गति काफी धीमी बनी हुई है।

प्रचार-प्रसार की बनेगी रणनीति

हालांकि जिले के ग्रामीण क्षेत्रों ने शहरी क्षेत्रों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है। विकासखंड बड़ा गांव ने 67 प्रतिशत उपलब्धि के साथ पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बंगरा ब्लॉक 65 प्रतिशत उपलब्धि के साथ दूसरे स्थान पर रहा। अन्य ग्रामीण ब्लॉकों में भी आयुष्मान कार्ड निर्माण की प्रगति नगर क्षेत्र की तुलना में बेहतर दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि योजना के प्रति पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं होने तथा पात्र परिवारों तक सही जानकारी न पहुंचने के कारण बड़ी संख्या में लोग अभी भी कार्ड नहीं बनवा पाए हैं। इसके अलावा प्रशासनिक स्तर पर अभियान को अपेक्षित गति न मिल पाने का भी असर दिखाई दे रहा है।

इस संबंध में हाल ही में पदभार ग्रहण करने वाले झांसी के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिशिर पुरी ने कहा कि उन्होंने सोमवार से कार्यभार संभाला है और विभागीय योजनाओं तथा वर्तमान स्थिति की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आयुष्मान भारत योजना की प्रगति में जल्द सुधार लाया जाएगा और पात्र लाभार्थियों के कार्ड बनवाकर उन्हें योजना का पूरा लाभ दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

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