Ayodhya: शांति और सौहार्द के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, ईद की तैयारियों का उत्साह

खबर सार :-
अयोध्या में शुक्रवार की नमाज़ शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल में पढ़ी गई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुरक्षा कड़ी थी, पुलिस और प्रशासन हाई अलर्ट पर था। इमाम मौलाना समसुल कादरी ने ईरान और US के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता जताई।

Ayodhya: शांति और सौहार्द के साथ अदा की गई अलविदा जुमे की नमाज, ईद की तैयारियों का उत्साह
खबर विस्तार : -

अयोध्या: पावन नगरी अयोध्या में शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुई। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही, और पुलिस एवं प्रशासन पूरी मुस्तैदी के साथ हाई अलर्ट पर नजर बनाए हुए थे। प्रशासन ने मुख्य मस्जिदों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए, ताकि नमाजियों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

 अमन, शांति और भाईचारे की दुआ

अलविदा जुमे की नमाज टाट शाह मस्जिद में अदा की गई, जहाँ मुस्लिम समुदाय के लोगों की भारी उपस्थिति रही। शहर इमाम मौलाना समसुल कादरी के नेतृत्व में नमाज संपन्न हुई। नमाज के दौरान पूरे विश्व में अमन, शांति और भाईचारे के लिए विशेष दुआएँ की गईं। मौलाना कादरी ने ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव पर चिंता व्यक्त करते हुए सभी देशों में शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। उन्होंने यह भी कहा कि भारत भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक देश है, जहाँ विभिन्न धर्मों और संस्कृतियों के लोग आपसी सद्भाव के साथ रहते हैं।

नमाज के सफल आयोजन के लिए अयोध्या प्रशासन की सराहना की गई। प्रशासन ने मस्जिदों और आस-पास के क्षेत्रों में व्यवस्थित सुरक्षा और यातायात नियंत्रण सुनिश्चित कर कार्यक्रम को सहज और शांतिपूर्ण बनाया। मौलाना ने लोगों से प्रेम, भाईचारे और एकजुटता के संदेश को आगे बढ़ाने की अपील की, ताकि धार्मिक आयोजनों का माहौल सदैव सौहार्दपूर्ण बना रहे।

जोरों पर ईद की तैयारी

अलविदा जुमे के आयोजन के बाद अयोध्या में ईद उल फितर की तैयारियाँ जोरों पर हैं। शहर और ग्रामीण इलाकों में बाजारों में रौनक बढ़ गई है, लोग नए कपड़े, मिठाईयाँ और आवश्यक सामान खरीदने में व्यस्त हैं। मस्जिदों और समुदायिक केंद्रों में सजावट की जा रही है, ताकि शनिवार को पूरे उत्साह और धूमधाम के साथ ईद का पर्व मनाया जा सके।

इस प्रकार अलविदा जुमे की नमाज न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक रही, बल्कि अयोध्या की गंगा-जमुनी तहजीब, सामाजिक सौहार्द और एकता का भी सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है। नगरवासियों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ इसमें भाग लेकर अपने समाज और संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त किया।

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