सरायरासी में रामकथा महोत्सव के प्रथम दिन पहुंचे दोनों उपमुख्यमंत्री, हुआ भव्य स्वागत

खबर सार :-
जनपद के सरायरासी में आयोजित ‘श्री राम कथा महोत्सव’ के प्रथम दिवस प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य एवं बृजेश पाठक पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से पूजन कर श्रीराम का आशीर्वाद लिया और जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह व परिवार से भेंट की।

सरायरासी में रामकथा महोत्सव के प्रथम दिन पहुंचे दोनों उपमुख्यमंत्री, हुआ भव्य स्वागत
खबर विस्तार : -

अयोध्याः जनपद के सरायरासी में आयोजित ‘श्री राम कथा महोत्सव’ के प्रथम दिवस प्रदेश के दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और बृजेश पाठक कथा स्थल पर पहुंचे। उन्होंने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर प्रभु श्रीराम का आशीर्वाद लिया। इसके बाद दोनों ने जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह और उनके परिवारजनों से मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने दोनों डिप्टी सीएम का किया स्वागत

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि श्रीराम कथा भारतीय संस्कृति और आस्था का केंद्र है, जो समाज में मर्यादा, सदाचार और सेवा का संदेश देती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों में धार्मिक तथा सांस्कृतिक चेतना मजबूत होती है। वहीं, उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने भगवान श्रीराम के जीवन को सभी के लिए आदर्श बताते हुए कहा कि कथा श्रवण से व्यक्ति के जीवन में नैतिक मूल्यों का विकास होता है और समाज में समरसता बढ़ती है।

जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह ने दोनों उप मुख्यमंत्रियों का स्वागत करते हुए कहा कि यह कथा महोत्सव क्षेत्रवासियों के लिए आस्था और भक्ति का विशेष अवसर है। उन्होंने बताया कि आयोजन का उद्देश्य लोगों को रामकथा से जोड़कर सामाजिक और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करना है।

महोत्सव में पीठाधिपति वेद विद्या प्रतिष्ठान (पुणे), महाराष्ट्र एवं श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद गिरी जी महाराज 19 से 27 मार्च तक कथा वाचन करेंगे। इससे पूर्व बुधवार को भव्य कलश यात्रा के साथ कथा का शुभारंभ हुआ, जबकि 28 मार्च को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।

भक्ति भाव से सुनी रामकथा

कार्यक्रम के सुचारु संचालन के लिए व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रतिनिधि आलोक सिंह रोहित ने बताया कि व्यवस्थाओं को सुचारु रखने के लिए वालंटियर तैनात किए गए हैं। पार्किंग, सुरक्षा, पेयजल, बैठने और यातायात प्रबंधन के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। इससे दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो और कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।

श्रद्धालुओं ने पहले दिन रामकथा में गहरी आस्था के साथ भाग लिया और भक्ति भाव में कथा का श्रवण किया। कार्यक्रम के दौरान सामाजिक और सांस्कृतिक संदेशों पर जोर दिया गया। आयोजकों ने बताया कि महोत्सव के दौरान सभी सुरक्षा मानकों का पालन किया जाएगा और श्रद्धालुओं को आरामदायक अनुभव सुनिश्चित किया जाएगा। इस प्रकार रामकथा महोत्सव न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण आयोजन साबित हो रहा है।
 

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